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Shalini Kaushik
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शहंशाही मर्दों की ,क़ुबूल की है कुदरत ने ,
तखल्लुस कह नहीं सकते ,तखैयुल कर नहीं सकते , तकब्बुर में घिरे ऐसे ,तकल्लुफ कर नहीं सकते . ………………………………………………………………. मुसन्निफ़ बनने की सुनकर ,बेगम मुस्कुराती हैं , मुसद्दस लिखने में मुश्किल हमें भी खूब आती है , महफ़िलें सुन मेरी ग़ज़लें ,मुसाफिरी पर जाती हैं ...

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धर्म का.. दिया बुझाके चल दिये.
     कविवर गोपाल दास ''नीरज''ने कहा है -   ''जितनी देखी दुनिया सबकी दुल्हन देखी ताले में    कोई कैद पड़ा मस्जिद में ,कोई बंद शिवाले में ,     किसको अपना हाथ थमा दूं किसको अपना मन दे दूँ ,    कोई लूटे अंधियारे में ,कोई ठगे उजाले में .'' धर्म के   ये ही दो रूप...

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तेजाबी गुलाब है मीडिया का वैलेनटाइन
  ''गूंजे कहीं शंख कहीं पे अजान है ,                                 बाइबिल है ,ग्रन्थ साहब है,गीता का ज्ञान है , दुनिया में कहीं और ये मंजर नहीं नसीब ,   दिखलाओ ज़माने को ये हिंदुस्तान है .''  ऐसे हिंदुस्तान में जहाँ आने वाली  पीढ़ी के लिए आदर्शों की स्थापना...

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प्यार से भी मसलों का हल निकलता है.
 "  प्यार है पवित्र पुंज ,प्यार पुण्य धाम है. पुण्य धाम जिसमे कि राधिका है श्याम  है . श्याम की मुरलिया की हर गूँज प्यार है. प्यार कर्म प्यार धर्म प्यार प्रभु नाम है." एक तरफ प्यार को "देवल आशीष"की उपरोक्त पंक्तियों से विभूषित किया जाता है तो एक तरफ प्यार ...

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भावुक सहनशील नारी शक्ति स्वरूप
 ये सर्वमान्य तथ्य है कि महिला शक्ति का स्वरुप है और वह अपनों के लिए जान की बाज़ी  लगा भी देती है और दुश्मन की जान ले भी लेती है.नारी को अबला कहा जाता है .कोई कोई तो इसे बला भी कहता है  किन्तु यदि सकारात्मक रूप से विचार करें तो नारी इस स्रष्टि की वह रचना है...

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उफ ये समाज और बेटियाँ
समाज की बलि चढ़ती बेटियां 'साहब !मैं तो अपनी बेटी को घर ले आता लेकिन यही सोचकर नहीं लाया कि समाज में मेरी हंसी उड़ेगी और उसका ही यह परिणाम हुआ कि आज मुझे बेटी की लाश को ले जाना पड़ रहा है .'' केवल राकेश ही नहीं बल्कि अधिकांश वे मामले दहेज़ हत्या के हैं उनमे...

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औरत गुलाम है.
अभी अभी एक नए जोड़े को देखा पति चैन से जा रहा था और पत्नी घूंघट में ,भले ही दिखाई दे या न दे किन्तु उसे अब ऐसे ही चलने का अभ्यास करना होगा आखिर करे भी क्यूँ न अब वह विवाहित जो है जो कि एक सामान्य धारणा के अनुसार यह है कि अब वह धरती पर बोझ नहीं है ऐसा हमारे ए...

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औरत गुलाम है.
अभी अभी एक नए जोड़े को देखा पति चैन से जा रहा था और पत्नी घूंघट में ,भले ही दिखाई दे या न दे किन्तु उसे अब ऐसे ही चलने का अभ्यास करना होगा आखिर करे भी क्यूँ न अब वह विवाहित जो है जो कि एक सामान्य धारणा के अनुसार यह है कि अब वह धरती पर बोझ नहीं है ऐसा हमारे ए...

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हमसफर फिल हकीकत में, फलक पर आज फहराये.
तिरंगा शान है अपनी ,फ़लक पर आज फहराए , फतह की ये है निशानी ,फ़लक पर आज फहराए . ............................................... रहे महफूज़ अपना देश ,साये में सदा इसके , मुस्तकिल पाए बुलंदी फ़लक पर आज फहराए . ............................................. मिली...
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