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Sanghsheel 'Sagar'
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Sanghsheel 'Sagar''s posts

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मेरा नहीं तुम्हें था गैरों के खोने का ग़म ।
मेरा  नहीं  तुम्हें   था   गैरों  के  खोने  का  ग़म । शायद  मेरा  प्यार   कहीं   पड़  गया  है  कम ।। देखा  तुझे   रोमांस  करते   गैरों  के  साथ  में । नशें फटीं, उबाल आया, हुआ ख़ून मेरा गरम ।। ज़िस्म   तुम्हारा   है   या   कोई   धरम   शाला । कितनी  बेशरम  हो  त...

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आज डोली उसकी घर को मेरे पार कर गयी
मेरे   दिल  के  वो  टुकड़े   हजार  कर   गयी । मेरी   ज़िन्दगी  में  घुस  के  अत्याचार   गयी ।। अब तो ज़िन्दगी का आखिरी मेला भी ख़तम हुआ । आज डोली उसकी घर को मेरे पार कर गयी ।। ज़िन्दगी   ने    जिससे    भी   की    बेवफाई । मौत  की   सहेली  उससे   प्यार   कर   ग...

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मुझे प्यार का मतलब समझा दो
कुछ - कुछ होता है दिल में, मेरी उलझन को सुलझा दो । कहते किसे हैं प्यार मुझे,  प्यार का मतलब समझा दो ।। अब तुम छोड़ो रीति रिवाज़, अपना होता नहीं है समाज । तुम मुझसे मिलने आ जाओ, सारी दुनियाँ को ठुकरा दो।। मुझे  रब  के  दर्शन  करने  का   शौक  नहीं  है  बिल्कुल ...

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माँ का शब्द ही मरहम का काम करता है।
माँ का शब्द ही मरहम का काम करता है। हर सुपुत्र अपने बाप का नाम करता है।। मिल जाता है सुकुन उसको। जो माँ की पूजा सुबह शाम करता है।।

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आशियाना न बना गर तेरी गली में ।
चित्र स्रोत - गूगल आशियाना   न   बना   गर   तेरी   गली   में । क़ब्र  के   लिए  जगह   मिले   तेरी  गली  में ।। होगा   दीदार    तुम्हारा    किसी   बहाने   से । सोचकर  आशिक़   भटकता   तेरी  गली  में ।। घर  का   तेरे  पता   मालूम   नहीं   फ़िर  भी । मंजिल   मिलेग...

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आसमान का सीना चीर के आता प्रकाश है ।
आसमान   का   सीना   चीर   के   आता   प्रकाश   है । धरती    के    ऊपर     साया    करता    आकाश    है ।। कभी भौतिकी कभी जैविकी, रसायन में उपयोग हुआ । विज्ञान  की  हर  शाखा  में  प्रकाश  का प्रयोग  हुआ ।। विज्ञान  के  इमारत  की  नींव  का  नाम   प्रकाश  है । धर...

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इतना पता चला फिर नफ़रत नहीं रही ।।
तुमको  हमसे  जब से  मोहब्बत  नहीं रही । मेरे  प्यार  में भी  उतनी  शिद्द्त  नहीं रही ।। अपना बना के छोड़ देना आदत है तुम्हारी । इतना  पता  चला  फिर  नफ़रत  नहीं रही ।।

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उससे हमारा रिश्ता कुछ अज़ीब सा है।
उससे    हमारा    रिश्ता   कुछ   अज़ीब   सा   है। मेरी   ज़िन्दगी   का  लगता   वो  नसीब  सा  है।। बहुत सोचता है इज़हार - ऐ - मोहब्बत से पहले। प्यार    देने    में    वो    थोडा    गरीब    सा   है।। दूरी   इतनी   कि   मिल   पाना   आसाँ  नहीं  है। फिर    भी   वो ...

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धोखा मुझे दिया तूने क्यों बेवफ़ा ।।
आती     है     याद     तेरी    ओ     बेवफा । जाती     है    जान    मेरी    ओ     बेवफा ।। पूछते  हैं  दिल  के  टुकड़े   बता  दो  मुझे । धोखा   मुझे   दिया   तूने   क्यों   बेवफ़ा ।। अभी चलती है धड़कन न छोड़ जाओ तुम । हम मर जायें बिना दीद के न दो ये सज़ा ।। कर   ...

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निकल गया वो ज़माना जब तुम्हारा सज़दा करते थे ।
निकल गया वो ज़माना जब तुम्हारा सज़दा करते थे । तुम  भी  नहीं  थे  बेवफ़ा  तब  हमसे  वफ़ा  करते  थे ।। जुदाई  का  हर  लम्हा  गुज़रता  था  तेरी  इबादत  में । तुम  ख़ुश  रहना  हमेशा  बस  इतनी  दुवा  करते  थे ।। तड़पता  था  तेरी  याद  में  जब   बेबस  हमारा  दिल । नाम ...
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