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डॉ.विजय शिंदे
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प्यार से रहो और रहने दो।
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‘फांस’ से उठता सवाल : खेती से किसान मन क्यों लगाए?
संजीव ने खोजी लेखन के तहत किसानों की जिंदगी पर केंद्रित
उपन्यास लिखा है ‘फांस’। संजीव का केवल यहीं एक उपन्यास खोजी लेखन नहीं है इसके
पहले के इनके ‘किसनगढ़ के अहेरी’, ‘सावधान! नीचे आग है’, ‘सर्कस’, ‘जंगल जहां शुरू
होता है’, ‘सूत्रधार’, ‘रह गई दिशाएं इस पार’ आ...
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सिनेमा की पटकथा का स्वरूप
फिल्मों के व्यावसायिक और कलात्मक नजरिए से सफल होने
के लिए आधारभूत तत्त्व के नाते कथा, पटकथा और संवादों को बहुत अधिक एहमीयत है। कथा
या कहानी आरंभिक तत्त्व के नाते एक सृजन प्रक्रिया होती है और इसे साहित्यकार
द्वारा जाने-अनजाने अंजाम दे दिया जाता है। सृजन कार्...
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काले फन का काला धन
" ओ मजदूर! ओ मजदूर!! तू सब
चीजों का क र्ता , तू हीं सब चीजों से दूर ओ
मजदूर! ओ मजदूर!!  *** श्वानों को मिलता
वस्त्र दूध , भूखे बालक अकुलाते हैं। मां की
हड्डी से चिपक ठिठुर , जाड़ों की रात बिताते हैं । ***  युवती की लज्जा बसन
बेच , जब ब्याज चुका ए जाते ह...
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सुदामा पांडेय ‘धूमिल’ की काव्य संवेदना का प्रतिनिधित्व करती कविता ‘मोचीराम’
     सुदामा पांड़ेय ‘धूमिल’ जी का नाम हिंदी साहित्य में
सम्मान के साथ लिया जाता है। तीन ही कविता संग्रह लिखे पर सारी प्रजातांत्रिक
व्यवस्था और देश की स्थितियों को नापने में सफल रहें। समकालीन कविता के दौर में एक
ताकतवर आवाज के नाते इनकी पहचान रही हैं। इनकी कव...
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सिनेमा के सिद्धांत (Theories of Film)
  सिनेमा का
निर्माण कोई एक व्यक्ति नहीं तो पूरे विश्वभर में विभिन्न देशों में विभिन्न भाषाओं
के भीतर कई लोग कर रहे हैं। फिल्म निर्माण के दौरान निमार्ताओं द्वारा कोई सिद्धांत , मूल्य , विषय , नियम , कानून तय होते हैं। प्रत्येक निर्माता - निर्देशक इन सिद्धांत...
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सिनेमा के सिद्धांत (Theories of Film)
  सिनेमा का
निर्माण कोई एक व्यक्ति नहीं तो पूरे विश्वभर में विभिन्न देशों में विभिन्न भाषाओं
के भीतर कई लोग कर रहे हैं। फिल्म निर्माण के दौरान निमार्ताओं द्वारा कोई सिद्धांत , मूल्य , विषय , नियम , कानून तय होते हैं। प्रत्येक निर्माता - निर्देशक इन सिद्धांत...
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     फिल्म के निर्माण की अनेक महत्त्वपूर्ण कड़ियों में से
अहं कड़ी हैं - संवाद। संवाद सृजन प्रक्रिया के साथ जुड़नेवाली कला है। संवादों के
माध्यम से कहानी को कथात्मक रूप से संवादात्मक और नाटकीय रूप प्राप्त होता है,
जिसका उपयोग अभिनय के दौरान होता है। फिल्मों की...
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पटकथा लेखन का तकनीकी तरीका
पटकथा लेखन करना
मेहनत, अभ्यास, कौशल और सृजनात्मक कार्य है। कोई लेखक जैसे-जैसे फिल्मी दुनिया के
साथ जुड़ता है वैसे-वैसे वह पटकथा लेखन की सारी बातें सीख लेता है। पटकथा लेखक को
उसकी बारिकियां अगर पता भी न हो तो कम-से-कम उसे ऐसा लेखन करने की रुचि होनी
चाहिए। निर...
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पटकथा लेखक के गुण
    कहानी का सृजक अपनी
प्रतिभा के बलबूते पर कहानी की रचना करता है। उसका यह लेखन अपने अंतर की प्रेरणा
का स्वरूप होता है। लेखक जो लिखता है उसका व्यावसायिक लाभ कमाने का उद्देश्य कम
होता है, अर्थात् उसका लेखन करने का उद्देश्य स्वांतः सुखाय अधिक होता है। लेकिन
य...
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