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अज़ीज़ राय
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महात्मा गांधी विज्ञान के विरोधी नहीं थे बल्कि तकनीक पर मनुष्य की जरूरत से ज्यादा निर्भरता के विरोधी थे।
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बुद्ध, चाणक्य, अरस्तू, आर्यभट्ट, विंची, शेक्सपियर, न्यूटन, ग़ालिब, आइंस्टीन, हॉकिंग, फाइनमेन, स्टीव जॉब्स, बिल गेट्स आदि नाम आज भी बहुत अधिक प्रसिद्ध हैं। कुछ लोग अपने सहजबोध को इनके नाम से प्रचारित कर देते हैं। जो अधिकतर बार एक सत्य होता है। सहजबोध होने के कारण समाज इन कथनों को तत्काल स्वीकार लेता है। परन्तु इसके उलट कुछ लोग इन नामों की प्रतिष्ठा पर आघात करते हैं ताकि उनकी बराबरी का दर्जा पा सकें। अधिकतर विज्ञान-संचारकों के द्वारा यह प्रचारित-प्रसारित किया जाता है कि अरस्तू के मत अनुसार - एक ही ऊँचाई से छोड़ी गयी भारी वस्तु कम भारी वस्तु की तुलना में पृथ्वी तल को सबसे पहले छुएगी। जबकि अरस्तू की खोजों के आधार पर यह निष्कर्ष निकलता ही नहीं है तो विज्ञान-संचारकों के द्वारा अरस्तू के नाम पर यह खंडन क्यों किया जाता है?
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बौद्धिक संपदा के अधिकार के रहते मानव जाति की उपलब्धियाँ इतिहास के गर्त में खोती नहीं हैं। बल्कि मानव जाति अब उन उपलब्धियों से आगे बढ़ने के लिए प्रयास करती है। इसलिए सभी देश की सरकारों को मूल अधिकारों की ही तरह बौद्धिक अधिकार को भी बराबर महत्त्व देना चाहिए।
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विज्ञान का स्वरूप
ज्ञान और विज्ञान में सिर्फ इतना सा फर्क है कि ज्ञान हमें सिद्धांत, नियम, तथ्य अथवा जानकारी के रूप में ज्ञात होता है। जबकि विज्ञान उस ज्ञात ज्ञान तक पहुँचने का माध्यम है। अर्थात किसी भी ज्ञान तक पहुंचने की पद्धति का ज्ञान विज्ञान कहलाता हैं। "स्वाभाविक रूप स...
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ब्रह्माण्ड के संभावित परिदृश्य
जब हम अपने व्यक्तिगत कार्यों को अंजाम देने में लगे होते हैं तब हम दूसरों को नज़र अंदाज़ करते रहते हैं। नज़र अंदाज़ करने के लिए हमें अलग से किसी कार्य को करना नहीं होता। बल्कि नज़र अंदाज़ करने का यह सिलसिला तो व्यक्तिगत कार्यों में फसे होने के परिणाम स्वरुप खुदवा ...
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ईश्वर के हस्तक्षेप की शर्त
ईश्वर कोई विषय नहीं है, जिस पर चर्चा हो। चर्चा तो गुणधर्मों पर की जाती है। और जब ईश्वर का अस्तित्व ही संशय का विषय हो तो ईश्वर पर चर्चा कैसी हो सकती है ? परन्तु विज्ञान के लिए ईश्वर का अस्तित्व एक विषय है। क्योंकि हो सकता है कि ईश्वर का अस्तित्व ब्रह्माण्ड ...
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विज्ञान... विज्ञान... विज्ञान...
विज्ञान... विज्ञान... विज्ञान... मैं तो तंग आ गया हूँ। ये सुन-सुन के कि हमारा धर्म वैज्ञानिक है ! तो कोई कहता है कि हमारी सभ्यता वैज्ञानिक थी ! हाँ, किसकी सभ्यता अधिक वैज्ञानिक थी इस पर चर्चा जरूर हो सकती है ? यहाँ तक तो ठीक था क्योंकि ये सभी लोग किसी न किस...
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विज्ञान के अनुप्रयोग
भारतीय विज्ञान कांग्रेस का मुम्बई अधिवेशन समाप्त हुआ ही था कि विज्ञान के जानकारों ने अधिवेशन की चर्चाओं में दिलचस्पी लेना शुरू कर दिया। कुछ ही समय बाद यह सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बन गया। मजेदार बात यह है कि सोशल मीडिया के जिस किसी प्लेटफार्म में यह मंथ...
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हम सोचते कैसे हैं ?
विज्ञान क्या है ? :  यानि की बाजू में रखा मेरा पेन वस्तु है। सामने से गुजरने वाली महिला मनुष्य है। गाना सुनाने वाला उपकरण मशीन (यंत्र) है। मुँह से निकलने वाली वाणी भाषा है। हमारा समाज या देश एक व्यवस्था है। रोड पर बाईं ओर से चलना नियम है। पहचान पत्र के लिए ...
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शिक्षा का महत्व
वाणिज्य संकाय के १२ वी. पास उस लड़के के इस कथन ने मुझे अंदर से झकझोर दिया कि भैया, पढ़ाई-लिखाई करने से क्या मिलेगा ? पढ़ाई-लिखाई करने से तो नौकरी भी नहीं मिलती ! इसलिए चने बेच रहा हूँ। कुछ नहीं कह सकता था। इसलिए चुपचाप वहाँ से चने लेकर अपने कमरे में लौट आया। ब...
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