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Jai Pandit Azad
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आजादी के बाद क्रांतिकारी पण्डित राम प्रसाद बिस्मिल के परिवार की जो हालत हुई उससे हर भारतीय को शर्म से मर जाना चाहिए
प्रिय पाठकवृन्द! मैंने  चन्द्रशेखर आजाद  के सबसे विश्ववस्थ साथी सदाशिवराव मलकापुरकर का वर्णन किया था, जिन्होंने  आजाद  की जननी की सेवा कर राष्ट्र को कृतघ्नता के पाप से बचाया। Condition of ram prasad bismil family after indpendence श्री सुधीर विद्यार्थी ने ल...

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गौरक्षा क्यों महत्वपूर्ण है भारत के लिए : Azad indian Article
भारत में गौ का स्थान सदैव महत्वपूर्ण रहा है। लेकिन आज भारत में गौ हत्या भी हो रही है और ऐसी योजनाएं भी बन रही है कि गौ हत्या को वैध करार दिया जाए । दूसरी ओर एक आन्दोलन यह है कि गौ हत्या बंद करने हेतु भारत सरकार कोई कानून बना दे। इन हिन्दुओं के अतिरिक्त मुसल...

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कश्मीर का इस्लामीकरण कब, क्यो? कैसे : Azad Indian Review
प्राचीन काल से ऋषि कश्यप की धरती के रूप में प्रसिद्ध कश्मीर आज मुस्लिम बहुल विवादित प्रान्त के रूप में जाना जाता है। धरती पर जन्नत सी शांति के लिए प्रसिद्ध यह प्रान्त 1947 के बाद कभी शांत नहीं रहा। इसका मुख्य कारण पिछले 700 वर्षों में घटित कुछ घटनाएँ हैं। क...

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अंगरेजो को रातोरात क्यों कटवाना वो पेड जंहा चन्द्रशेखर आजाद ने प्राण त्यागे
Chandra shekhar azad Death Mystery अंग्रेजो से लडते हुए अपनी सभी गोलियां अंग्रेज सैनिकों को मारकर आखिरी गोली खुदको मारकर शहीद हुए चन्द्रशेखर आजाद। लेकिन जिस पेड के पीछे से छुपकर वो अंग्रेज सैनिकों से अकेले 1 घण्टे तक लडे। उस पेड का क्या कसूर था। उसे क्यों क...

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एक 74 साल की महिला की कहानी है जो 57 साल से नेहरू की पत्नी होने के आरोप में समाज के बहिष्कार और गांव निकाले की सजा भुगत रही है
यह एक 74 साल की महिला की कहानी है जो 57 साल से नेहरू की पत्नी होने के आरोप में समाज के बहिष्कार और गांव निकाले की सजा भुगत रही है। लोग उसे देखकर ताने मारते थे….हंसते थे। दर-दर की ठोकरे खा चुकी ये महिला अब अकेले रहती है। पहली बार इसने अपनी पुरी कहानी बताई। ब...

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पत्रकारिता भी कर चुके है : क्रांतिकारी भगत सिंह
मासिक ‘चांद’ के फांसी अंक (1928) में कई नई और पुरानी पीढ़ी के क्रांतिकारियों के जीवन परिचय छपे। लेखक के स्थान पर छद्म नाम थे-बलवंत सिंह नटवर, कृष्ण मोहन, अज्ञात आदि। ये सभी रचनाएं महान क्रांतिकारी भगत सिंह द्वारा लिखी गई थी। नैशनल कालेज लाहौर, यशपाल भगत सिं...

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अमर शहीद पं. राम प्रसाद बिस्मिल : क्रांतिकारियों के नेता
बिस्मिल का जन्म 1897 ई0 मे तथा मृत्यु 19 दिसम्बर 1927 मे हुई। इन तीस सालों में से उन्होंने 11 वर्ष क्रांतिकारी कार्यों मे व्यतीत किए । इस अल्पायु मे उनकी बुद्धि परिपक्व हो चुकी थी। कांग्रेस ने तो पूर्ण स्वराज्य का नारा 1929 ई0 मे लाहौर मे दिया था। लेकिन बिस...

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क्या भगतसिंह जन्मजात क्रांतिकारी थे?Bhagat Singh Revolutionary Leader
Bhagat Singh Revolutionary Leader यह जन्मजात क्या चीज है? क्या सचमुच इसका कुछ अर्थ है? या यह बोल चाल का एक मुहावरा ही है? अमुक आदमी जन्मजात कवि है, अमुक आदमी जन्मजात लेखक है, अमुक अदमी जन्मजात वैज्ञानिक है, इस तरह के वाक्य बहुतों के साथ जोडे गए हैं, पर इनका...

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85 साल पहले चौधरी हरफूल जाट जुलानी वाले ने (सन 23 जुलाई 1930 में) अकेले ने ही टोहाना (जिला फतेहाबाद ,हरियाणा ) का बूचडखाना तोड़कर गौ हत्या के खिलाफ बिगुल बजाया था और एक शुरुआत की थी गौ हत्यारों के वध करने की I उसके बाद जींद , नरवाना ,रोहतक ,गोहाना के हाथे…

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प्रिय पाठकवृन्द! महर्षि दयानन्द ने सत्यार्थ प्रकाश में एकादश समुल्लास के अंत में आर्यावर्तदेशीय राजवंशावली देते समय लिखा है कि यदि ऐसे ही हमारे आर्य सज्जन लोग इतिहास और विद्या पुस्तकों का खोज कर प्रकाश करेंगे तो देश को बड़ा ही लाभ पहुँचेगा। और पूना में 15…
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