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Anju Anand (jyotishacharya)
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Anju Anand– A Research Scholar & academically learned Astrologer : Anju Anand carved her niche in the field of mystical and occult sciences since her young age. She was always attracted to the mystery of fortune telling and cosmic sciences .
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रवि पुष्य योग : रविवार को पुष्य नक्षत्र का होना अमृत के समान माना गया है | पुष्य को ऋग्वेद में तिष्य अर्थात शुभ या माँगलिक तारा भी कहते हैं। पौष मास की पूर्णिमा को चन्द्रमा पुष्य नक्षत्र में रहता है। इस नक्षत्र का स्वामी ग्रह शनि है।
सभी नए सामान की खरीदारी, सोना, चांदी की खरीदारी के लिए पुष्य नक्षत्र को सबसे पवित्र माना जाता है।
पुष्य नक्षत्र में शिव-पार्वती, इंद्रदेव  और भैरव  बाबा की पूजा से धन-संपत्ति, वैभव और सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है|
रवि पुष्य में सोने चाँदी या ताम्बे की अंगूठी धारण करना अति शुभ माना गया है।
पुष्य को फूल की तरह खिलने वाला नक्षत्र माना गया है. और एक ताजे खिले हुए पुष्प की ही भांति पुष्य नक्षत्र के दौरान जो तरंगे निकलती है वो मनुष्य के अंदर और उसे आस-पास के वातावरण में बेहद मजबूत सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह करती हैं. जिसके कारण जातक का हर काम सफलता के साथ पूर्ण होता है और इसलिए पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा गया है
सबसे विनाशकारी नक्षत्र – कृतिका
विपत्त तारा – मघा, मूल, अश्विनी
प्रत्यारी तारा –उत्तरफाल्गुनी,उत्तराषाढ़,कृतिका
वध तारा – चित्रा, धनिष्ठा, मृगशिरा
मित्र तारा – स्वाति, विशाखा, शतभिषा, पूर्वभाद्रपद, आर्द्रा, पुनर्वसु
सबसे सहज तारा- कृतिका
सबसे असहज तारा - पूर्वाषाढ़ा और श्रवण
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पंचांग 10 जनवरी,2016 रविवार के लिए
आज का नक्षत्र  - पूर्वाषाढ़ा 
नक्षत्र मंडल का 20वाँ नक्षत्र
 राशि  - धनु 
नक्षत्र स्वामी  - शुक्र
नक्षत्र का अर्थ युद्ध की घोषणा
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में जन्मे जातक  निडर, आक्रामक होते हैं | लेकिन कुछ परिस्तिथियों में, जब ये साहसी होने का नाटक करते हैं, लेकिन तब भी परिस्थितियों या लोगो द्वारा मजबूर किये जाने पर ये उस स्तर पर पहुंच जाते हैं | 
ये अपनी कमियों को देखने में विफल हो जाते हैं और आलोचनात्मक हो जाते हैं  पूर्वाषाढ़ा में उपस्थित चंद्रमा इंगित करता हैं कि इनसे बहस में कोई नहीं जीत सकता हैं | ये बेहद जिद्दी होते हैं और अगर उकसाया जाय तो  नफ़ा नुकसान सोचे बिना निर्णय ले लेते हैं | 

इनका अपने दोस्तों के साथ मजबूत लगाव होता हैं | लेकिन इन्हे अजनबियों के माध्यम से अधिक लाभ होता हैं | ये भगवान से डरने वाले, विनम्र, ईमानदार और द्वेष और पाखंड से कोसो दूर होते हैं | 
इनकी धर्म और अनुष्ठान में रुचि होती हैं | इस नक्षत्र के जातक पानी (नदियों और समुद्र) द्वारा यात्रा को बढ़ावा देते हैं | इन्हे यौन संबधो की ज्यादतियों से भी बचना चाहिए | इन्हे गर्भाशय और मूत्राशय से संबंधित रोगों से सावधान रहना चाहिए | पेशे से, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के लोग शिपिंग, नौकायन, समुद्री जीवन और पानी की उपयोगिताओं से संबंधित कार्य करते हैं |
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कार्तिक मास शुक्ल पक्ष नवमीअक्षय नवमी

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