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आधारभूत ब्रह्माण्ड
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वास्तविकता यह नहीं है कि आप उसे देख नहीं सकते। वास्तविकता यह है कि जिसे आप देख पा रहे हैं उसके निर्माण में कौन-कौन से अवयव और घटक कार्यरत हैं।
वास्तविकता यह नहीं है कि आप उसे देख नहीं सकते। वास्तविकता यह है कि जिसे आप देख पा रहे हैं उसके निर्माण में कौन-कौन से अवयव और घटक कार्यरत हैं।

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कविता : वैज्ञानिक पद्धति
इंतजार रहता है हमें घटनाओं के घटित होने का मन में प्रश्नों के उठने का आंकड़ों के इकट्टे होने का परीक्षण के पूरे होने का मापन के परिणाम का ताकि निकल सके कुछ तार्किक निष्कर्ष और हो सके भविष्यवाणियाँ विज्ञान समाज से साझा करता ज्ञान, विधि और तकनीकियाँ मनुष्य नह...

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सापेक्षता की समझ
जहाँ समाज में विज्ञान से ऊर्ध्वाधर (Vertical) विकास होता है। वहीँ समाज में कला से क्षैतिज (Horizontal) विकास होता है। विज्ञान की नई खोजों से तकनीक का भी विकास होता है उसी तकनीक के प्रति मनुष्य की समझ द्वारा उसका सहज उपयोग का नाम "कला" है। कला, विज्ञान की खो...

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अंधविश्वास, भ्रम और मनोरोग पर समाज का व्यवहार
जिस प्रकार सामने वाले की गलती या कमी पर हमारी प्रतिक्रिया से हमारी मंशा जगजाहिर होती है। उसी प्रकार अंधविश्वास, भ्रम और मनोरोग पर समाज की प्रतिक्रिया से हम उस समाज के व्यक्तियों की मंशा जान सकते हैं। जब हम सामने वाले की गलती या कमी को उसी के सामने (मुंह पर)...

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विज्ञान के कार्यान्वित होने की शर्तें
विज्ञान प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से प्रकृति पर केंद्रित होता है। समस्याओं के निदान की खोज हो या फिर प्रतिरूप/प्रतिमानों की खोज हो ! आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु नई प्रणालियों के निर्माण की संभावना की खोज हो या फिर कारण का घटना, प्रभाव और लक्षण के साथ संबंध की ...

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विज्ञान जगत में : हमारे अधिकार
विज्ञान जगत : मनुष्यों द्वारा निर्मित एक ऐसा समाज जहाँ प्रत्येक मनुष्य खोज और उसके उपयोग को लेकर पूर्णतः स्वतंत्र होता है। विज्ञान जगत कहलाता है। "विज्ञान क्या है ?" के उत्तर से एक बात बहुत स्पष्ट हो जाती है कि आखिर क्यों मनुष्य को विज्ञान जगत में समानता और...

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प्रकृति की सुंदरता
साहित्य लेखन में भले ही प्रकृति की सुंदरता को पेड़-पौधे और जीव-जन्तुओं के रंग-रूप (संरचना) के द्वारा दर्शाया जाता है। सूर्योदय की लालिमा, आसमान का नीलापन, बादलों की सफेदी और रात के समय आकाश में टिमटिमाते तारें सुंदरता का बोध कराते हों। परन्तु विज्ञान में प्र...

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वैज्ञानिक विधियों का विकास
ज्यों-ज्यों मानव जाति का विकास होता गया। उसकी समझ और अधिक विकसित होती गई। अब वह सिर्फ इस पृथ्वी की सुंदरता से आकर्षित नहीं हो रहा था और न ही सिर्फ घटित घटनाओं को आश्चर्य से देख रहा था। बल्कि अब उसके मन में अज्ञात को जानने के लिए प्रश्न उठने लगे थे ! वह देखी...

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प्रयोग के प्रकार
विज्ञान के विकास में प्रयोग विधि का बहुत बड़ा योगदान है। जब अवलोकन विधि की अपनी सीमाओं के रहते विज्ञान का विकास थमने सा लगा था। और उत्पन्न होने वाले भ्रम से वास्तविकता को कैसे पृथक किया जाए ? तब जिस विधि की आवश्यकता जान पड़ी थी। वह प्रयोग विधि थी। विज्ञान में...

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विज्ञान के विकास में : हमारे कर्तव्य
विज्ञान का उद्भव तब हुआ, जब मनुष्य ने अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए खोजना शुरू किया। खोजे हुए ज्ञान को उपयोग में लाना सीखा। प्रकृति की सुंदरता के रहस्य को जानना शुरू किया। परन्तु विषय के रूप में विज्ञान का विकास समाज के अस्तित्व में आ जाने के बाद ही संभव...
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