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Vishwanath Chaturvedi
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Vishwanath Chaturvedi

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सौदागर मुलायम का भाजपा से चार दशक पुराना याराना " धोती के नीचे खाकी"
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1999 में भाजपा सरकार के पतन के बाद देश में सेकुलर सरकार बनाने के लिए वामपंथियो की पहल पर काग्रेस के नेतृत्व में राष्ट्रपति भवन गए प्रतिनिधि मंडल को मुलायम ने ऐन वक्त धोखा देकर यह कहते हुए"विदेशी मूल की महिला को समर्थन नही दूँगा ? वामपंथियो सहित सारे सेकुलर दलो को धोखा देकर भाजपा के पाले में दिखे।
2002 में गुजरात दंगो के बाद हुए चुनाव में भाजपा को लाभ देने की नीयत से और सेकुलर वोटों के विभाजन के लिए बिना आधार पुरे गुजरात में चुनाव लड़ने का एलान कर दिया ।वहा भाजपा की सरकार बनवा दी?
2003 में भाजपा की कृपा से विधायको की खरीद फ़रोख्त,गुंडागर्दी से विधयकों का अपहरण कर बिना बहुमत की सरकार को उस समय के बिधान सभा अध्यक्ष श्री केसरी नाथ जी की कृपा से मुलायम कोे शपथ दिला दी गयी ।
मुख्यमंत्री बनते ही मुलायम ने भाजपा का कर्ज उतारते हुए सुप्रीम कोर्ट में 18 नवम्बर 2003 में बाबरी विध्वंस मामले में
हलफनामा दाखिल कर कहा कि" 6 दिसम्बर 1992 को बाबरी मस्जिद ढहाये जाने में कोई साजिश नहीं हुई थी, और सरकारी तोते सी बी आई के हलफनामे को समर्थन कर दिया,
बिहार चुनाव से पूर्व सयुक्त जनता दल परिवार के मुखिया बने मुलायम ने सी बी आई के डर से एन वक्त गठवन्धन तोड़कर भाजपा को लाभ देने के लिए पूरे बिहार में मतदाताओ को भ्रमित करने व भाजपा की सरकार बनवाने का पूरा जीतोड़ प्रयाश किया लेकिन बिहार के मतदाताओ ने मुलायम की " धोती के नीचे खाकी "को पहचान लिया,
जारी.............
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सौदागर मुलायम की सी बी आई के भय से
बदलती वफादारी पहले मनमोहन अब मोदी
22 फरवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र से पहले यादव सिंह की गिरफ्तारी से घबराये मुलायम कुनबे को संसद में मोदी सरकार के लिए हाथ उठाना मजबूरी हो चुकी है, क्योकि उसमे कुनबे के सदस्य राम गोपाल यादव के बेटे और बहू की हिस्सेदारी सामने आ चुकी है
वही दूसरी ओर कोर्ट की अवमानना कर 2007 से से अब तक आय से अधिक मामले मामले में ऍफ़ आई आर ना करने वाली सी बी आई से डरा सहमा कुनबा अब पूरी तरह से मोदी के गुडगानं में जुटा है,
आपने 7 रेस कोर्स प्रधान मंत्री आवास पर z news के मालिक के बुक रिलीज कार्य क्रम में मुलायम की मोदी से रिरियाते हुए जेल जाने से बचने की भीख मागते हुए तस्बीरे जरूर देखी होगी,मुलायम द्वारा ठगे गए लोगो की की फेहरिस्त स्व:कर्नल अर्जुन भदोरिया से शरू होकर आज तक जारी है अब मोदी की बारी है
मुलायम द्वारा मनमोहन से मोदी तक ठगे गए लोगो की लंबी फेहरिस्त है स्व: देवी लाल,स्व: चौधरी चरण सिंह,स्व: बी पी सिंह,स्व:चंद्र शेखर और 1990 में कार सेवको पर चली गोली के बाद भाजपा के समर्थन से मुख्य मंत्री रहे मुलायम से भाजपा द्वारा समर्थन वापसी के बाद धर्म - निरपेक्षता के नाम पर कांग्रेस के 90 विधायको के समर्थन से सरकार बचाने के बाद एक रात स्व: राजीव गाँघी को धोखा देकर सरकार भंग करने की शिफारिश कर 1991 में पहली बार भजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनवाने वाले मुलायम ही थे।
2003 में भाजपा नेे मुलायम का कर्ज उतरते हुए्
उस समय के विधान सभा अध्यक्ष रहे श्री केसरी नाथ जी से कह कर विधायको की मंडी लगाकर बिना बहुमत की गुंडा गर्दी से सरकार बनवा दी अब मुलायम फिर भाजपा से मिलकर साझा सरकार की सौदे वाजी कर रहे है,
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Contempt notice has been sent to home secretary, joint secretary additional secretary, commissioner police delhi and chief Secretary UP...
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1मार्च 2007 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा मुलायम कुनबे के खिलाफ आय से अधिक मामले में सी बी आई जाँच के आदेश देने के बाद उसी दिन मुलायम के शकुनी अमर सिंह के टुकड़ो पर पलने वाले सहारा समय के कथित पत्रकार अखिलेश मिश्र ने निजी बात चीत रिकार्ड कर ली थी।
उसी सायं पत्रकार वार्ता बुलाकर समाजवादी कुनबे के नेताओ स्व:जनेश्वर मिश्र,जया प्रदा, जया बच्चन, अखिलेश यादव,राम गोपाल यादव ,अमर सिंह ने उक्त बातचीत की सी डी मीडिया में जारी की उक्त सी डी में कुछ भी न होते हुए भी राष्ट्र पति डॉ कलम लोकसभा अध्यछ सोम नाथ चटर्जी के यहाँ लेकर पहुचे लेकिन वहा से कुछ नही मिला तो विधान सभा में विशेष धिकर प्रस्ताव लाकर उस समय के विधान सभा अध्यक्छ माता प्रसाद पाण्डेय ने उक्त सी डी सी बी सी आई डी को जाँच के लिए सौप दिया गया।
लगातार उत्पीड़न करने प्रलोभन धमकी कोर्ट का मैनजमेंट और मनमोहन सरकार को न्यूक्लियर डील पर अंदर खाने हुई डील के बारे में पीछे विस्तार से लिख चूका हु,राहत न मिलते देख अब मोदी दरबार में हाजिरी बजा रहे है। मुलायम सिंह बहाने बहुत कर सकते है लेकिन सच्चाई सी बी आई है सल्लग्नक
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Vishwanath Chaturvedi

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बधाई हो सरकार में बैठे समाजवादियों और तुम्हारे कारकूनों ! तुम्हारे अटूट प्रयास आज फलीभूत हुए और नतीजा यह हुआ कि बीती रात एक मेडिकल छात्रा ने अपने कमरे में पंखे से लटक कर खुद को मौत हवाले कर दिया। बधाई हो।
ताज़ा खबर है कि लखनऊ के एक डेंटल मेडिकल छात्रा ने छेड़खानी से त्रस्त होकर फांसी लगा ली। पिछले कई महीने से मोहल्ले से लेकर कॉलेज आसपास शोहदों ने उसका जीना हराम कर रखा था। मानसिक तनाव इतना बढ़ने लगा कि उसे खुद की जिंदगी ही अभिशाप लगाने लगी। उसे लगा कि उसका स्त्री-देह ही उसका सबसे बड़ा दुश्मन है। बस फिर क्या था। इस बच्ची ने उस कलंक-अभिशाप को ही हमेशा-हमेशा के लिए धो डाला।
यह बच्ची अवध क्षेत्र के बलरामपुर जिले की थी। उसके पिता वहां दवा की दूकान चलाते हैं। यह बच्ची होनहार थी, सो आगे की पढाई के लिए लखनऊ अपने चाचा के परिवार के साथ रहने लगी। जल्दी ही उसकी मेहनत रंग लायी और उसे डेंटल कालेज में प्रवेश मिल गया।
लेकिन आज.....
मेरी समझ में नहीं आता है कि महिला-शक्ति को सशक्तिकृत करने के दावे तो यूपी सरकार ने तो खूब किये। शुरुआत हुई महिला अपराधों पर कडा अंकुश लगाने के संकल्प से। योजना की संकल्पना तैयार की थी 2 साल पहले सुल्तानपुर की एक महिला युवा आईपीएस अधिकारी अलंकृता ने, जो उस वक्त वहां पुलिस कप्तान थी।
लेकिन शासन और पुलिस के बड़े हाकिमों ने उस संकल्पना को उस महिला से छीन लिया और लखनऊ के एसएसपी पद से हटाये गए नवनीत सिकेरा को उसका मुखिया बना डाला। जबकि होना तो यह था कि जिस अफसर ने उस योजना की रूप-रेखा बुनी थी, उसे ही उसका जिम्‍मा दिया जाता। इसलिए खास ताैर पर भी, कि महिला होने के चलते वह महिलाओं की इस हेल्‍पलाइन को बेहतर ढंग से समझ और क्रियान्वित कर सकती थी। लेकिन उस योजना को नयी रंगरोगन से लीपपोत कर उसे 1090 का नाम गया। सिकेरा को मुखिया इस लिए बनाया गया क्योंकि अखिलेश यादव परिवार से सिकेरा की बेहद करीबी है। कुछ भी हो, 1090 ने और कोई काम भले किया हो या नहीं, लेकिन इसको लेकर फर्जी डंके खूब बजवा दिया।
लेकिन अपने दो साल के प्रयोग के अंतराल यह 1090 का प्रयोग पूरी तरह असफल हो गया। महिलाओं में विश्वास उपजाने के बजाय अब किशोरियां-महिलाओं के सपनों में 1090 के दारुण-डरावने सपने दिखने लगे हैं। हाल ही 1090 के एक प्रभारी अधिकारी तो एक वादी युवती से ही वही करतूत करने लगे, जिसके खिलाफ ही 1090 डंका बजाने का दावा था। पीडि़त महिला जब महिला अधिकार प्रकोष्‍ठ की महानिदेशक सुतापा सान्‍याल के पास पहुंची तो उन्‍होंने तत्‍काल इस मामले की खुद जांच करने का ऐलान किया। लेकिन अचानक ही आला अफसरों ने सुतापा सान्‍याल से यह मामला खींच कर सीधे नवनीत सिकेरा को थमा दिया। बाकी आप-सब को यह बताने की जरूरत तो है नहीं कि करीब एक महीना होने के बावजूद यह मामला ठण्‍डे बस्‍ते में ही पड़ा हुआ है। इसके पहले एक 84 वर्षीय महिला को एक शख्‍स ने कई-कई बार फोन करके भद्दी गालियां दीं और जान से मार डालने की धमकियां दीं। इसकी शिकायत जब 1090 और नवनीत सिकेरा तक की गयी, लेकिन कई कोशिशों के बावजूद कुछ भी नहीं हुआ। बाद में पता चला कि इस शिकायत पर गाजीपुर के थानाध्‍यक्ष ने उक्‍त अभियुक्‍त से 15000 हजार रूपया वसूल कर मामला रफा-दफा कर दिया।
यह तब हुआ जब सूचना विभाग के एक बड़े बडबोले और महीन अफसर अशोक कुमार शर्मा पुलिस के प्रवक्‍ता बने घूम रहे थे और इस मामले पर उन्‍होंने खुद हस्‍तक्षेप करने का दावा किया था।
तो बोलो:- नवनीत सिकेरा जिन्‍दाबाद।
ऐसे में 1090 के प्रति आम महिला का विश्‍वास कैसे पनपता ?
एक ओर मुलायम सिंह यादव जब यह ऐलान करते घूम रहे थे कि लड़कों से गलतियां हो जाती हैं, ऐसे में यह मेडिकल छात्रा किससे अपनी फरियाद करती।
उस बच्‍ची ने फैसला किया। तय किया कि अब न बांस रहेगा और न बजेगी बांसुरी।
बीती रात उसने अपने दोपट्टे से पंखे से फांसी का फंदा बनाया और
झूल गयी फांसी पर वह होनहार बच्‍ची।
आओ, अब 1090 का डंका बजाया जाए कि 1090 निदान नहीं, बिलकुल ढपोरशंख है।
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Vishwanath Chaturvedi

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Vishwanath Chaturvedi

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CVC reviews graft cases handled by CBI

New Delhi: September 3, 2013 DHNS
Amid reports of the CBI planning to close the six-year-old disproportionate assets case against Samajwadi Party chief Mulayam Singh Yadav, the Chief Vigilance Commission (CVC) on Tuesday conducted a review of corruption cases handled by the agency.

The CVC also sought details of progress made by the CBI in the coal block allocation case. The issue of missing files pertaining to the coal scam did not come up for discussion during the review. A separate meeting will be held on the matter.

Chief Vigilance Commissioner Pradeep Kumar looked into the progress in various corruption cases being handled by the CBI and other matters related to the delay in granting sanction for prosecution of government officials, sources said. CBI Director-General Ranjit Sinha briefed Kumar on the developments.

The CVC is statutorily mandated to superintend the work of the CBI with respect to investigations conducted under the Prevention of Corruption Act. The CVC Act of 2003 empowers the commission to exercise superintendence over the functioning of the CBI in corruption cases and review the progress. The CVC is also empowered to give suitable directions to the CBI for such purposes.

Sources said Yadav’s case was discussed against the backdrop of reports of the CBI planning to close the case as the agency was unable to collect enough evidence. The CBI probe into the matter came following a PIL in the Supreme Court in November 2005, alleging that Yadav and his family acquired properties disproportionate to the known sources of their income.

In a letter to Sinha two days ago, India Rejuvenation Initiative, a forum of eminent personalities like Justice R C Lahoti, said that they were dismayed with the functioning of the CBI in quite a few cases, in which the organisation has played it cool to the extent of dragging its feet.

On the Yadav case, the IRI said: “It is more than eight months since the court directed the CBI to take such “independent action” as it may consider appropriate. lt is surprising that there has been no follow-up action. Actually, the Supreme Court’s directions were initially given on March 1, 2007. lf we were to calculate from that date, more than six years have passed and the matter is still hanging fire.”
On the missing files related to the coal scam, they said, a separate meeting has been convened. All issues related to court-monitored probes will be taken up during this meeting.

Kumar is understood to have asked the CBI chief to ensure that the investigations gain pace.

The CBI is required to complete investigation into a case within a year. Completion of the investigation will lead to filing of charge sheets in courts, wherever warranted, after receipt of sanction from a competent authority.

The commission observed that while the CBI has completed investigations within a year, there have been delays in completing investigations into certain cases.

“Reasons for delays include delay in receipt of prosecution sanction from competent authorities, delay in obtaining responses to Letters Rogatory (LRs), and delay in obtaining reports from forensic laboratories,” the CVC said in its annual report.
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सौदागर मुलायम की मनमोहन के बीच हुई सौदे वाजी पर कोर्ट की तब केअटार्नी जनरल को लगी फटकार
मुलायम ने संसद में हाथ उठाने की वसूली पूरी कीमत
1991 में भाजपा को सत्ता सौपने के बाद 1993 के चुनाव पूर्ब स्व: काशी राम से समझोते के बाद प्रदेश में हर मौके मुलायम के साथ खड़े रहे वाम पंथी दलो के विधयकों को तोड़कर एक विचार धारा और दल को ख़त्म करसत्ता में आते ही 1994 में गेस्ट हाउस कांड कर बसपा को धोखा 1991 से कॉंग्रेस की बैसाखियों के सहारे सरकार चलाने वाले मुलायम , 1999 में 1वोट से संसद में हारी भाजपा सरकार के पतन के बाद बैकल्पिक सरकार बनाने के लिए राष्ट्र पति भवन पहुची काग्रेस के साथ धोखा कर देश को मध्यावती चुनाव में झोक कर भाजपा की मदद्,फिर 2003 में भाजपा बसपा गठवन्धन टूटते ही स्व: प्रमोद महाजन और अमर सिंह की जोड़ी के सहारे तत्कालीन विधान सभा अध्यछ केशरी नाथ त्रिपाठी की कृपा से विधयकों की खरीद फरोख्त , गुंडा गर्दी के सहारे की गई लोकतंत्र की हत्या , और 2004 में केंद्र में केंद्र में काग्रेस की सरकार बनते ही बिन बुलाये मेहमान की तरह जबरदस्ती समर्थन, और समर्थन के हर ईसू की कीमत मोल भाव कर वसूलते रहे और जेल जाने के डर से हर ईसू पर ब्लैक मेलर मनमोहन के लिए हाथ उठाते रहे।
मौसम विज्ञानी मुलायम अपने वकीलो व् हलफनामें के माध्यम से कोर्ट में मुझे कांग्रेसी बताते रहे और वही दूसरी तरफ 2004 से 2014 तक मनमोहन की सरकार चलाकर अब पुरे कुनबे के साथ मोदी जी के साथ है ???????
जारी........
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Vishwanath Chaturvedi

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Is the CBI the Pet poodle of the Central Government? Vishwanath Chaturvedi has a pleasant demeanour, but he can still irritate you with his persistence.… - Vishwanath Chaturvedi - Google+
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Vishwanath Chaturvedi

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न्यूक्लियर डील का सच बताएगा सी बी आई द्वारा 30 मार्च 2009 को सर्बोच्च अदालत में फ़ाइल किया गया मुलायम कुनबे के आय से अधिक मामले मेंअंतिम हलफनामे को जरूर
पढे क्योकि सी बी आई के हवाले से फर्जी खबर चलाने वाले सम्पादकों के खिलाफ सी बी आई द्वारा दर्ज कराई गई ऍफ़ आई आर भी इसी में है।
सी बी आई द्वारा 26 ऑक्टूबर के बाद लगातर बदले गए स्टेण्ड का डिटेल
1- 26ऑक्टूबर 2007 को सी बी आई ने कहा केश बनता है ऍफ़ आई आर की इजाजत चाहिए
2-13 मार्च 2008 को सी बी आई ने कोर्ट में कहा जल्द सुनवाई कर लीजिये
3-न्यूक्लियर डील के वक्त 39 सांसदों को सी बी आई के सहारे खरीद कर सरकार बचाने वाले मनमोहन ने सरकार बचाने के लिए मुलायम से की गई सोदे वाजी को पूरा करते हुए
4 6 दिसम्बर 2008 को सी बी आई द्वारा कोर्ट में फ़ाइल हलफनामे में सारी सीमाओ को लांघते हुए खा कि मनमोहन सरकार ने निर्देशित कर केश वापिश लेने का निर्देश दे डाला।
उक्त हलफनामे में ही श्री मति डिम्पल यादव द्वारा 14 जुलाई 2008 को दिए गए प्रार्थना पत्र का भी लेखा जोखा मौजूद है ,
5-30मार्च 2009 में यू पी में सपा - काग्रेस गठवन्धन टूटने के बाद सी बी आई ने कोर्ट में हलफ नामा फ़ाइल कर कहा केश बनता है हम 26 अक्टूबर 2007 के स्टेण्ड पैर कायम है
कोर्ट में सी बी आई द्वारा फ़ाइल किया गया यही अंतिम हलफनामा है इसके बाद सी बी आई द्वारा कुछ भी फ़ाइल नहीं किया गया है।
रंजीत सिन्हा के हवाले से जाविद अहमद द्वारा मीडिया में दी गई झूठी खबर का ही पुरस्कार है उ प्र का डी जी बनना,
जारी........
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Vishwanath Chaturvedi

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मुलायम के पैतरे का सच
1-न्यूक्लियर डील के समय स्व: डॉ कलाम का बहाना बामपंथियों के साथ धोखा
2राष्ट्रपति चुनाव में ममता के साथ धोखा देकर प्रणव मुकर्जी का समर्थन
3-फ़ूड गारन्टी बिल के समय मनमोहन से सौदे बाजी कर रंजीत सिन्हा से डी ए केश में मीडिया में झूठी खबर पाकर समर्थन
4-मोदी की सरकार आते ही मानसून सत्र में संसद व् लोक तंत्र की रक्छा के नाम पर भाजपा को समर्थन
5-बिहार विधान सभा चुनावो में अपने समधी लालू यादव को धोखा
कल तक धर्म निरपेक्षता का ढपोर शंखी लवाद।ओढे मुलायम अब भाजपा के साथ है,
मुलायम सिंह उसके साथ सी बी आई जिसके हाथ
…..........
...
आने वाले वक्त में कभी हाउस का बायकाट करके कभी कुछ बहाने बनाकर मीडिया को गुमराह करते रहेगे और मोदी जी की सरकार को समर्थन जारी रहेगा?????????

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Vishwanath Chaturvedi

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Education
  • LUCKNOW UNIVERSITY KKC COLLEGE
    B.A LLB, 1984 - 1990
    B.A L.L.B
  • S.B.V.P INTER COLLEGE
    12th
Basic Information
Gender
Male
Other names
MOHAN
Story
Tagline
सामाजिक कार्यकर्ता/ अघिवक्ता
Work
Occupation
SOCIAL WORKER , POLITICIAN , LAWYER
Employment
  • SOCIAL WORKER, 1983 - present
    anti-corruption movement, da case against mulayam singh yadav, food grain scam(fertilizer scam,land scam lda)
  • LAWYER, present
  • VISHWANATH CHATURVEDI
    POLITICIAN, 1985 - 2005
    ex-geneal secretary (kkc) student union lucknow university, ex-secretary Indian national trade union congress, ex-member of upcc
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