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अनूप शुक्ला
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अनूप शुक्ल
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जोगी रा सारा रा रा
सबसे पहले ’जोगी रा सा रा रा’ कब, किसने, किसको,किसलिये, किस तरह बोला होगा यह पता करना पड़ेगा। कस के बोला होगा या बोल के कस लिया होगा यह भी पता नहीं। किस करके बोला या बोल के किस किया इसका वायरल वीडियो भी नहीं दिखा कहीं। पता करना पड़ेगा। लगता है कभी, किसी ने किस...

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स्मार्ट शहर में जाम
कल सुबह दफ़्तर जाते हुये सूरज भाई फ़ुल मूड में दिखे। सुबह-सुबह का समय था इसलिये गरम तो नहीं लेकिन चमक खूब रहे थे। सारी सड़क पर किरणों और उजाले का इंतजाम था। पेड़-पत्ती-फ़ूल सब जगह किरणें खिलखिला रही थीं। एकाध पत्तियां हवा के इशारे पर खुद तक धूप न पहुंचने की शिका...

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व्यंग्य की जुगलबंदी -22
व्यंग्य की जुगलबंदी -22 का विषय था -बोल सारा रा रा। होली से इतना मिलता-जुलता होने के चलते साथियों ने खूब होलियाया। सबसे पहले  Yamini Chaturvedi  आईं अपना हिसाब लेकर और शुरुआत की : जोगिरा सा रा रा रा होली रंग त्यौहार है, रिमझिम बरसै फाग रंग भंग की मस्ती मैं ...

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शराफ़त
# व्यंग्यकीजुगलबंदी -23 शराफ़त की तलाश में हम शरीफ़ को खोजते हैं। अगर कोई शरीफ़ है तो उसमें शराफ़त तो होगी ही न। अब शरीफ़ की पहचान कैसे करें? आजकल तो हर आदमी जो होता है दिखता उससे अलग है। लोग तो कहते हैं जो आदमी जैसा दिखता है वैसा कत्तई नहीं हो सकता। इसलिये देखक...

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झाड़े रहो कलट्टरगंज-1
पिछले महीने एक दिन कलट्टरगंज मंडी गये। मन किया कि जिसके नाम पर कनपुरिया जुमला - ’झाड़े रहो कलट्टरगंज’ का हल्ला है उसको देखा जाये। घंटाघर चौराहे पर लगभग बीच सड़क पर समाजवादी पार्टी के प्रचार के लिये एक ’पोस्टर वाहन’ खड़ा था। घंटाघर पर दीगर चौराहों की तर्ज पर आध...

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झाड़े रहो कलट्टरगंज-2
पिछली पोस्ट बांचने के लिये इधर आयें https://www.facebook.com/anup.shukla.14/posts/10210706115702495 ऐसा माना जाता है कि कनपुरिया बाई डिफ़ाल्ट मस्त होता, खुराफ़ाती है, हाजिर जवाब होता है।(जिन कनपुरियों को इससे एतराज है वे इसका खंडन कर दें , हम उनको अपवाद मान...

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पंचबैंक-1
1. पालिटिक्स के साये में प्रतिक्रियाएं बदल जाती हैं। मुझे लगता है कि सच्चा नेता बचपन में फेल होने का जिम्मेदार अपनी लफंगई को ना ठहराता होगा, वह कहता होगा कि समाज उसके खिलाफ है। Alok Puranik 1. भारतीय समाज में छोड़ने का महत्व बहुत अधिक है।इतना है कि देशहित और...

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झाड़े रहो कलट्टरगंज -3
इसके पहले का किस्सा बांचने के लिये इधर आइये: https://www.facebook.com/anup.shukla.14/posts/10210706115702495 अहाते के अन्दर घुसते ही मंडी का नजारा दिखा। पल्लेदार बोरे में सिंघाड़े लादे इधर से उधर कर रहे थे। कोई गोदाम से लादकर बाहर खुल्ले में पलट रहा था। कोई ...

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पंचबैंक-2
ईमानदार आदमी ------------------- 1. ईमानदार आदमी जिस दल में होता है, उसी दल की आलोचना करता है और तब तक करता रहता है जब तक उसे धक्का मारकर पार्टी से निकाल नहीं दिया जाता है। 2. ईमानदार आदमी का स्वागत अगर अफ़सर करता है तो दफ़्तर के प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ती है...

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झाड़े रहो कलट्टरगंज -4
इसके पहले का किस्सा बांचने के लिये इधर आयें  https://www.facebook.com/anup.shukla.14/posts/10210716067631287 एक तरफ़ जहां सिंघाड़े का सौदा करने वाले जमा थे वहीं एक जगह कुछ औरतें सिंघाड़े बीनने पछोरने का काम कर रही थीं। अलग-अलग साइज के सिंघाडे अलग कर रही थीं। स...
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