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Kulbhushan Singhal (कुल भूषण सिंघल)
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समाधान(SOLUTION); चमत्कार, कर्महीनता से हिन्दू समाज को छुटकारा कैसे मिलेगा?
THIS IS NOT AN ORIGINAL POST BUT CONTAINS CONTENT FROM THE FOLLOWING TWO POSTS : हिन्दू को कर्महीन से कर्मठ बनाने के कार्यक्रम सेजुड़े, दूसरा विकल्प है नहीं समाज को कर्मठ बनाना है तो पुराण प्रभु के अवतरण को इतिहास मानो कथा नहीं Q 1. प्रश्न ...>>> बार बार, इस...
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हिन्दू को कर्महीन से कर्मठ बनाने के कार्यक्रम सेजुड़े, दूसरा विकल्प है नहीं
बार बार, इस बात को दुहराया जा रहा है कि जब तक हिन्दू कर्मठ नहीं होगा, समस्याओं का समाधान नहीं होने वाला | क्या अंतर है, कर्महीन और कर्मठ में, समझते हैं : // कर्म, भावना के अनुपात में अंतर होता है // //The difference is in the ratio of KARM and BHAVNA // कर्...
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नीचे दिए तथ्यों के आधार पर निर्णय आप स्वंम करें कि क्या धर्म व्यक्तिगत है?
क्या धर्म व्यक्तिगत है? उत्तर : बिलकुल नहीं , सिर्फ पूजा पाठ और विधि व्यक्तिगत है | धर्म सिर्फ सनातन में ही नहीं, पूरे विश्व में व्यक्तिगत नहीं है , और ना ही हो सकता | नीचे दिए तथ्यों के आधार पर निर्णय आप स्वंम करें ! सिर्फ समाज को बेवकूफ बनाने के लिए और शो...
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विद्वान परशुराम को नकारात्मक क्रोधित और घोर बदला लेते हुए क्यूँ दिखाते हैं?
मालूम नहीं क्यूँ संस्कृत विद्वान यह पूरी तरह से गलत सूचना विष्णु अवतार, भगवान् परशुराम जी के बारे में देते है, की क्षत्रियों का उनके पिता के साथ दुर्व्यवाहर के कारण , तथा क्षत्रियों की अन्य उद्दंडता के कारण , उन्होंने इक्कीस बार पृथ्वी को सारे क्षत्रिये मार...
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गुरु पूर्णिमा पर जीवित गुरु कि वंदना समाप्त होनी चाहीये, यही सनातन है
समझिये, और यदि इसको अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझते हैं तो चर्चा, शेयर भी करीए ! गुरु पूर्णिमा पर गुरु वंदना का बहिष्कार होना चाहीये ! निर्णय कठिन है क्यूँकी अपने वर्षो से चले आ रहे संस्कार से लड़ना होगा ! पिछले ४० वर्षो से इसका दुष्यपरिणाम सरकारी संस्थानों मै...
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ब्रह्मा विष्णु महेश, एक व्यवहारिक सकारात्मक दृष्टिकोण जो सनातन है
सनातन धर्म व्यवहारिक (PRACTICAL) है, इसलिए इसमें गूढ़ कुछ भी नहीं है... क्यूंकि व्यवहारिक बाते सरल होती हैं, आम आदमी भी समझ सकता है ! किसी ज्ञानी से पूछीये कि श्रृष्टि रचेता ब्रह्मा जी के मंदिर क्यूँ नहीं हैं, जगह जगह पर , आपको कहानी किस्से के साथ बहुत गूढ़ अ...
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पुराणों के अनुसार स्वाभाविक विकास या उत्क्रांति का सिद्धांत
पुराण की सबसे सरल परिभाषा है कि वोह बिना तारीख के ब्रहमांड , सौर्य मंडल के विकास का विज्ञानिक और पुराणिक इतिहास है |  तथा,  पृथ्वी की उत्पत्ति कैसे हुई , पृथ्वी का प्रारंभिक विकास का विवरण, फिर विकास या उत्क्रांति का विज्ञानिक, खुगोलिये और पुराणिक इतिहास भी...
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राम कृष्ण ऐतिहासिक अवतार को विद्वान शोषण हेतु कथा में क्यूँ दर्शाते हैं?
अभी हाल में राज्य सभा में माता सीता के जन्म स्थान और उनके वास्तविक अस्तित्व को लेकर कुछ लोगो ने प्रश्न उठाए, जिसका हिन्दू समाज की और से सरकार ने उत्तर दिया कि श्री राम और माता सीता वास्तव में अवतरित हुए थे, और यह आस्था का प्रश्न नहीं है, इतिहास है !  उसी तर...
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कथा और इतिहास में वास्तविक अंतर, इसको समाज सुधार हेतु समझना अपनाना है
मुझे तुलसीदास जी द्वारा रचित ‘मानस’ में पूर्ण आस्था है, और मेरे घर पर सब शुभकार्यो का आरम्भ मानस के पाठ से ही होता है | छोटा शुभ कार्य हो तो, सुंदरकाण्ड का पाठ करके शुभ आरम्भ कर दिया, बड़े में, पूरे मानस का पाठ ! मानस एक कथा है, और राम का त्रेतायुग के काल का...
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आपका इस ब्लॉग में स्वागत है ..! WELCOME , PLEASE DO READ FEW POSTS and COMMENT ..! यह पेज, आपकी इस ब्लॉग की यात्रा को सुखद और आसान बनाएगा ! This page makes your visit to this blog easier and enjoyable ! मेरी हाल की तीन पोस्ट्स ~~ MY RECENT THREE POSTS =====...
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