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Alaknanda Singh
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BITS पिलानी का शोध- वेद , मंत्र और मनोविज्ञान
वेदों की बात करते ही क्‍या हम दक्षिणपंथी हो जाते हैं, क्‍या वेद की बात से नकारात्‍मकता खत्‍म होती है, क्‍या वेदों में जिन मंत्रों का उल्‍लेख है-उनकी बात पिछड़ेपन की मानी जाए...आज इन सबपर सोचने का समय आ गया है जब चारों ओर ऋणात्‍मक ऊर्जा तैर रही हो तब इस संदर...

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नाक पै आफत
अंतर्राष्‍ट्रीय महिला दिवस गुजर गया, होली भी हो ली और हुरंगा भी... मगर इस बीच कुछ घटनाऐं ऐसी  घटीं जिनसे बात बात में 'नाक' आड़े आई। कहीं तीन तलाक मामले में मुस्‍लिम महिलाओं ने उलेमाओं  की नाक को नीचा किया तो कहीं महिला प्रधान फिल्‍मों पर सेंसर बोर्ड की नाक ...

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क्रोध लाल रंग, ईर्ष्‍या हरे रंग, आनंद जीवंतता पीले रंग से जुड़े होते हैं
श्री श्री रविशंकर  ने  कहा
कि चैतन्य होकर हम अज्ञानता और नकारात्मकता के काले रंग को मिटा सकते हैं।
इससे हमारे जीवन में आनंद और जीवंतता के पीत रंग के साथ-साथ और भी कई रंग
भर जाते हैं। इस आनंद का उत्सव शरीर और मन के साथ-साथ चेतना भी मनाती है होली (13 मार्च...

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कंकाल के साथ
बचपन में पढ़े थे सुभाषितानि...हमें संस्‍कृत पढ़ाने वाले शास्‍त्री जी कक्षा में एक एक बच्‍चे को खड़ा करके एक एक श्‍लोक रटवाते थे, फिर उनके अर्थ और प्रयोग पूछते थे तब हमें ये कतई नहीं पता था कि इनका हमारे जीवन में किस तरह पग पग पर प्रयोग होगा और किस तरह हमें ...

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फणीश्वर नाथ रेणु का जन्‍मदिन आज: 'मैला आंचल' लिखकर रेणु ने रेणु की ही बात कही
रेणु का मतलब होता है बालू- रेत- रेती सो अपने नाम को सार्थक करते  वो धूल से सने रस्‍ते, गली गांव चौबारे से निकलती खुश्‍बुऐं, दामन को  बच बचाकर चलती बतकहियों और हकीकतों को समेटते रहे। जी हां !  'इसमें फूल भी है, शूल भी, धूल भी है, गुलाब भी, कीचड़ भी है, चंदन ...
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