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Dayanand Arya
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गौरैया
एक छोटी सी चिड़िया इस सुन्दर गुलजार में आवाज देती है अपनों को पर यहाँ और कौन है उसको सुनाने वाला उसके गीत.. या उसका विलाप वो जहाँ भी है .. जिस भी मनोभूमि में;  गुलजार में या बीहड़ में वह अकेली ही तो है *      *         * 2. वैसे भी गौरैयों पे कौन ध्यान देता ह...
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भूटान: At the centre of talk about happiness
भूटान- हिमालय की गोद में बसा, रहस्यों का संसार कहा जाने वाला यह देश कई मामलों में अनोखा है। यह उत्तर में चीन से तथा पूर्व पश्चिम और दक्षिण में भारत से घिरा है। पश्चिम में नेपाल से इसे सिक्किम अलग करता है- तो बांग्लादेश से अरुणाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल। चीन...
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रक्षक
बस बोलने भर से तुम रक्षक नहीं बन जाते देश के इतिहास-भूगोल के सभ्यता-संस्कृति के...  खुद को रक्षक मानते हो तो ये कुल्हारी? - क्या कहा इस वाटिका की रक्षा के लिए । इसपे होने वाले हमले से लोहा लेने के लिए । बेडौल, बेतरतीब उग आये झार-पतवार से निपटने के लिए । लेक...
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ये कैसी लपलपाती आग है
ये कैसी लपलपाती धुंधुआति आग है जो जल रही है। जिसके खामोश जद में खरगोश, चूहे, बिल्ली, आते हैं और आते है घास, पतवार, हिरन, बकरी, कुत्ते और सियार। सब जल रहे हैं उबल रहें हैं और एक दूसरे को जला रहे हैं झुलसा रहे हैं । किसी को एक चीटीं काट ले तो वो जल उठता है लप...
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राक्षस
आँख खोलोगे तो देखोगे की मैं नहीं हूँ मैं बन गया हूँ एक राक्षस क्योंकि मुझे सपना आया था की मुझपे कोई अत्याचार हुआ है।
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inspirations to cross the darkness of night
रात : पर मैं जी रहा हूँ निडर जैसे कमल जैसे पंथी जैसे सूर्य क्योंकि कल भी हम खिलेंगे हम चलेंगे हम उगेंगे और वो सब साथ होंगे आज जिनको रात ने भटक दिया है।                                                    -धर्मवीर भारती - गीता के सार सी मालूम होती हैं मुझे ये...
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मलवा
अरे ! क्यों गिराते हो दीवारों को? इनमें भी एक जीता जागता जीवन है! क्या कहा - ? सड़न है, दुर्गन्ध आती है, सीलन है, दीवारें जर्जर हैं , कई जीवन कैद हैं इनके भीतर, कई जीवन दफन हैं इनके नीव तले ! तो दो हथौड़ा- मैं भी तुम्हारे साथ हूँ- नेस्तनाबूत कर दें सब दीवार...
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तूँ और मैं
My entry for http://www.airtel.in/4g/ "क्या दादा आप इस 4G के टाइम में अभी भी 2G गड्डी हाँक रहे हो ।" "देखो दिल के मामले में सहूलियत से काम लेना चाहिए ।  प्यार को धीरे धीरे पनपने दो । धीमे आंच पर पकने दो । हर लम्हे को महसूस करो ।" "अच्छा ! तो पहले आप decide ...
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