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Journalist Ramesh Kumar Nirbhik
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हम कौन है ? वैसे तो हम मात्र एक जीव आत्मा के कुछ भी नहीं है. लेकिन इस मृत्युलोक (दुनियाँ) में हर एक मनुष्य के शरीर की पहचान उसके नाम और काम से जानी जाती है. हम भी एक तुच्छ से जीव मात्र है. खुद को जीतो, फिर जग जीतो.
हम कौन है ? वैसे तो हम मात्र एक जीव आत्मा के कुछ भी नहीं है. लेकिन इस मृत्युलोक (दुनियाँ) में हर एक मनुष्य के शरीर की पहचान उसके नाम और काम से जानी जाती है. हम भी एक तुच्छ से जीव मात्र है. खुद को जीतो, फिर जग जीतो.

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पूर्वा जी को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं !

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हमारे जीवन का दर्शन ( दिसम्बर-2015 )
1   दिसम्बर  2015 : मोहजीत अपनी देह से भी नष्टो मोहा होते हैं. 2   दिसम्बर  2015 : कथनी और करनी में समरूपता रखना ही महान आत्मा का लक्षण है. 3   दिसम्बर  2015 : सच्ची सेवा वह है जिसमें सर्व की दुआओं के साथ ख़ुशी की अनुभूति हो. 4   दिसम्बर  2015 : ईश्वर से बुध...

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थोडा धैर्य रखें, थोड़े दिन की परेशानी है..देशहित में हर देशवासी की थोड़ी कुबार्नी के साथ बलिदान भी देना होगा.

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हमारे जीवन का दर्शन ( नवम्बर-2015 )
1 नवम्बर  2015 : हर स्थिति में सबको सम्मान देते चलें. घृणित भावनाओं से अपनी रक्षा करने के लिए दूसरों को सम्मान दीजिये.  2 नवम्बर  2015 : कभी-कभी सम्मान देना ही सबसे बड़ा योगदान सिद्ध होता है.  3 नवम्बर  2015 : यदि कोई आप पर हंसता है तो खिन्न न हो, क्योंकि कम...

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हमारे जीवन का दर्शन (अक्टूबर -2015 )
1 अक्टूबर 2015 : यदि आप दूसरों की कमजोरियों अपने मन में रखते हैं तब शीघ्र ही वे आपका अंग बन जाएँगी. 2 अक्टूबर 2015 : मन के संकल्पों को बीच-बीच में रोकने का अभ्यास कर लें तब थकावट नहीं होगी.   3 अक्टूबर 2015 : परमात्मा को अपना साथी बना लें तब चिंता की रेखाएं...

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1 सितम्बर 2015 :मान-शान की इच्छा से दिये गए लाख रूपये की तुलना में प्रेम व ईमानदारी से दान किये गए मुट्ठी भर चावल का अधिक महत्व है.
2 सितम्बर 2015 : यदि आप हिम्मत का पहला कदम आगे बढायेगे तब परमात्मा की सम्पूर्ण मदद मिल जायेगी.
3 सितम्बर 2015 : मुस्कराना, संतुष्टता की निशानी है. इसलिए सदा मुस्कराते रहो.
4 सितम्बर 2015 : क्या मेरे विचारों का स्तर ऐसा है कि मैं परमात्मा का बच्चा कहलाने का अधिकारी हूँ.
5 सितम्बर 2015 : स्वयं में दैवी गुणों का आह्वान करो तो अवगुण भाग जायेंगे.
6 सितम्बर 2015 : एक अच्छा, स्वच्छ मन वाला व्यक्ति दूसरों की विशेषताओं को देखता है. दूषित मन वाला व्यक्ति दूसरों में बुराई ही तलाशता है.
7 सितम्बर 2015 : जो संकल्प करो उसे बीच-बीच में दृढ़ता का ठप्पा लगाओ तब विजयी बन जायेंगे. आगे पढ़े......
निर्भीक-आजाद पंछी: हमारे जीवन का दर्शन ( सितम्बर -2015 )

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हमारे जीवन का दर्शन ( सितम्बर -2015 )
1 सितम्बर 2015 :मान-शान की इच्छा से दिये गए लाख रूपये की तुलना में प्रेम व ईमानदारी से दान किये गए मुट्ठी भर चावल का अधिक महत्व है. 2 सितम्बर 2015 : यदि आप हिम्मत का पहला कदम आगे बढायेगे तब परमात्मा की सम्पूर्ण मदद मिल जायेगी. 3 सितम्बर 2015 : मुस्कराना, सं...
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