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karimunna
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किसके भरॊसे इनकॊं छॊड़ा उन्हॊंने, इन कॊ बेसहारे
ईश्वर अल्लाह परमपिता खुदा रहीम राम रहमान, इतने सारे ऊपर वाले, फ़िरभी दुखी क्यूँ इंसान। कभी जच्चा, कभी बच्चा, कभी दोनॊं मरते बेचारे, किसके भरॊसे इनकॊं छॊड़ा उन्हॊंने, इन कॊ बेसहारे, क्या इनकी खातिर नहीं है, एक भी दिव्य विधान। ईश्वर अल्लाह परमपिता खुदा रहीम राम...
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ईश्वर अल्लाह परमपिता खुदा रहीम राम रहमान, इतने सारे ऊपर वाले, फ़िरभी दुखी क्यूँ इंसान। कभी जच्चा, कभी बच्चा, कभी दोनॊं मरते बेचारे, किसके भरॊसे इनकॊं छॊड़ा उन्हॊंने, इन कॊ बेसहारे, क्या इनकी खातिर नहीं है, एक भी दिव्य विधान। ईश्वर अल्लाह परमपिता खुदा रहीम राम...
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अरे, इस देश का कॊइ मंतरी या प्रधान है कि नहीं।
कॊई कानून से ऊपर तॊ कॊई कानून से बाहर है, अरे, इस देश का कॊइ मंतरी या प्रधान है कि नहीं। कहीं हत अखलाक तॊ कहीं बलात्कृत ज्यॊति है, माँ भारती सिसक सिसक कर दिन रात रोती है, आज कवि सवाल पूछता सिर झुकाये सादर है, अरे, इस देश का कॊई पति या प्रधान है कि नहीं। कही...
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माघ पूस की रात खुले में सोते बेघर, बेदर, बेकल बच्चे। कैसे कहें इनके ईश्वर अल्लाह सबसे अच्छे, सबसे सच्चे। माघ पूस की रात सड़क पर सोये माँ संग बचपन फटेहाल। कैसे कहें इनके भगवान,भगवती सिंगार-पटार से मालामाल। ये माघ पूस के रात दिन बच्चे बच्चियाँ करते भारी काम कै...
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मारे मारे फिरते हैं बेकस बेकल इंसान, कैसे तेरे अल्लाह,खुदाया,परमपिता भगवान। इस कदर भूखे प्यासे जन औ माघ पुस की रात, हैवानॊं से भी गई बीती है मानुष की जात, देख कर इनकी हालत दुखी औ पस्त है शैतान। मारे मारे फिरते हैं बेकस बेकल इंसान, कैसे तेरे अल्लाह,खुदाया,पर...
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 अपना देश बड़ा प्यारा देश, जिसकी लाठी उसी की भैंस। वैज्ञानिक बन गये हैं सब पाखंडी, विद्वान हो गया है हर हर शिखंडी, अब कौन किसकॊ रोके नरेश। अपना देश बड़ा प्यारा देश, जिसकी लाठी उसी की भैंस। साहित्यकार बन गये सब कायर, बुज़दिल हो गये हैं सारे शायर, कौन कहे कि राज...
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अरे इस धरती का कॊई ईश्वर अल्लाह या परमपिता है कि नहीं।
इधर देखॊ तो लूट पाट, उधर देखॊ तॊ मार काट, अरे इस पृथ्वी का कॊई ईश्वर अल्लाह या परमपिता है कि नहीं। जल रहे हैं इंसानी सभ्यता के जनम स्थान, मज़हब की मार से मानवता है लहूलुहान, धर्म बना आतंक दिन भी है आंतहीन रात अरे इस धरती का कॊई ईश्वर अल्लाह या परमपिता है कि ...
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