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Punj Prakash
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मेरे नए नाटक की एक तस्वीर
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अक्टूबर : रातरानी की हल्की और भीनीभीनी महक जैसी फ़िल्म
विश्विख्यात फ़िल्मकार Federico Fellini कहते हैं - "I don’t like the idea of “understanding” a film. I don’t believe that rational understanding is an essential element in the reception of any work of art. Either a film has something to say to you or it hasn’...
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कामयाबी इंतज़ार करवाती है, उसके लिए जल्दी मत मचाइए।
आलस से आराम मिल सकता है, पर यह आराम बड़ा ही महंगा पड़ता है। अमूमन सब सफल होना चाहते हैं, किसी भी स्थिति में कोई भी इंसान असफल तो नहीं ही होना चाहता है। तो क्या सफल होने का कोई गणित है? इसका जवाब है हाँ। जुगाड़ से इंसान को मौक़ा मिल सकता है, सफ़लता नहीं और सफलता ...
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दरअसल कानून की भाषा बोलता हुआ यहां अपराधियों का एक संयुक्त परिवार है।
मध्यप्रदेश का एक किसान 45 डिग्री सेल्सियस में 4 दिन से मंडी में अपनी फसल की तुलाई होने का इंतज़ार लाइन में लगकर करता है और अन्तः उसकी मौत हो जाती है। अब मरने से पहले मूलचंद नामक इस किसान ने "हे राम" या "भारत माता की जय" या "मेरा भारत महान" का जयघोष किया था य...
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फिर उन माताओं का क्या जो आज अपने ही बच्चों के लिए एक बोझ हैं? कोई बृद्धा आश्रम में पड़ी हैं तो कोई अपने ही घर में किसी अनचाही वस्तु में परिवर्तित हो गईं हैं। ऐसी ना जाने कितनी माएं हैं। वैसे माँ काशी में भी हैं, वृंदावन में भी और सोनागाछी में भी।
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माँ कहते ही कितना कुछ एक साथ याद आने लगता है।
किसी भी मनुष्य के अनुभूतियों और ज्ञान के चक्षु जब खुलने लगते हैं तो माँ कहते ही स्मृतियों में एक साथ ना जाने कितने बिम्ब बनने लगते हैं। कभी गोर्की की माँ याद आती है, कभी हज़ार चौरासी की माँ, कभी मदर इंडिया की वो माँ जो किसी से जबरन "भारत माता की जय" नहीं बुल...
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फ़िल्म 102 Not Out : जिओ ज़िंदादिली से भरपूर ज़िन्दगी !
किसी भी इंसान के जीवन का मूल लक्ष्य क्या है? इस प्रश्न का सीधा जवाब है ख़ुशी की तलाश। इंसान जो कुछ भी करता है या करना चाहता है या नहीं भी करता है, उसके पीछे का कारण ख़ुशी नहीं तो और क्या है? दुःख का कारण क्या है? इस सवाल के जवाब में सिद्धार्थ गौतम बुद्ध हो जा...
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बचपन में खेले गए किसी खेल को पूरी तमयता के साथ खेलिए फिर देखिए कि क्या जादू घटित होता है। लेकिन इस जादू को समझने के लिए जागरूक दिमाग की आवश्यकता पड़ेगी, साधारण दिमाग से यह शायद ही समझ में आए। कोई भी खेल केवल खेल नहीं होता बल्कि वो अपने आपमें ऐतिहासिक, भौगोलिक, सांस्कृतिक आदि का एक अद्भुत नमूना होता है। ऐसे ही कुछ खेलों को खेलकर प्राप्त हुआ यह अनुभव -
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