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suresh kumar pandey
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Discourse - EVM का मायाजाल!
हारने वाले राजनीतिक पार्टियों का आरोप कि EVM में छेड़छाड़ किया गया था इसलिए हम हार गए,कितना उचित है? यह एक आश्चर्यचकित कर देने वाला बयान है। इस कतार में एक ऐसी भी पार्टी है जो इसी EVM से दिल्ली में ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। आपको सोचना चाहिए कि अगर वर्तमान विध...

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शतरंज का खेल - जो बहुत कुछ सिखाता है।
          सभी खेलों में मेरा पसंदीदा खेल रहा है। सतही स्तर पर देखने से तो यह मात्र चौसठ खानें और मात्र बत्तीस पीसेज(चौरस) का एक ढांचा लगता है उसमें भी सोलह तो पाउन(pawn,भारत में सैनिक) होते हैं जिनका साधारणतः कोई मोल नहीं होता। लेकिन इन सैनिकों की एक ख़ास बा...

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जिस्म के बाजार में बेच चुके - 2
         (ध्यान रहे,वेश्या भी अपने जिस्म का व्यापार डंके के चोट पर करती है)          इस सीरीज की तीन अलेखें पूरी हो गयी है। इस आलेख में जिस वामपंथी इतिहासकार के काले करतूत की चर्चा की जाएगी,उनका नाम है - सतीश चंद्र।           सतीश चंद्र की मेरे पास दो किताब...

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जिस्म के बाजार में बेच चुके -
        पिछले दो आलेखों में भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद्,राम मंदिर मुद्दा और प्राचीन भारत में गोमांस खाया जाता था का सच उजागर किया जा चुका है। अब तक इनके करतूत और फरेब सब जान गए होंगे। इस आलेख में चर्चा कुछ और पहलू पर।        अब आगे........         वामपंथी...

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प्राचीन भारत में गोमांस खाया जाता था,अगर कुछ देर के लिए सही भी मान लिया जाए, तो क्या हो गया ?
         डी.एन. झा अपनी किताब 'ANCIENT INDIA : AN INTRODUCTORY OUTLINE',मनोहर,नई दिल्ली,1977 में लिखते हैं -"प्राचीन भारत में गोमांस खाया जाता था।" इस किताब में ऐसे ही कई दावे किये गए हैं लेकिन सवाल यह है कि प्रमाण कहाँ है ?         यह बात उन्होंने बड़ी चाला...

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वामपंथी इतिहासकारों का घिनौना करतूत और कपटजाल -
है न अजीब ? यदि संघ से संबंध रखने वाला कोई व्यक्ति है तो उसे सांप्रदायिकता का प्रमाण पत्र दे दिया जाता है,लेकिन जब कई विद्वानों और इतिहासकारों का संबंध किसी वामपंथी संगठन से हो तो इनका कौमार्य भंग नहीं होता। अजीब विडंबना है देश का। मैं अपनी बात का शुरुआत 'भ...

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तस्वीरें बहुत कुछ कहती है। अगर एक कदम आगे बढ़कर कहा जाए तो तस्वीरें कभी झूठ नहीं बोला करती। मीडिया के माध्यम से इस व्यक्ति की पहचान ओडिशा के एक गरीब आदिवासी दाना मांझी के रूप में हुयी है। टीबी के कारण इनकी पत्नी की मौत हो जाती है लेकिन पर्याप्त पैसा न होने क...

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यह गरीब आदिवासी अपनी पत्नी का लाश नहीं बल्कि भारतीय समाज और लोकतंत्र का जनाजा अपने कंधे पर ले जा रहा है -
तस्वीरें बहुत कुछ कहती है। अगर एक कदम आगे बढ़कर कहा जाए तो तस्वीरें कभी झूठ नहीं बोला करती। मीडिया के माध्यम से इस व्यक्ति की पहचान ओडिशा के एक गरीब आदिवासी दाना मांझी के रूप में हुयी है। टीबी के कारण इनकी पत्नी की मौत हो जाती है लेकिन पर्याप्त पैसा न होने क...

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न्याय का तकाजा है आप अपनी छड़ी वहीं तक घुमा सकते हैं जहां से दूसरे की नाक शुरू हो जाती है -
        आकार पटेल,जिनका नाम आपमें से कईयों ने सुना होगा जो एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया कार्यकारी संचालक हैं।                 कुछ दिनों से इनका नाम मीडिया में छाया हुआ है वो भी तब से जब से इस NGO के एक कार्यक्रम में देशविरोधी नारे लगाए गए।          इनके कई लेख...
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