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21 September 2018http://azaadbharat.org श्राद्ध पक्ष : 24 सितम्बर से 8 अक्टूबर तक  भारतीय संस्कृति की एक बड़ी विशेषता है कि जीते-जी तो विभिन्न संस्कारों के द्वारा, धर्मपालन के द्वारा मानव को समुन्नत करने के उपाय बताती ही है, लेकिन मरने के बाद, अंत्येष्टि…
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20 September 2018 http://azaadbharat.org गाय माता देश की धरोहर है और उसमें 33 करोड़ देवताओं का वास होता है, देश में गौभक्त सदियों से लड़ाई लड़ रहे हैं पर न न्यायालय सुन रहा है और ना ही सरकार, लेकिन अभी एक खुशी की खबर आई है कि उत्तराखंड में विधानसभा में गाय…
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20 September 2018 http://azaadbharat.org गाय माता देश की धरोहर है और उसमें 33 करोड़ देवताओं का वास होता है, देश में गौभक्त सदियों से लड़ाई लड़ रहे हैं पर न न्यायालय सुन रहा है और ना ही सरकार, लेकिन अभी एक खुशी की खबर आई है कि उत्तराखंड में विधानसभा में गाय…
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19 September 2018 http://azaadbharat.org आजकल हामिद अंसारी, पूर्व उपराष्ट्रपति का आपने विदाई भाषण में दिया गया बयान कि भारत में मुस्लिम भयभीत हैं, चर्चा में है । उनका यह बयान कांग्रेस की अल्पसंख्यक के नाम पर बरगलाने की पुरानी नीति का अनुसरण मात्र है ।…
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19 September 2018 http://azaadbharat.org आजकल हामिद अंसारी, पूर्व उपराष्ट्रपति का आपने विदाई भाषण में दिया गया बयान कि भारत में मुस्लिम भयभीत हैं, चर्चा में है । उनका यह बयान कांग्रेस की अल्पसंख्यक के नाम पर बरगलाने की पुरानी नीति का अनुसरण मात्र है ।…
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18 September 2018http://azaadbharat.org इसरो के वैज्ञानिक नंबीनारायणन की कहानी देश के हर नागरिक को जाननी जरूरी है क्योंकि हमारे देश में इतनी भ्रष्ट व्यवस्था है कि जो भी व्यक्ति देशहित में कार्य करना शुरू कर देता है तो उसके खिलाफ राष्ट्रविरोधी ताकतों के…
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18 September 2018http://azaadbharat.org इसरो के वैज्ञानिक नंबीनारायणन की कहानी देश के हर नागरिक को जाननी जरूरी है क्योंकि हमारे देश में इतनी भ्रष्ट व्यवस्था है कि जो भी व्यक्ति देशहित में कार्य करना शुरू कर देता है तो उसके खिलाफ राष्ट्रविरोधी ताकतों के…
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17 September 2018 http://azaadbharat.org  हिन्दू त्यौहार में मिठाईयां खूब खाई जाती है, उसमें भी मेहमानों को आकर्षित करने के लिए चांदी के वर्क वाली मिठाईयां ख़रीद के खाई जाती हैं और खिलाई जाती हैं ।  देशभर में गणेश महोत्सव की धूम मची है, उसमे भी वर्क वाली…
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17 September 2018 http://azaadbharat.org  हिन्दू त्यौहार में मिठाईयां खूब खाई जाती है, उसमें भी मेहमानों को आकर्षित करने के लिए चांदी के वर्क वाली मिठाईयां ख़रीद के खाई जाती हैं और खिलाई जाती हैं ।  देशभर में गणेश महोत्सव की धूम मची है, उसमे भी वर्क वाली…
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🚩IPS अधिकारी, फ़िल्म सितारे व अन्य लोग आत्महत्या क्यों कर रहे हैं ?

16 September 2018
http://azaadbharat.org

🚩पिछले कुछ महीनों से देख रहे हैं कि देश में IPS अफसरों कि आत्महत्या कि खबरें सुर्खियों में रहती है ।

11 May 2018 मुंबई, महाराष्ट्र ATS(Anti-Terror Squad)के सीनियर पुलिस अफसर हिमांशु रॉय जो कैंसर से पीड़ित थे, उन्होंने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार दी ।

🚩29 May 2018 लखनऊ, उत्तर प्रदेश ATS के सीनियर पुलिस अफसर राजेश साहनी ने भी अपनी सर्विस रिवॉल्वर से अपने आप को गोली मार दी ।

5 Sept 2018 कानपुर के 30 साल के IPS अफसर सुरेंद्र दास, जो SP के उच्च पद पर आसीन थे, उन्होंने जहर खाकर आत्महत्या कर ली ।

🚩ऐसे ही कई फ़िल्मी सितारे भी आत्महत्या कर लेते हैं,परीक्षा में मार्क्स कम आने के कारण विद्यार्थी भी आत्महत्या कर लेते हैं, कर्ज ना चुकाने के कारण किसान भी आत्महत्या कर लेते हैं ।। इन आत्महत्याओं के कई और भी कारण हो सकते हैं, पर अंत में तो यही कहा जाएगा कि दुःख झेलने कि क्षमता नहीं रही होगी उनकी ।

🚩लाखों करोड़ों लोगों में से कोई-कोई खूब मेहनत कर के IAS या IPS बनता है, और वो इस तरह अपना जीवन समाप्त कर दे ये समाज के लिए क्षति ही है । निरंतर बढ़ती आत्महत्या की दर बेहद चिंताजनक है | इसका उपाय क्या है ? दुःख तो सभी के जीवन का हिस्सा है, अर्जुन भी दुःख से ग्रसित था तभी भगवान श्रीकृष्ण ने उसे रणभूमि में ज्ञान देकर विषाद से मुक्त किया और धर्म क्या है वो उसे समझाया, ये अद्भुत ज्ञान हमारे पास श्रीमद भगवद्गीता के रूप में आज भी मौजूद है, जिन्होंने इस ज्ञान का उपदेश करनेवाले महापुरुषों का आश्रय लिया है, वो समतावान बनकर जीवन की कठिन से कठिन परिस्थिति को हँसते-खेलते पसार होने देते हैं।

🚩जो संत और शास्त्र से जुड़े हैं वे आज दुःखों के बीच रहते हुए भी जिंदादिली से जी रहे हैं और दूसरों का भी उत्साह बढ़ाते हुए उनका मार्गदर्शन करते हैं । ऐसा एक नाम है गुजरात के जांबाज IPS अफसर डी. जी. वंजारा, जिन्होंने गुजरात में आतंकवाद को पनपने नहीं दिया । जिनकी वजह से आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जीवित है । वर्ना तत्कालीन मुख्यमंत्री मोदी को मारने के लिए ही आतंकवादी भेजे गए थे, जिनका एनकाउंटर डी. जी. वंजारा ने किया था, पर अफ़सोस ! इनाम में मेडल देने की जगह उन्हें झूठे केस में 8 साल तक जेल में भेज दिया गया । वंजारा जी अपने गुरु पूज्य आशारामजी बापू से बचपन से जुड़े हैं । अपना जीवन उन्होंने गुरुदेव के मार्गदर्शन से संवारा है । यही वजह है कि जेल में रहते हुए भी वे समता में रहे । वहां उन्होंने राष्ट्रभक्ति की कविताएँ लिखीं । अन्य कैदियों को अध्यात्मिक जीवन जीने की प्रेरणा दी और आज बाहर आकर उन्होंने समाजसेवा का कार्य फिर से शुरू कर दिया है । झूठे केस के कारण बदनामी हुई, परिवार को भी कष्ट पहुँचा, ऊपर से निर्दोष होते हुए इतने साल जेल में रहना पड़ा, फिर भी उनके मन में आत्महत्या का विचार तक नहीं आया, ये उनका गुरुदेव और शास्त्रों के प्रति आदर का ही परिणाम है ।

🚩ठीक ऐसे ही साध्वी प्रज्ञासिंह को भी झूठे केस में जेल में कई सालों तक खूब प्रताड़ित किया गया, उनकी रीड की हड्डी तोड़ दी गई, कैंसर भी हो गया, पर उनका मनोबल कोई नहीं तोड़ पाया । इनके जैसे जितने भी सनातन धर्मावलंबी है उनका मनोबल टूटता नहीं, क्यों ? क्योंकि ये जानते हैं कि हिंदु धर्म शास्त्रों में आत्महत्या को महापाप बताया है । यहाँ तक ये भी वर्णन आता है कि आत्महत्या करनेवाले की श्मशान यात्रा में भी नहीं जाना चाहिए । हमारे शरीर को खत्म करने का हक़ हमें नहीं है ।

🚩।। शरीर माध्यम खलु धर्म साधनम ।।
अर्थात हमारा यह शरीर धर्म की साधना करने का सर्वोत्तम माध्यम है ।

🚩लेकिन भोगवाद और मॉडर्न बनने के चक्कर में हम अपनी संस्कृति को ही भूल रहे हैं, जिसका भयावह परिणाम हमें समाज में देखने को मिलता है । इन बातों से ये साबित होता है कि सिर्फ अच्छी पढ़ाई लिखाई और रुतबा मिलने से कुछ नहीं होता । ऊपर-ऊपर से धार्मिक होने से भी कुछ नहीं होता, पर श्रीमद भगवद्गीता के चौथे अध्याय के 34वें श्लोक अनुसार गुरुदेव के पास जाकर उनसे जीवन जीने की कला सीखनी होगी । शास्त्र निर्देशित जीवन जीना होगा। पश्चिमी संस्कृति का अंधानुकरण छोड़ अपनी भारतीय संस्कृति को अपनाना होगा । तभी एक तंदुरस्त समाज बनेगा जिसमें आत्महत्या का दर नहीवत होगा ।

🚩खैर, जो अचानक चल बसे हैं उनकी आत्मा को भगवान शांति दे और उनके परिवार को ये दुःख सहन करने की शक्ति दे ।

भारत में हर साल एक लाख से ज्यादा लोग आत्महत्या करते हैं, जो विश्व के औसत का बड़ा हिस्सा है ।

🚩सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2014 में 1,31,666 लोगों ने आत्महत्या की । #आत्महत्या करने वालों में 80% लोग साक्षर थे, जो देश की राष्ट्रीय साक्षरता दर 74% से अधिक है ।

🚩छोटे-मोटे नहीं, गेटे जैसे विद्वान भी कभी आत्महत्या का विचार कर लेते हैं, परंतु डर के मारे कर नहीं पाते । कई विद्वान भी आत्महत्या कर लेते हैं क्योंकि वेदव्यासजी का ज्ञान नहीं है । नहीं तो एक कुत्ता जिसकी टाँग कटी है, पूँछ कटी है, शरीर में घाव पड़े हैं उसको कोई मारने जाय तो अपने जीवन की रक्षा के लिए सब प्रयत्न करेगा और आज का मानव आत्महत्या कर लेता है, कितनी बेवकूफी है ।

🚩‘स्कंद पुराण’ के काशी खंड, पूर्वार्द्ध (12.12,13) में आता है : ‘आत्महत्यारे घोर नरकों में जाते हैं और हजारों नरक-यातनाएँ भोगकर फिर देहाती सूअरों की योनि में जन्म लेते हैं । इसलिए समझदार मनुष्य को कभी भूलकर भी आत्महत्या नहीं करनी चाहिए । आत्महत्यारों का न तो इस लोक में और न परलोक में ही कल्याण होता है ।’

‘पराशर स्मृति (4.1,2)’ के अनुसार ‘आत्महत्या करनेवाला मनुष्य 60 हजार वर्षों तक अंधतामिस्र नरक में निवास करता है ।’

🚩मनुष्य विषय-विलास, शराब-कबाब और डिस्को में जा करके पिशाच-सा जीवन जीकर मरने को नहीं आया है । #आत्महत्या करना भोगी और #कायर मन की पहचान है । सत्कर्म, सद्गुरुओं का सान्निध्य-सेवन और आत्मसाक्षात्कार करके मुक्त होना यह मनुष्य मन की पहचान है ।

🚩नासमझ लोग क्या करते हैं ? जरा-सा दुःख पड़ता है तो दुःख देनेवाले पर लांछन लगाते हैं, परिस्थितियों को दोष देते हैं अथवा अपने को पापी समझकर अपनेको ही कोसते हैं । कुछ कायर तो आत्महत्या करने तक का सोच लेते हैं । कुछ पवित्र होंगे तो किन्हीं संत-महात्मा के पास जाकर दुःख से मुक्ति पाते हैं ।

🚩जो गुरुओं के द्वार पर जाते हैं उनको कसौटियों से पार होने की कुंजियाँ सहज में ही मिल जाती हैं । इससे उनके दोनों हाथों में लड्डू होते हैं । एक तो संत-सान्निध्य से हृदय की तपन शांत होती है, समस्या का हल मिलता है, साथ-ही-साथ जीवन को नयी दिशा भी मिलती है ।

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