Profile cover photo
Profile photo
Rajul Kumar
168 followers -
Decoding the Life..!
Decoding the Life..!

168 followers
About
Posts

Post has attachment

Post has attachment
मैं चाहता हूँ: Mein Chahta Hun...
माँ सरस्वती की असीम कृपा से एक स्वरचित कविता जिसका शीर्षक है –   “  मैं चाहता हूँ ” चाहता हूँ कि ज़ी भर के तेरे रुख़ को देखूँ, तेरी झील सी आँखो मे तैरना चाहता हूँ ।। चाहता हूँ तेरे लबों पे लब रखना, तुझको अपनी बाहों मे जकड़ना चाहता हूँ ।। चाहता हूँ तेरे भीगे...

Post has attachment

Post has attachment
आइए फिर से लें यही शपथ: Aaiye Fir Se Le Yahi Shapath…
नमस्कार, आप सभी देशवासियों को ६७वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। आप सभी जानते है कि, जनवरी २६, १९५० को भारतीय गणतंत्र का जन्म हुआ। लेकिन क्यों? इसकी क्या आवश्यकता थी? क्या आज़ाद होना ही काफ़ी नही था? आख़िर क्यों हमारे पूर्वजों ने ३ वर्ष के मंथन के बा...

Post has attachment

Post has attachment
नारी: Naari...
माँ सरस्वती की असीम कृपा से एक स्वरचित कविता जिसका शीर्षक है – “नारी ” वो हमको इस दुनिया मे लायी अपना अमृतमयी नीर पिलाकर पाला पोषा अपना सुख दुख भुलाकर पूरा स्नेह लुटा दिया हमारे हर एक आँसू, हर एक दर्द पर वो सौ-सौ आँसू रोई है हमारी हर एक मुस्कान पे उसने कई क...

Post has attachment

Post has attachment
नया साल नया सवेरा: Naya Saal Naya Savera…
भूली बिसरी यादों के साथ समय चक्र आ पहुँचा है फिर से उसी छोर पर जहाँ बैठकर बुने थे हमने लाखों सपने जहाँ तय की थी हमने अपनी नई मंजिले सारे उतार-चढ़ावों का हिसाब भी लगाया था दोस्तों के साथ बैठकर सुख-दुख भी बाटें थे और कैसे उस हबीब की याद मे हम खोये खोये से थे ...

Post has attachment

Post has attachment
मन के अंधेरे मिटा ना पाये : Mann Ke Andhere Mita Naa Payee...
माँ सरस्वती की असीम कृपा से एक स्वरचित कविता जिसका शीर्षक है – “मन के अंधेरे मिटा ना पाये” इस दीपावली, जुर्म का शिकार हुए हज़ारों लोगो को समर्पित हज़ारों की फुलझड़िया फूँकी लाखों के पटाखे सुलगाए अपने घर को तो चमकाया पर ग़रीब की भूख मिटा ना पाये हमने दीये तो...
Wait while more posts are being loaded