Profile cover photo
Profile photo
ghughuti basuti
934 followers
934 followers
About
Posts

Post has attachment
फसल
हम वह काटते हैं  जो हमने बोया था और वह भी  जो बेशर्मी से  अपने आप उग आया हो बिन बुलाए मेहमान सा जिसे हम देख न पाएँ हों गुड़ाई के समय या निकालने में अलसा गए हों या फिर सहिष्णुता दिखाते हुए छोड़ दिया हो उसके हाल  और वह भी जिसके बीज किसी षणयंत्र के अन्तर्गत छिड़क...
Add a comment...

Post has attachment
'मजे में हूँ।'
उत्तर में कितना सच हो कितनी औपचारिकता? कोई कहे, 'नमस्ते। कैसी हो?' तो क्या उत्तर दिया जाए? मजे में /आनन्द है/ बढ़िया/ सब ठीक है/ आपकी कृपा है? क्या तब भी, जब सर फटा जा रहा हो, हाल की बीमारी से दिखना भी कम हो गया हो, कान तो लगभग बहरे हो गए हों, मस्तिष्क की सो...
Add a comment...

Post has attachment
बच्चों के साथ क्वालिटी समय या अनमना समय
अपनी नतिनी तन्वी को हर शाम सोसायटी के पार्क खेलने ले जाती हूँ। बहुत अच्छा और बड़ा पार्क है। छोटे बच्चों के साथ प्रायः माता पिता, दादा दादी, नाना नानी या आया आती हैं। अभी तक मेरे सामने कोई गम्भीर दुर्घटना तो नहीं घटी किन्तु कई बार बच्चों को झूले से चोट लगते द...
Add a comment...

Post has attachment

Post has attachment
मैं बनी बेबी मगरमच्छ
आज याने ३० जनवरी को मेरी नतिनी तन्वी तीन साल की हो जाएगी। और २९ की मेरी शाम कुछ ऐसे बीती उसकी नतिनी बनकर। जब से प्ले स्कूल जाना शुरु किया है उसे जुकाम पकड़े रहता है। बीच बीच में बुखार भी हो जाता है। शायद यह उसकी वायरसों से पहली मुठभेड़ है इसलिए। आज भी जुकाम अ...
Add a comment...

Post has attachment
'दो रुपए का नोट'
बात सन १९८० की है। हम तब मुम्बई में गोरेगाँव में नए नए रहने आए थे। बचपन सीमेन्ट कारखानों की बस्तियों में गुजरा था। शहर के नाम पर चन्डीगढ़ में हॉस्टल में रही थी। कुछ समय पुणे में छुट्टियों के समय बिताया था। कभी छुटटियों में पहाड़ जाते थे। विवाह के बाद दिल्ली ग...
Add a comment...

Post has attachment
हँसना, खाँसना, छींकना, हिचकी लेना मना है।
बुधवार की शाम हम घर आ रहे थे। बूँदाबादी हो रही थी। हम उस इलाके से निकल रहे थे जहाँ बहुत से इन्फोर्मेशन टेक्नॉलोजी के दफ्तर हैं। शाम को जबर्दस्त ट्रैफिक हो जाता है। सड़क के दूसरी तरफ एक मोटरसायकिल की दुर्घटना दिखी। अवश्य कोई युवा होगा या होगी। मन ही मन मनाया ...
Add a comment...

Post has attachment
मानव जिजीविषा
बदली अर्थात ट्रान्सफर वाली नौकरी के कई लाभ हैं तो बहुत सी हानियाँ। लाभ यह है कि आप और आपका परिवार कूपमंडूप नहीं बना रहता। हर दो या तीन साल के बाद, एक नई जगह, नया प्रदेश, नई भाषा, नए लोग, नया खानपान, नई संस्कृति देखने समझने को मिलती है। बच्चे भी जीवन में कही...
Add a comment...

Post has attachment
मानव जिजीविषा
बदली अर्थात ट्रान्सफर वाली नौकरी के कई लाभ हैं तो बहुत सी हानियाँ। लाभ यह है कि आप और आपका परिवार कूपमंडूप नहीं बना रहता। हर दो या तीन साल के बाद, एक नई जगह, नया प्रदेश, नई भाषा, नए लोग, नया खानपान, नई संस्कृति देखने समझने को मिलती है। बच्चे भी जीवन में कही...
Add a comment...

My daughter's article was published in The Hindu. Here is the link. Comments will be appreciated.
Add a comment...
Wait while more posts are being loaded