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Vindu Babu
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''मैं उस प्रभु का सेवक हूं,जिसे अज्ञानी लोग 'मनुष्य' कहते हैं''
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कथा नहीं यह सत्य है
 

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जय हो
 आज जग की नाड़ियों में चाह जय की समाई इस तरह स्व भी रौंदा,पर को कुचला न रही पथ की खबर. अपरिमित,कंटीली राह के उस छोर पर जो चमकता लक्ष्य-जय बस! उसी पर नज़र पग पगी नीरस थकन लमकन बिखेरी शांति झुलसे,क्रांति उपजे जिस कौंध में बोध है जय हो वो कैसी? भुस पे लीपी सी ...

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Wise words from Norman Vincent Peale:

Ask for what you want but always be willing to take what God gives. It may prove better than what you ask for.

more thoughts on this quote:
http://www.quoteschristian.com/be_willing.html
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कृतियाँ:महाश्वेता देवी
जय हिन्द! पिछली पोस्ट महाश्वेता जी के संछिप्त जीवन परिचय और उनके जयपुर सम्मेलन पर आधारित थी। इसलिए उनके साहित्यिक योगदान को याद करते हुए कुछ चर्चा उनके उपन्यासों की कर ली जाये. खेद है यह प्रस्तुति बहुत विलम्ब से हो पा रही है। मित्रों,महाश्वेता जी अपनी लेखनी...

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महाश्वेता देवी:एक सम्भाषण
नमस्कार सुहृद साहित्यप्रेमियों.... साहित्य में वो नव्यता होती है जो जीवन में क्षण-क्षण उत्सव भर देता है,इसलिए मुझे पूर्ण विश्वास है आप सभी एक विशेष उत्साह से पल्लवित होंगे! परम् आराध्य साहित्यकार गुरुदेव रबिन्द्र नाथ ठाकुर जी के बाद एक और बांग्ला साहित्यकार...

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कथा सम्राट :मुंशी प्रेमचन्द
 सादर नमस्कार सुहृद मित्रों... पुनः हाज़िर हूँ कलम के सिपाही मुंशी प्रेमचन्द जी के साये के साथ। एक ऐसे पुरोधा...जिनके बारे में जितना लिखा जाये,कम ही है, फिर भी अपनी सीमित समझ और पहुंच के अनुसार कुछ साहस करने जा रही हूँ। आशा है आप अपने योगदान से पूर्ण बनायें...

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विलियम बटलर यीट्स:आयरिश नोबेल साहित्यकार
सादर वन्दे आदरणीय सुधी वृन्द! सुहृद मित्रों,आज मैं भारतीय नहीं एक आयरिश साहित्यकार का संछिप्त परिचय प्रस्तुत करने जा रही हूँ। आप सोच सकते हैं स्वदेशी साहित्यकारों को पहले  प्रस्तुत करना प्रासंगिक होता,लेकिन एक विदेशी साहित्यकार को प्राथमिकता देने के दो कारण...

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गुरुदेव: रबीन्द्र नाथ टैगोर
सादर वन्दे परम् आदरणीय साहित्य प्रेमियों!    साहित्य नीड़...साहित्य का गेह! आज की पोस्ट इस गेह की आधारशिला है सुहृद मित्रों। यदि साहित्य में भारतीय साहित्य की बात करें,तो गुरुदेव:रबीन्द्र नाथ का नाम सर्वप्रथम जहन में आता है। विश्व के परिपेक्ष्य में भी आपका ...
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