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https://www.amarujala.com/photo-gallery/india-news/atul-maheshwari-scholarship-2017-successful-students-get-honoured-from-vice-president-v-naidu
अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति 2017 में सफल रहे 38 विद्यार्थियों को गुरुवार शाम उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने अपने आवास पर बुलाकर सम्मानित किया। इसके साथ ही पिछले वर्षों में अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति पा चुके विद्यार्थियों में से 5 चुनिंदा विद्यार्थियों की आगे की शिक्षा की व्यवस्था करने की घोषणा भी अमर उजाला फाउंडेशन ने की। इनमें से भी चार विद्यार्थियों को इस समारोह में सम्मानित किया गया।
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https://www.amarujala.com/photo-gallery/india-news/atul-maheshwari-scholarship-winner-students-welcomed-at-amar-ujala-office
अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा 2017 में सफल रहे छह राज्यों के 36 विद्यार्थियों और दो प्रतिभाशाली दृष्टिबाधित विद्यार्थियों का बुधवार को अमर उजाला के नोएडा मुख्यालय में भावभीनी स्वागत किया गया।
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https://foundation.amarujala.com/event/self-defense-training/
वाराणसी में अमर उजाला फाउंडेशन और मानव अकादमी ऑफ मार्शल आर्ट्स की ओर से बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए जा रहे हैं. छात्राएं शक्ति परी बनें, आत्मरक्षा के गुरों से विकट परिस्थियों का सामना खुद कर सकें और लड़कियों का आत्मविश्वास मजबूत हो, इस उद्देश्य से अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा विद्यालयों में सेल्फ डिफेंस कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा हैं. शिविर में भाग लेने वाले सभी प्रशिक्षुओं को सर्टिफिकेट दिया जाएगा.

इस पाठशाला में न केवल स्कूल- कॉलेजों की छात्राएं बल्कि आसपास के मुहल्लों, क्षेत्रों की लड़कियां और महिलाएं भी शामिल हो सकेंगी. 15 दिनों तक चलने वाला यह शिविर पूरी तरह से निःशुल्क होगा. सेल्फ डिफेंस की यह पाठशाला 30 विद्यालयों में चलेगी.

09 अप्रैल को कस्तूरबा बालिका इंटर कॉलेज, अर्दली बाजार में सुबह आठ बजे से प्रधानाचार्य डॉ. सुधा सिंह की देखरेख में कार्यशाला की शुरुआत की गई और शाम को पाणिनि कन्या महाविद्यालय, महमूरगंज में कराटे की क्लास चलाई गई.

10 अप्रैल को प्रातः 8 बजे ग्रीन वैली इंग्लिश स्कूल, खुशहाल नगर में प्रशिक्षकों ने बालिकाओं को किक पंच के साथ ही आत्मरक्षा के टिप्स बताए. दूसरा कार्यक्रम डीरेका इंटरमीडिएट कॉलेज में आयोजित किया गया.

11 अप्रैल को गौतम बुद्ध बालिका हाई स्कूल, लोहता और सरदार पटेल आदर्श इंटरमीडिएट कॉलेज, चांदपुर में मार्शल आर्ट्स का प्रशिक्षण शिविर चलाया गया.

12 अप्रैल को मर्दानी बनकर मनचलों को सबक सिखाने के लिए वाराणसी के ऊँचगांव स्थित ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल और नकईपुर स्थित मां वैष्णो विद्यालय में छात्राओं को कराटे का प्रशिक्षण दिया गया.

13 अप्रैल को श्री बल्लभ विद्यापीठ और श्री अग्रसेन कन्या इंटर कॉलेज की छात्राएं आत्मरक्षा के पहलुओं से रूबरू हुई. अलग-अलग विद्यालयों में शुरू की जा रही कराटे ट्रेनिंग की श्रृंखला में छात्राओं को आत्मरक्षा के दो मूल मंत्र- डिफेंस और अटैक की तकनीकी जानकारियां भी प्रदान की जा रही है.
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https://foundation.amarujala.com/event/gagaas-nadi-almora/
अल्मोड़ा जिले में गगास नदी को सदाबहानी बनाने के लिए अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा ग्रामीणों की मदद से अभियान चलाया जा रहा है. गावों ने अपने पुराने चाल खावों को सजाने के लिए कमर कसी है. उदयपुर और भटकोट के जंगल में आठ और नौ अप्रैल से मुहीम की शुरुआत की गई.

सदाबहानी गगास अभियान के तहत कैडारों घाटी के आधा दर्जन गांवों के लोगों ने अल्मोड़ा जिले के उदयपुर के जंगल से अपनी इस नई मुहीम की शुरुआत की. इस जंगल में गोमाटी, सुवरखाव, कौड़िया, भैसिंयाछान सहित दो दर्जन से अधिक बेहद पुराने खाव हैं. कभी जंगल में दुधारू पशुओं के साथ रहने वाले लोगों ने बारिश के पानी का उपयोग गर्मी के दिनों में करने के लिए इन खावों को बनाया था. लोग न सिर्फ अपने पुराने खावों की ओर लौट रहे हैं बल्कि इन खावों की देखरेख का संकल्प भी ले रहे हैं.

सदाबहानी गगास अभियान के तहत अल्मोड़ा जिले के उदयपुर के जंगल में स्थित सालों पुराने गौमाटी के खाव को ग्रामीण महिलाओं और बच्चों ने सुधारा.

इस मुहिम में राजकीय इंटर कॉलेज, बिन्ता के एनएसएस और एनसीसी के छात्रों ने उदयपुर के जंगल को देखा भाला और अपने दम पर कौड़िया का खाव सुधारा किया और अपने गांवों के बाकी पुराने खावों को सुधराने की कमान संभाली.
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वाराणसी में अमर उजाला फाउंडेशन और मानव अकादमी ऑफ मार्शल आर्ट्स की ओर से बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए जा रहे हैं. छात्राएं शक्ति परी बनें, आत्मरक्षा के गुरों से विकट परिस्थियों का सामना खुद कर सकें और लड़कियों का आत्मविश्वास मजबूत हो, इस उद्देश्य से अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा विद्यालयों में सेल्फ डिफेंस कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा हैं. शिविर में भाग लेने वाले सभी प्रशिक्षुओं को सर्टिफिकेट दिया जाएगा.
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https://foundation.amarujala.com/event/safaai-abhiyaan-mahatma-gandhi-college/
हल्द्वानी में अमर उजाला फाउंडेशन, गो क्लीन गो ग्रीन संस्था के साथ मिलकर स्थानीय स्तर पर विद्यार्थियों के सहयोग से सफाई अभियान चलाया जा रहा हैं. एकत्र किए गए कूड़े को निगम की गाड़ी से भिजवाया जाता हैं. घर के आस-पास सफाई रखने के लिए खाली पड़े प्लाटों में कूड़ा न फेंकने, प्लास्टिक का थैले की जगह कपड़े का थैला प्रयोग करने के लिए आस-पास के लोगों को जागरुक किया जाता हैं और सपथ दिलाई जाती हैं.

इसी क्रम में अमर उजाला फाउंडेशन और गो क्लीन गो ग्रीन संस्था की ओर से आज हल्द्वानी के महात्मा गांधी इंटर कॉलेज के पास सफाई अभियान चलाया गया, ये अभियान कल भी चलाया जाएगा.

रामपुर रोड और बरेली रोड को जोड़ने वाली इस सड़क पर कूड़े का अंबार लगा रहता है. आसपास के लोग इस दौरान पहुंचकर अभियान में सहयोग कर सकते हैं.
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अल्मोड़ा जिले में गगास नदी को सदाबहानी बनाने के लिए अमर उजाला फाउंडेशन की मुहीम में कंधे से कंधा मिलाकर लोग उदयपुर के जंगल की ओर 8 अप्रैल को रुख करेंगे. अब कई गांवों ने अपने चाल खावों को सजाने और संवारने के लिए कमर कसी है. उदयपुर और भटकोट के जंगल में आठ और नौ अप्रैल को इस मुहिम की शुरुआत की जा रही है.
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https://foundation.amarujala.com/event/gagaas-abhiyaan/
देवभूमि उत्तराखंड के कुमाऊँ में गगास एक ऐसी नदी हैं, जिसके दो उद्गम स्थल माने जाते हैं. इसकी भौतिक और आध्यात्मिक महत्ता के चर्चे होते हैं. कभी सदाबहानी रही गगास अब तेजी से सूख रही हैं. सदाबहानी गगास नदी के गिरते जल स्तर को लेकर अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा स्थानीय लोगों के सहयोग से, विभिन्न सरकारी विभागों को साथ लेकर इस नदी को सदाबहानी करने का एक अभियान चलाया जा रहा हैं. गगास बचाओ अभियान के तहत स्थानीय महिलाओं ने कमर कसी और उद्गम स्थलों को रिचार्ज करने, चाल-खाल बनाने और पौधारोपण पर भी जोर दे रही हैं. गौरतलब हो कि गगास नदी को सदाबहानी बनाने के लिए गत वर्ष मई माह में पदयात्रा भी निकाली गई थी, जिसमें स्थानीय ग्राम समाज के महिला-पुरुष के साथ ही स्थानीय विद्यालयों के विद्यार्थी एवं शिक्षकगण भी शामिल हुए.

अल्मोड़ा जिले में गगास नदी को सदाबहानी बनाने के लिए अमर उजाला फाउंडेशन की मुहीम में कंधे से कंधा मिलाकर लोग उदयपुर के जंगल की ओर 8 अप्रैल को रुख करेंगे. अब कई गांवों ने अपने चाल खावों को सजाने और संवारने के लिए कमर कसी है. उदयपुर और भटकोट के जंगल में आठ और नौ अप्रैल को इस मुहिम की शुरुआत की जा रही है.
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