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Rinki Raut
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भीतर झाँको
भीतर झाँको-
राजेंद्र बहदुर सिंह ‘ रंजन’ सबसे बड़ा प्रदुषण मन में भीतर झाँको ! कब खुद   का निर्मल अभ्यंतर आज बताओ, और तनिक खुद को बढकर पापी ले आओ, निर्विकार हो भीतर से पहले हर साधक, तभी बनेगा सफल संत-कवि औ आराधक, श्रद्धपूर्वक परमपुरुष को मन में टांको !
भीतर झाँको
भीतर झाँको
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दोस्ती हमारी
ना कभी सवाल
पूछा ना कभी प्रमाण
माँगा बस कहने भर से
साथ चल देते थे   मेरे चेहरे को किताब की तरह पढ़
लेते थे दुनिया के   तानो को हम साथ में
मिलकर सह लेते थे मान –अपमान के
तराजू में कभी तौला
नहीं बस हँस के
सहारा दिया करते थे वो दोस्त ही
थे जिनके   साथ हम बेफिक्...
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परछाई थी
साए में छुपी रही
वो तो स्त्री थी

बोली नहीं वो
चुप के छोड़ दिया
वो जवानी थी

गुडिया गुड्डा
अपनी रह चले
वो बच्चे मेरे

बढ़ते रहे
बदलते हमेश
सपने मेरे

रिंकी

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आयुष्य
परछाई थी साए में छुपी रही वो तो स्त्री थी बोली नहीं वो चुप के छोड़ दिया वो जवानी थी गुडिया गुड्डा अपनी रह चले वो बच्चे मेरे बढ़ते रहे बदलते हमेश सपने मेरे रिंकी
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मॉब लीचिंग कानूनी व्यवस्था पर बढ़ते हुई असंतोष को दर्शाता है
भीड़ का
आक्रोशित हो कर किसी की हत्या कर देना सुर्खियों में है I प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक
मीडिया ने मॉब लीचिंग जैसी सारी धटनाओ के लिए   सोशल मीडिया को बिना किसी मतभेद जिम्मेदार
ठहराया है, तर्क यहाँ   है की व्हाटसएप,
फेसबुक,ट्विटर में भेजे जा रहे मेसेज से लोग भड़...
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तू जो कहे
तू उस आंसू की
तरह आँख में ही सुख
जाए वो गीत मन जो गाता
जाए बात कुछ ऐसी जो कही न जाए वो फरियाद जिससे जुडी
मेरी आस एक ऐसा राज जो दफ़न हो
मेरे साथ तू जो कहे ओढ़ लु तेरा ही
रंग तेरे नाम को
पढू आयत बना के तुझे ही सिमरु माला बना के तू उस आंसू की
तरह आँख में ठहर
जाए...
तू जो कहे
तू जो कहे
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Eid Mubarak
Happy Eid friends 
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लेखक और पाठक
मुलाकात हुई
कुछ अपने जैसे कलम से सपने
उकेरने वाले लेखकों से   उन्हें   लाइब्रेरी के हर कोने में
देखा मैंने जो खुशनसीब थे वो पुस्तक
प्रेमियों के हाथ में सजे मिले   कुछ ऐसे भी थे जो लाइब्रेरी   के गलियारे के अलमारी में
रखे   मिले मुसकुरा रहे
थे इस उम्मीद में
...
लेखक और पाठक
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दोस्त पुराने
न जाने कितने
दिनों के बाद कुछ दोस्तों
से मुलाकात हुई मैं देखती
उन्हें छूती उन्हें आँखों से पढ़ती यादों के पन्नों
को उंगलियों को गीली कर
पन्ने-पन्ने दर पलटती रही घर की अलमारी में रखी पुरानी किताबों कुछ इस तरह आज बात हुई रिंकी
दोस्त पुराने
दोस्त पुराने
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