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लेखन को स्थायित्व और वैधता देती निजी वेबसाइट: डॉ. अर्पण जैन 'अविचल'
लेखन को स्थायित्व और वैधता देती निजी वेबसाइट §    डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' इंटरनेट की इस दुनिया ने पाठकों की पहुँच और पठन की आदत दोनों ही बदल दी है, इसी के चलते प्रकाशन और लेखकों का नज़रिया भी बदलने लगा है। भारत में लगभग हर अच्छे-बुरे का आंकलन उसके सोशल मीडिया ...
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सदनों में कभी हंगामा,कभी जलसा होता रहा: सलिल सरोज
क़त्ल हुआ और यह शहर सोता रहा अपनी बेबसी पर दिन-रात रोता रहा ।।1।। भाईचारे की मिठास इसे रास नहीं आई गलियों और मोहल्लों में दुश्मनी बोता रहा ।।2।। बेटियों की आबरू बाज़ार के हिस्से आ गई शहर अपना चेहरा खून से धोता रहा ।।3।। दूसरों की चाह में अपनों को भुला दिया इस...
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साहित्यसुधा सितम्बर(द्वितीय) 2018 अंक
मान्यवर,      ‘सहित्यसुधा ’  के प्रेमियों को यह  जान कर  हर्ष होगा कि  हिंदी दिवस के अवसर पर    ‘ साहित्यसुधा ’  का सितम्बर(द्वितीय) ,   2018    अंक अब  http://www.sahityasudha.com    पर उपलब्ध हो गया है। कृपया साहित्यसुधा की   वेबसाइट   पर जा कर साहित्य का...
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मुकेश बोहरा अमन की रचनाएँ
मैं भी सब कुछ कर सकती हूं  पापा, पापा सुनो गौर से,    मैं भी सब कुछ कर सकती हूं । जमीं, आसमां, जल के भीतर ,   नाम आपका कर सकती हूं ।। धरा, गगन में जगह-जगह पर,    बेटी के पर की आहट है । मैं भी जग में अच्छा कर लूं,   ऐसी मेरी भी चाहत है ।। भला देश का करना मकस...
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विश्वहिंदीजन का अपना नया पोर्टल तैयार अब आप अपना एकाउंट बनाएं और अपने कार्यों का प्रचार करें
‘विश्वहिंदीजन’  हिंदी प्रेमियों को समर्पित अंतरराष्ट्रीय मंच एवं ई-संग्रहालय है. इस मंच का कार्य विश्व में हिंदी भाषा के विकास हेतु समर्पित हिंदी सेवियों, विश्व हिंदी संस्थानों इत्यादि के कार्य को सभी तक पहुंचाना है। आप विश्वहिंदीजन पर असीमित प्रकाशित/अप्रक...
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#निशुल्क_पुस्तक_प्रकाशन [ISBN के साथ]
#लेखक/संपादक मित्रों के लिए सुनहरा अवसर [निशुल्क पुस्तक प्रकाशन वो भी 70% रायल्टी के साथ]
अगर कोई लेखक/संपादक बिना किसी लागत के ईबुक प्रकाशित करवाना चाहते हैं, तो अपनी पाण्डुलिपि वर्ड फाइल में sonylalit@gmail.com पर भेजें। ईबुक हिंदी, इंग्लिश, भोजपुरी, मैथिली इत्यादि रोमन या देवनागरी लिपि में लिखी जाने वाली किसी भी भाषा में प्रकाशित करवाई जा सकती है। ईबुक गूगल बुक, गूगल प्ले स्टोर, अमेज़न और अंतर्राष्ट्रीय पुस्तकालयों में प्रकाशित की जाएगी। पाण्डुलिपि भेजने से पूर्व निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर ध्यान दें:
[अधिक जानकारी के लिए लिंक पर जाएँ]
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#निशुल्क_पुस्तक_प्रकाशित_करे
अपनी पुस्तक का प्रकाशन स्वयं करें [निशुल्क ई-पुस्तक का प्रकाशन एवं बिक्री]
नीचे दिये लिंक पर जानकारी है कि आप आप किस प्रकार और कहाँ अपनी पुस्तक स्वयं प्रकाशित कर सकते हैं और यह सभी सुविधा निशुल्क है और पुस्तक की बिक्री पर लेखकों को रोयलिटी भी दी जाती है।
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#सभी_लेखक_संपादक_प्रकाशक_इत्यादि_मित्रों_के_लिए_निशुल्क_प्रचार_प्रसार_का_मंच
[www.vishwahindijan.com] ‘विश्वहिंदीजन’ एक अंतरराष्ट्रीय संस्था एवं ई-संग्रहालय है। आप विश्वहिंदीजन पर प्रकाशित/अप्रकाशित रचनाएँ, लेख, शोध आलेख, साक्षात्कार इत्यादि प्रकाशित कर सकते हैं और अपनी रचनात्मकता को वैश्विक स्तर पर पहुंचा सकते हैं। संपादक एवं प्रकाशक मित्र अपनी पत्रिका, पुस्तक की जानकारी प्रकाशित कर सकते हैं इसके अतिरिक्त आप अपने साथ अन्य लेखकों, संस्थाओं इत्यादि के कार्य भी यहाँ रख सकते हैं एवं उन्हें मंच से जुडने हेतु आमंत्रित कर सकते हैं। विश्वहिंदीजन की सारी सेवाएं पूरी तरीके से निःशुल्क हैं।
विश्वहिंदीजन पर शीघ्र ही लेखकों की सुविधाओं हेतु और भी विकल्प जोड़े जाएँगे जैसे आप आप अपनी ई पुस्तक प्रकाशित कर सकेंगे साथ ही प्रकाशकों की पुस्तकों को विश्वहिंदीजन के पोर्टल से भी खरीद सकेंगे।

तो आज ही विश्वहिंदीजन से जुड़िये और अपने लेखन को सभी तक पहुंचाएँ। इस निशुल्क मंच का लाभ अधिक से अधिक लेखकों को मिल सके इसके लिए कृपया जानकारी को साझा भी करें। धन्यवाद
विश्वहिंदीजन पर अपना निशुल्क एकाउंट बनाने हेतु नीचे दीये लिंक पर जाएँ-
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