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Digvijay Agrawal
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कौन कहता है
"पैसा"
सब कुछ
खरीद सकता है.
"दम" है
तो टूटे हुए
"विश्वास"
को पाकर दिखाए.

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लोनावला का एक सूनसान बंगला जिसमे शायद ही कोई रहता हो,
अरसे गुज़र गए इस बंगले के इर्द गिर्द कोई परिंदा भी भटका हो , वैसे ये बंगला एक बहुत बड़े फिल्म प्रोड्यूसर मिस्टर केशवदास मूलचंदानी का है , जो की ९० के दशक के मशहूर प्रोड्यूसर हुआ करते थे ,
अब वो इस दुनिया में नहीं रहे ,

उनका एक बेटा है रोहित जो लंदन में पढ़ लिख कर सेटल हो गया है , इस बंगले की देखभाल करने वाला अब कोई नहीं है, सारी प्रॉपर्टी मिस्टर मूलचंदानी के मैनेजर देखते हैं , इस बंगले के रखरखाव के लिए एक नौकर और एक वॉचमैन रख छोड़ा है ।

रोहित अपनी गर्लफ्रेंड के साथ इंडिया आता है घूमने के लिए ,
वो मैनेजर के साथ प्रॉपर्टी का मुआयना करता है , तब उसे पता
चलता है उसका एक बंगला लोनावला में भी है ,वो उस बंगले में
अपनी छुट्टियां बिताने का प्लान बनाता और दूसरे दिन सुबह
लोनावला पहुंच जाता , बांग्ला सजा हुआ है नौकर ने बंगले
को अच्छी तरह से साफ़ सुथरा कर रखा था ,
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मेरे पापा की 'औकात' ...प्रस्तुतिः मनोहर वासवानी
पाँच दिन की छुट्टियाँ बिता कर जब ससुराल पहुँची तो पति घर के सामने स्वागत में खड़े थे।  अंदर प्रवेश किया तो छोटे से गैराज में चमचमाती गाड़ी खड़ी थी स्विफ्ट डिजायर! मैंने आँखों ही आँखों से पति से प्रश्न किया तो उन्होंने गाड़ी की चाबियाँ थमाकर कहा: "कल से तुम इस ग...
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शैतान क्या हैं...?...बोधकथा
एक प्रोफेसर ने अपने छात्र से पूछा.... क्या वह भगवान था जिसने इस संसार की हर वस्तु को बनाया...? छात्र का जवाब : हां उन्होंने फिर पूछा : शैतान क्या हैं...? क्या भगवान ने इसे भी बनाया ? छात्र चुप हो गया.......! फिर छात्र ने आग्रह किया कि-क्या वह उनसे कुछ सवाल ...
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शेर के बाल से पति का इलाज...हिन्दी एरा
             एक बार एक भीषण युद्ध हुआ। युद्ध समाप्त होने के बाद उसकी भयावहता की यादें अपने साथ लिए सभी जिन्दा बच गए लोग अपने अपने घर लौट गए। इस युद्ध से लौटने के बाद लक्ष्मी का पति बिलकुल बदल गया था। युद्ध की भयावहता ने उसके दिलो-दिमाग पर बहुत गहरा असर किया...
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लक्ष्मी...अपनी मर्जी की मालिक है.....विजय विक्रान्त
सेठ करोड़ी मल का जैसा नाम था वैसे ही उसकी किस्मत थी।  लक्ष्मी की कृपा से धन दौलत की कोई कमी नहीं थी। व्यापार में  खूब कमाई हो रही थी और जीवन बहुत सुखी था। करोड़ी सेठ को पैसे से   बहुत ही अधिक प्यार था और वो इस की पूरी देख भाल करता था। एक  रात सपने में सेठ को ...
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च.तुर राज ज्योतिषी.......विजय विक्रान्त
महाराजा करमवीर सिंह के दरबार में राज ज्योतिषी पण्डित श्याम मुरारी की बहुत चर्चा थी और बड़ा मान था। राजा कोई भी काम ज्योतिषी की सलाह के बिना नहीं करता था। समय बीतता गया और राजा को अपनी सीमाओं को बढ़ाने की इच्छा दिन प्रति दिन प्रबल होती चली गई। एक दिन राजा ने ज...
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भाग्य का लिखा टल नहीं सकता....विजय विक्रान्त
                   बनारस के ज्योतिषाचार्य पण्डित कपिलदेव के बारे में प्रसिद्ध था वो जन्म कुण्डली और ग्रहों का अध्ययन करके किसी का भी भविष्य ठीक ठीक बता सकते थे। कभी कभी तो यदि ग्रहों का चक्कर अनुकूल न हो तो उपाय भी सुझा देते थे। अभी तक उनकी भविष्यवाणी या उच...
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चुड़ैल या परी
                                                     पुराने समय की बात है, एक विद्वान को फांसी लगनी थी। राजा ने कहा, "जान बख्श दें सही उत्तर मिल जाये कि आखिर स्त्री चाहती क्या है?"              विद्वान ने कहा, मोहलत मिले तो पता कर के बता सकता हूँ। एक साल की...
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आदतें नस्लों का पता देती हैं....प्रस्तुतिः ज्योति अग्रवाल
            बादशाह के यहॉं एक अजनबी नौकरी के लिए हाज़िर हुआ ।  क़ाबिलियत पूछी गई, कहा, "सियासी हूँ " (अरबी में सियासी अक्ल ओ तदब्बुर से मसला हल करने वाले को कहते हैं )।  उसे खास "घोड़ों के अस्तबल का इंचार्ज" बना लिया।          चंद दिनों बाद बादशाह ने अपने सबसे...
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