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Sushil Kumar Kushwaha
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Sushil Kumar Kushwaha - HSE Supervisor
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आरज़ू होनी चाहिए किसी को याद करने की
आरज़ू होनी चाहिए किसी को याद करने की, लम्हें तो अपने आप मिल जाते हैं, कौन पूछता है पिंजरे में बंद परिंदों को, याद वही आते हैं जो उड़ जाते हैं. भी सूरज नहीं डूबा जरा सी शाम होने दो, मैं खुद लौट जाऊंगा मुझे नाकाम तो होने दो, मुझे बदनाम करने का बहाना ढूंढ़ता है ...
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संगमरमर के महल में तेरी तस्वीर सजाऊंगा
संगमरमर के महल में तेरी तस्वीर सजाऊंगा,  अपने इस दिल में तेरे ही ख्वाब जगाऊंगा,  यूँ एक बार आजमा के देख तेरे दिल में बस जाऊंगा,  मैं तो प्यार का हूँ प्यासा तेरे आगोश में मर जाऊॅंगा. कब तक वो मेरा होने से इंकार करेगा,  खुद टूट कर वो एक दिन मुझसे प्यार करेगा,...
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ये कैसी मोहब्बत हैं जो तुम मुझसे करते हो
आखिर क्यों मुझे तुम इतना दर्द देते हो जब भी मन में आये क्यों रुला देते हो, निगाहें बेरुखी हैं और तीखे हैं लफ्ज़, ये कैसी मोहब्बत हैं जो तुम मुझसे करते हो. मेरे बहते आंसुओ की कोई कदर नहीं, क्यों इस तरह नजरो से गिरा देते हो, क्या यही मौसम पसंद है तुम्हे जो, सर...
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उनके होंठो पे मेरा नाम जब आया होगा, खुदको रुसवाई से फिर कैसे बचाया होगा, सुनके फसाना औरो से मेरी बर्बादी का, क्या उनको अपना सितम ना याद आया होगा. रेत पर नाम कभी लिखते नहीं, रेत पर लिखे नाम कभी टिकते नहीं, तुम कहते हो पत्थर दिल हूँ मैं, पत्थर पर लिखे नाम कभी...
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कुछ लोग यूँ ही शहर मे हम से भी खफा हैं
दिल मे ना हो ज़रूरत तो मोहब्बत नही मिलती, खैरात मे इतनी बड़ी दौलत नही मिलती, कुछ लोग यूँ ही शहर मे हम से भी खफा हैं, हर एक से अपनी भी तबीयत नही मिलती. देखा था जिसे मैने कोई और था शायद, वो कौन है जिस से तेरी सूरत नही मिलती, हंसते हुए चेहरो से है बाज़ार की ज़न...
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इस तरह मिली वो मुझे सालों के बाद
इस तरह मिली वो मुझे सालों के बाद, जैसे हक़ीक़त मिली हो ख़यालों के बाद, मैं पूछता रहा उस से ख़तायें अपनी, वो बहुत रोई मेरे सवालों के बाद. तिनके तिनके मे बिखरते चले गये, तन्हाई की गहराइयो मे उतरते चले गये, जन्नत थी हर शाम जिन दोस्तो के साथ, एक एक कर के सब बिछ...
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