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Upasna Siag
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माँ तो माँ है ..
     एक दिन छोटी सी बात हो गई। कई बार कुछ छोटी बातें दैनिक जीवन में छोटी बातें  गहरा असर करती  है और याद भी रह जाती है। तो उस दिन यह हुआ कि मैं रसोई के काम से थोड़ी सी फुरसत पाते ही बैठक की तरफ गई। वहां अंशुमान अख़बार में , प्रध्युम्न मोबाईल में और संजय जी फो...

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अब अगर आओ तो जाने के लिए मत आना,
सिर्फ़ एहसान जताने के लिए मत आना,

मैंने पलकों पे तमन्नाये सजा रखी है,
दिल मे उम्मीद की सौ शमे जला रखी है,

यह हसी शमे बुज़ाहाने के लिए मत आना,
प्यार की आग मे जंजीरे पिघल सकती है,

चाहने वालो की तकदिरें बदल सकती है,
तुम हो बेबस ये बताने के लिए मत आना,

अब तुम आना जो तुम्हे मुज्ह्से मोहबत है कोई,
मुज्से मिलने की अगर तुमको भी चाहत है कोई,

तुम कोई रसम निभाने के लिए मत आना...

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साथी
  " रामली , तू मेरे से ब्याह कर ले ...!" राम दीन ने अपने हाथ में पकड़ी एक छोटी से टहनी को दूसरे हाथ पर थपथपाते हुए , रामली यानि रामेश्वरी की और देखते हुए कहा।  " रे तेरा दिमाग तो ना खराब  हो गया  राम दीन ...! ठीक है तेरे से बात भी करूँ , मिलने को भी आऊं हूँ...

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तिलिस्म...
                सुमि अचानक हुई बारिश से घबरा कर तेज़ कदम चलने लगी।  वैसे इतनी अनायास भी नहीं थी ये बारिश। बादल तो सुबह ही से थे पर उसे नहीं मालूम था कि ऐसे ही भिगोने लग जाएगी। घर से चलते हुए माँ ने  छाता ले जाने को कहा भी था पर वो ही लापरवाही से भाग ली थी। ...

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जब मन्त्र जप करना हो
    हम अपने -अपने ईष्ट की पूजा तो अवश्य ही करते हैं। कभी ग्रह दोष मिटने के लिए पूजा-पाठ करते हैं तो कभी अपने ईष्ट के करीब रहने के लिए भी पूजन करते हैं। पूजन में मन्त्रों का बहुत महत्व है। मन्त्रों का उच्चारण और इनकी ध्वनि से वातावरण में सकारात्मकता उत्पन्न ...

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ये कैसी मोहब्बत कहाँ के फ़साने,
ये पीने पिलाने के सब है बहाने,

वो दामन हो उनका के सुनसान सेहरा,
बस हमको तो आख़िर हैं आंसू बहाने,

ये किसने मुझे मस्त नज़रों से देखा,
लगे ख़ुद-ब-ख़ुद ही कदम लड़खडाने,

चलो तुम भी ‘गुमनाम’ अब मैकदे में,
तुम्हे दफन करने हैं कई गम पुराने....

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अपनी आँखों के समंदर में उतर जाने दे,
तेरा मुजरिम हूँ मुझे डूब के मर जाने दे ।

ऐ नए दोस्त मैं समझूँगा तुझे भी अपना,
पहले माज़ी का कोई ज़ख़्म तो भर जाने दे ।

आग दुनिया की लगाई हुई बुझ जाएगी,
कोई आँसू मेरे दामन पर बिखर जाने दे ।

ज़ख़्म कितने तेरी चाहत से मिले हैं मुझको,
सोचता हूँ कि कहूँ तुझसे मगर जाने दे ।

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