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दीपक बाबा
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जब दुनिया ही तमाशा बन जाए - तो बक बक करने में बुराई क्या है.
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रात भर
रात भर मेघ बरसते रहे रात भर धरती भीगती रही पेड़ों के पत्ते खामोश रहे, रात भर और चांदनी भी मुंह चुराती रही कुछ सुना तुमने.. क्या.. दिल मेरा धडकता रहा  रात भर. मैं अपने दिल की सुनाता रहा   और तुम वीरान आँखों से बस देखती रही, रात भर. खामोशी भी कितने इम्तिहान ले...

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स्वप्न
न स्वप्न आने बंद होते है, न स्वप्न कभी पुरे होते . वो तो बस ... आपको भगा भगा कर थका कर  कहीं ठंडी छाँव में आपके सुस्ताने का इंतज़ार करते हैं. ताकि आपके तरोताजा हो उठने के बाद पुनः बेताल मानिंद आपकी पीठ कर सवार हो सकें. और याद दिला सकें... मंजिलें अभी बाकि है...

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जिसको रोटी, चिकन दारु, सड़क बिजली सब मिल गयी, उसकी तो समस्याएं और अधिक हो गयी, चीन कैसे बाज़ी मार गया, पाकिस्तान अभी तक जिन्दा क्यों है ? अमेरिका पर राष्ट्रपति आज रात खाने पर क्यों नहीं आया ? आई एस वाले अब तक इतनी हिंसा क्यों कर रहे हैं ?

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शासन करना बहुत आसन है, पर देश हित में कार्य करना बहुत मुश्किल .
आनंद बाबू, बहुत गहरी जड़ें जमी हैं इस देश में कांग्रेस की ... कहाँ तक तुम नष्ट कर पायोगे. कहाँ तक. चाणक्य की तरह अगर एक एक जड़ ही खोदते रहे तो सदियों बीत जायेंगी, और तुम्हारे पास समय नहीं है. फिर भी कांग्रेस दूसरा अवतार लेकर अगले चौराहे पर खड़ी मिलेगी. उसका रं...

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धर्म बेच देंगे !! आत्मा बेच देंगे , देश के तथाकथित बुद्धिजीवी गद्दार वतन बेच देंगे .,,,,,,,,,,,

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माहौल गर्म है
              देश में माहौल गर्म है. ट्विटर/फेसबुक  पर धड़ाधढ ख़बरें / विचार आ रहे है, जब तक आप सोचो नयी ट्वीट/पोस्ट आ जाती है. सारा दिन गहमागहमी. कन्हैया से लेकर बस्सी तक. कई ब्यान आये और कई पलट गए. मिनट मिनट में यारलोग भी अपडेट होते रहे/करते रहे.           ...

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Thanks Blogging धन्यवाद ब्लॉग्गिंग.
जिन्दगी का फ़लसफ़ा मोटी मोटी किताबें कालेज में पढ़ाई कर के मिलता है. इतना कॉलेज न जा कर मैंने समझा. बारह दर्जे की पढ़ाई के बाद प्रेस लाइन में कम्पोजिंग की नौकरी के दौरान आने वाली कुछ पुस्तकों की कम्पोजिंग कर के जाना की असल पढ़ाई अभी बाकी है मेरे दोस्त.  कम्पोजिं...

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