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Jyotishvid Pramod Agrawal
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Astrologer, Legal Consultant & Writer;
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Jyotishvid Pramod's posts

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घर में सामान रखने की सही दिशा जानें
वास्तु, प्रकृति से मनुष्य के सामंजस्य को बनाये रखने की वह अद्भुत कला है जो दस दिशाओं (पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, उत्तर-पूर्व यानी ईशान, दक्षिण पूर्व यानी आग्नेय, दक्षिण- पश्चिम यानी नैऋत्य , उत्तर -पश्चिम यानी वायव्य, आकाश और पाताल) तथा पांच तत्वों (आकाश...

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Article Published in Amar Ujala Compact


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भगवान शिव की महापूजा का पर्व है शिवरात्रि त्रिनेत्रधारी भगवान शिव की महापूजा का पावन पर्व है शिवरात्रि, जिसमें व्रत, उपवास, पूजापाठ, मंत्र साधना, रात्रि जागरण आदि के द्वारा अपनी इंद्रियों को नियंत्रित कर शिव तत्व को प्राप्त किया जा सकता है। शिव सौम्य हैं, स...

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गृह कलह रोकेंगे ये उपाय सामजिक व्यवस्था में घर-परिवार का अपना महत्व है, जहां सभी सदस्य मिल-जुलकर रहते हैं तथा एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए  भरण-पोषण की  जिम्मेदारी  निभाते हैं। परिवार में बने रिश्तों की डोर बड़ी नाजुनिवारण क होती है, एकता प्रेम और ...

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गंगा तेरा पानी अमृत.......
भारत की परंपरा और संस्कृति को अपने में समाहित किये पतित पावनी गंगा सदियों से समस्त प्राणियों के कल्याण का पर्याय बनकर इस धरा पर प्रवाहित हो  रही है। गंगा महज एक नदी मात्र ही नहीं है, बल्कि इस धरती को सिंचित कर अन्न उत्पादन करने वाली वह जीवन धारा है जिसका अम...

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मंगल के लिए मंगल की आराधना
नवग्रहों में पराक्रमी शौर्य के प्रतीक भौम अर्थात मंगल ग्रह को भूमि पुत्र कहा गया है, इसलिए भूमि से जुड़े मामलों में मंगल का विशेष योगदान है। ज्योतिष शास्त्र में मंगल को युद्ध का देवता सेनापति माना गया है। मेष और वृश्चिक राशियों के स्वामी ग्रह मंगल मकर राशि म...

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Article on Navratra


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ज्योतिष में पेड़-पौधों की उपयोगिता
पर्यावरण को हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाये रखने में वृक्षों का महत्वपूर्ण योगदान है। एक वृक्ष सौ पुत्रों से भी बढ़कर है क्योंकि वह जीवन भर अपने पालक को समान एवं निःस्वार्थ भाव से लाभ पहुंचाता रहता है। भविष्य पुराण के अनुसार संतानहीन मनुष्य द्वारा लगाया गया व...

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ग्रहों की गति से जानें जीवन में प्रभाव
  संसार में पाये जाने वाले समस्त प्राणी, पेड़-पौधे , नदी, पर्वत, मृदा आदि ग्रहों के अधीन होते  हैं। कर्मों के अनुसार अच्छा-बुरा जैसा भी फल मिलता है, उसके लिए भी ग्रह उत्तरदायी होते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राह...

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भद्रा में न करें मंगल कार्य
ज्योतिष शास्त्र में तिथि, वार, नक्षत्र, योग तथा करण के स्पष्ट मान आदि को पंचांग कहा जाता है।  कोई भी मंगल कार्य करने से पहले पंचांग का अध्ययन करके शुभ मुहूर्त निकाला जाता है, परंतु पंचांग में कुछ समय या अवधि ऐसी भी होती है जिसमें कोई भी मंगल कार्य करना निषि...
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