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K.D. Sharma (MBBS)
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नशे के विरुद्ध उठ रही है महिला-शक्ति
टोपड़ी गांव सहारनपुर जिले (उत्तर प्रदेश) की एक मिश्रित आबादी का गांव
है। दलित परिवारों की संख्या अधिक है। यहां के शान्त जीवन में कुछ समय पहले
एक गंभीर समस्या आंधी की तरह आई जिसने अनेक भरे-पूरे परिवारों को बुरी तरह
ध्वस्त कर दिया व विशेषकर महिलाएं तो बुरी ...
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डॉ आईदान सिंह भाटी की कुछ कवितायें
क्रांति **** वह आएगी पर आएगी किसी की पीठ पर चढ़कर क्यों कि वह है लंगड़ी सब इन्तज़ार कर रहे हैं उसका ; आकाश से नहीं दिलों में उठ रहे हैं बवंडर उथल-पुथल मची हुई है लोग उठाने लगे हैं राज्य, धर्म पर अँगुली । कभी तो ****** कभी तो भूलो बच्चों को भूगोल पढ़ाना ...
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निर्मला पुतुल की एक कविता
उतनी दूर मत ब्याहना बाबा !  ******************* बाबा! मुझे उतनी दूर मत ब्याहना जहाँ मुझसे मिलने जाने ख़ातिर घर की बकरियाँ बेचनी पड़े तुम्हे मत ब्याहना उस देश में जहाँ आदमी से ज़्यादा ईश्वर बसते हों जंगल नदी पहाड़ नहीं हों जहाँ वहाँ मत कर आना मेरा लगन वहाँ...
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मैथिलीशरण गुप्त की कुछ कवितायें
आर्य हम कौन थे, क्या हो गये हैं, और क्या होंगे अभी आओ विचारें आज मिल कर, यह समस्याएं सभी भू लोक का गौरव, प्रकृति का पुण्य लीला स्थल कहां फैला मनोहर गिरि हिमालय, और गंगाजल कहां संपूर्ण देशों से अधिक, किस देश का उत्कर्ष है उसका कि जो ऋषि भूमि है, वह कौन, भारत...
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नीलाभ की कुछ कवितायेँ
नाराज आदमी का बयान- १ **************************** मुझे अब किसी भी चीज़ में दिलचस्पी नहीं रह गई है न दुनिया में न उसके मूर्खतापूर्ण कारोबार में मैं सिर्फ़ एक सीधी, सरल ज़िन्दगी जीना चाहता हूँ पसीने की गन्ध को ताज़ा पानी से मिटाते हुए दिन भर की थकान को गा-...
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चरवाहे का सुख
कौन
बनेगा प्रधानमंत्री! कौन
बनेगा मुख्यमंत्री! या
कौन बनेगा राष्ट्रपति! क्या
लेना-देना इन फ़िजूल बातों
से भला एक चरवाहे को उसके
मतलब की बातें तो होती
हैं सिर्फ इतनी सी ही कि
किस तरह से भरा जाए पेट अपने
प्राणों से प्रिय गाय-बैलों का ताकि
जब शाम को लौटना हो वा...
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साजिश
हमारे
सीधे-सादे गाँव को शहर
बनाने की साजिश है लोगों
के आपसी प्यार को जहर
बनाने की साजिश है समझ
नहीं पा रहे हैं गाँव
के लोग भोले-भाले कुदरत
की नेमतों को कहर
बनाने की साजिश है मिलजुलकर
जहाँ रहते हैं सदियों
से गाँव के लोग उस
गाँव को अब मतलबी शहर
बनाने की साजिश...
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स्वप्नदीप
कुटिलताओं
और आशंकाओं के दौर में सहजताओं
और सरलताओं को बचाए रखना भले
ही इसमें अतिशय धैर्य की होगी आवश्यकता मगर
कुटिलों के कुचक्रों से बचने के लिए सहनशीलता
की पराकाष्ठा के भी पार सहना
होगा तुम्हें उस ताप को उस अग्नि को जो
तुम्हें तपकर अपनी आंच में बना देगी कु...
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ईमानदारी की नौकरी
थक
तो बहुत जाता हूँ इस
12 घंटे की ईमानदारी की नौकरी में मैं मगर
यह सोचकर तसल्ली
भी मिलती है मुझे कि
अब अच्छी और गहरी नींद
तो आएगी मुझको जो
लाखों बेईमानों की किस्मत
में नहीं है कभी -कभी अपनी
ईमानदारी पर पछतावा
भी होता है मुझे कि
देखो तो जरा कितने
आगे निकल गए...
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दलाई लामा कुछ वर्ष अरुणाचल क्यों नहीं रहते?
 चीन का एक अद्र्ध सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने भारत को नसीहत के साथ-साथ नाकाबिले बर्दाश्त की भी धमकी दी है। वजह दलाई लामा हैं, जिनके अरुणाचल जाने पर चीन को आपत्ति है। तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा 10 अप्रैल तक अरुणाचल प्रदेश में रहेंगे। परम पावन कोई पहली ब...
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