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अजय कुमार झा
Worked at District and Sessions Judge Office , Delhi
Attended Central School Danapur Cantt
Lived in Krishna Nagar , Delhi
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#खडीखबड :दिल्ली में बैठ कर मां बेटे दोनों मिलकर सरकार चला रहे हैं :मोदी
मैं तो उन्हें शुरू से ही "माता जी" मानता रहा हूं : प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ;) ;) ;) ;)
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Gaurav Sharma's profile photo
 
#bjp <http://ibnlive.in.com/general-elections-2014/newstopics/bjp.html>
#congress<http://ibnlive.in.com/general-elections-2014/newstopics/congress.html>
#2014
lok sabha elections<http://ibnlive.in.com/general-elections-2014/newstopics/2014-lok-sabha-elections.html>
#delhi
high court<http://ibnlive.in.com/general-elections-2014/newstopics/delhi-high-court.html>
#fcra <http://ibnlive.in.com/general-elections-2014/newstopics/fcra.html>
#foreign
contribution regulation
act<http://ibnlive.in.com/general-elections-2014/newstopics/foreign-contribution-regulation-act.html>
Delhi
HC finds BJP, Congress guilty of taking foreign funding
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ये दु्निया ...ये दुनिया है पित्तल की ............और जे बात बताई भी किनने ..
बेबी डॉल सोने की ने :) :) :) :) गजब फ़िलासफ़िकल माहौल बना हुआ है ;) ;) ;) ;)
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और हां आज की पहली खबड खबड तो सुनिए
#खडीखबड :हम सिर्फ़ जोडने में ;) ;) विश्वास रखते हैं :प्रियंका गांधी
देखा नहीं आपने ,हमारे हसबैंड गांधी(वढेरा) भी सिर्फ़ ;) ;) माल ;) ;) ही तो जोड रहे हैं

;) ;) ;) ;)
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sn singh's profile photoPankaj Kumar's profile photoOnkar Toshniwal's profile photo
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Nice
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#खडीखबड :रोड शो के दौरान एक कार्यकर्ता ने हेमा जी को "कमल" फ़ूल भेंट किया
उन्होंने देखते ही कहा , ओह ये कमल है मुझे तो लगा वो  जिसे दवात में डुबा के लिखते हैं
;) ;) ;) ;)
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#खडीखबड :संजय बारू ने किताब लिखकर बताया कि मनमोहन कमज़ोर पीएम थे
ल्यो इसके लिए किताब लिखने की क्या जरूरत थी जी , लोगबाग फ़ेसबुक पर चुटकुले बनाकर ही बता दिए थे ई बात तो ;) ;) ;) ;)
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ashoke mehta's profile photo
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बेहतर विपक्ष के विकल्प की भूमिका से सीधे सीधे प्रशासक की भूमिका में आने को उद्धत भारतीय जनता पार्टी और उसके समर्थक/अनुसरक सभी आम जन ,ने जिस जुनूनी ढंग से मिशन 2014 को गंभीरता से लिया वो निश्चय ही लोकतंत्र के लिए सुखद बात है , किंतु अति आक्रामकता में जिस तरह से अपने एजेंडे , अपनी योजनाओं , अपनी नीतियों को आम लोगों के सामने रख कर उन्हें जोडने मोडने के सकारात्मक प्रयास को छो्डकर वही सबकुछ किया जाने लगा है जो इससे पहले होता रहा है तो फ़िर स्थिति विडंबनापूर्ण बनने की ओर अग्रसर है । सोशल नेटवर्किंग साइट्स और अन्य सभी उपलब्ध मंचों पर लोगों द्वारा दर्ज़ कराई जा रही टिप्पणियां /विचार/विमर्श में असहमति और तक वितर्क से लेकर कुतर्क तक का जो घमासान मचा हुआ है उसे देखकर तो यही लग रहा है कि तौबा तौबा ..........जस्ट डोंट dare to एक्सप्रैस पोलिटिकली :) :) :) :)
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संयोगवश , आजकल "हिंदू विधि" पढ रहा हूं और ऐसे में एक मित्र द्वारा पूछा गया सवाल मन में कौंध रहा है कि देश का स्वरूप कैसा होना चाहिए , मेरा स्पष्ट उत्तर तब भी और अब भी
"धर्मनिरपेक्षवाद की रीढविहीन छवि से बेहतर है एक सशक्त हिंदू राष्ट्र" और यदि हिन्दुस्तान को पूरी तरह एक हिंदू राष्ट्र घोषित कर दिया जाए ,हर बहस ,हर तर्क से परे
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SP Sudhesh's profile photoAshutosh Bharti's profile photoSANJAY AMAAN's profile photo
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आदरणीय झा जी
कौन सी किताब या किताबों में लिखा है कि भारत एक मात्र हिन्दुओं का देश है ? यहाँ बसने वाले इतने विविध प्रकार के
लोग है कि वे हिन्दू शब्द में । समाहित नहीं होते । यदि ऐसा होता तो १९४७ में हो जाता । पर अब भारत । को हिन्दू राष्ट्र
घोषित नहीं किया जा सकता । पहले तो संविधान ही रास्ते में बाधा होगा ,जिस का हवाला दो कर लोग उच्चतम
न्यायालय तक पहुंचेगे। फिर अन्य धर्मोँ के लोग अपने लिए अलग देश माँगेंगे । भारत की मुश्किलें और बढ़ेगी । फिर भारत सेवियत यूनियन की तरह खण्ड खण्ड हो जाएगा और कमज़ोर भी जो अपने दुश्मनों का सामना नहीं कर सकेगा ।
--- डा सुधेश

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सूरज न बन पाएं तो बनके दीपक जलता चल ,
फ़ूल मिले या अंगारे , सच की राहों पे चलता चल,

मधुबन खुशबू देता है , सागर सावन देता है :) 
जीना उसका जीना है , जो औरों को जीवन देता है ..........
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smart price shopee's profile photoअजय कुमार झा's profile photo
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malum hai dost..
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#खडीखबड :सरकार की हर महत्वपूर्ण फ़ाइल सोनिया गांधी के पास जाती थी
तो क्या करते जी , आपने देखा नहीं "लल्ला" प्रेस कांफ़्रेंस करके ड्राफ़्ट फ़ाड देता था , फ़िर तो अम्मी गांधी ही बची न उस पर मुखियाइन भी ,उनका देखना तो बनता है जी ;) ;) ;) ;)
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Onkar Toshniwal's profile photo
 
Mahtma gandhi ko yad kr rhe ho Vajpeyji ko yad kr rhe ho ki nhi advaniji jaisa neglecte kiya or jsvant sing ko bhar ka rsta dikha diya
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#खडीखबड :पीएम के पूर्व मीडिया सलाहकार धोखेबाज हैं :कांग्रेस
नहीं नहीं इसे "धोखेबाजी" ही कहा जाएगा , अरे हमसे बेहतर "धोखेबाजी" के बारे में और कौन बोल सकता है जी :कांग्रेस ;) ;) ;) ;)
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सरकार की बजा रहे हैं , नौकरी
Employment
  • District and Sessions Judge Office , Delhi
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Krishna Nagar , Delhi
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एक आम आदमी .........जिसकी कोशिश है कि इंसान बन सके
Introduction

यदि एक पंक्ति में कहूं तो , एक आम आदमी जिसकी कोशिश है कि इंसान बना जाए , शेष कुछ नहीं । पिताजी फ़ौज में थे और माता गृहणि , माता पिता की दूसरे नंबर की संतान , प्रारंभ से ही पिताजी के साथ उनके नियमित स्थानांतरण के कारण लगभग पूरे भारत में भ्रमण और केंद्रीय विद्यालयों में अध्य्यन । वक्त ने करवट लिया और शहरों की खाक छानते छानते , उस वक्त ग्राम्य जीवन की शुरूआत हुआ जब यकायक ही परिवार ने गांव की ओर प्रस्थान किया । यौवन और संघर्ष के दिन , कॉलेज और युनिवर्सटी के दिन , जो भी बीते वो ग्राम्य जीवन से ही जुडे रहे और मैं भी भीतर तक जुडा रहा कहीं गांव की मिट्टी , पोखर , पवन और सब कुछ से ।

ऐतिहासिल ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय से अंग्रेजी विषय के साथ प्रतिष्ठा स्नातक की शिक्षा के बाद , मित्रों के समूह के साथ ही वर्ष 1996 में दिल्ली की ओर प्रस्थान । लक्ष्य था खुद को साबित और स्थापित करना । पत्रकारिता में डिप्लोमा लेने के दौरान ही ,वर्ष 1998 में  सरकारी सेवा में नियुक्ति हो गई । संप्रति , दिल्ली की अधीनस्थ जिला न्यायालय में बतौर वरिष्ठ न्यायिक सहायक पदस्थापित हूं और साथ साथ ही विधि की शिक्षा भी जारी है ।

पढने लिखने का शौक कब हुआ नहीं जानता ठीक ठीक । विद्यालय में कभी मेधावी छात्र नहीं रहा , मगर बचपन में कॉमिक्स , लडकपन में विजय विकास , कर्नल रंजीत , गुलशन नंदा जैसे उपन्यासों के बाद , जहां शैक्षणिक पाठ्यक्रम ने अंग्रेजी साहित्य के करीब किया तो बाद के दिनों में हिंदी साहित्य दिले के भीतर तक बस गया । संपादक के नाम हज़ारों पत्र , दोस्तों को सैकडों चिट्ठियां लिखने की आदत ने आगे जागर लेख , कहानियां , कविताएं , व्यंग्य , और जाने क्या क्या कितना लिखवा , पढना और लिखना आदत से अब एक जुनून सा बन गए हैं , लगता है कि जिंदगी कम है और किताबें ज्यादा तो जिंदगी खत्म होने से पहले जितना पढूं , जितना लिखूं कम है । समय बदला और कलम कागज की जगह ये टकटक कंप्यूटर ने ले लिया , यात्रा बदस्तूर जारी है , बिना थके , बिना रुके ……………

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