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shikha kaushik
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shikha kaushik

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वैदेही सोच रही मन में
वैदेही सोच रही मन  में यदि प्रभु यहाँ मेरे होते !! वैदेही सोच रही मन  में यदि प्रभु यहाँ मेरे होते , लव-कुश की बाल -लीलाओं  का आनंद प्रभु संग में लेते . जब प्रभु बुलाते लव -कुश को आओ पुत्रों समीप जरा , घुटने के बल चलकर जाते हर्षित हो जाता ह्रदय मेरा , फैलाक...
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shikha kaushik

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वीरोगति रूप मृत्यु का कहलाता सुन्दरतम !
घाव  लगें जितनें भी तन पर कहलाते आभूषण , वीर का लक्ष्य  करो शीघ्र ही शत्रु -दल  का मर्दन , अडिग -अटल हो करते रहते युद्ध -धर्म का पालन , समर -भूमि से वीर नहीं करते हैं कभी पलायन ! ................................................................ युद्ध सदा लड़...
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घाव  लगें जितनें भी तन पर कहलाते आभूषण , वीर का लक्ष्य  करो शीघ्र ही शत्रु -दल  का मर्दन , अडिग -अटल हो करते रहते युद्ध -धर्म का पालन , समर -भूमि से वीर नहीं करते हैं कभी पलायन ! ..........................................
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shikha kaushik

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बलात्कारी..पति ?-कहानी
पंचायत अपना फैसला सुना चुकी थी .नीला के बापू -अम्मा , छोटे भाई-बहन बिरादरी के आगे घुटने टेककर पंचायत का निर्णय मानने को विवश हो चुके थे .निर्णय की जानकारी होते ही नीला ने उस बंद -दमघोंटू कोठरी की दीवार पर अपना सिर दे मारा था और फिर तड़प उठी थी उसके असहनीय द...
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बलात्कारी..पति ?-कहानी
पंचायत अपना फैसला सुना चुकी थी .नीला के बापू -अम्मा , छोटे भाई-बहन बिरादरी के आगे घुटने टेककर पंचायत का निर्णय मानने को विवश हो चुके थे .निर्णय की जानकारी होते ही नीला ने उस बंद -दमघोंटू कोठरी की दीवार पर अपना सिर दे मारा था और फिर तड़प उठी थी उसके असहनीय द...
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पंचायत अपना फैसला सुना चुकी थी .नीला के बापू -अम्मा , छोटे भाई-बहन बिरादरी के आगे घुटने टेककर पंचायत का निर्णय मानने को विवश हो चुके थे .निर्णय की जानकारी होते ही नीला ने उस बंद -दमघोंटू कोठरी की दीवार पर अपना सिर दे मारा था ...
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मैं नहीं लिखता कोई मुझसे लिखाता है !
मैं नहीं लिखता ;
कोई मुझसे लिखाता है !
कौन है जो भाव बन ;
उर में समाता है !
....................................
कौंध जाती बुद्धि- नभ में
विचार -श्रृंखला दामिनी ,
तब रची जाती है कोई
रम्य-रचना कामिनी ,
प्रेरणा बन कर कोई
ये सब कराता है !
मैं नहीं लिखता ;
कोई ...
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बदनाम रानियां
बगल में बस की सीट पर बैठी खूबसूरत युवती द्वारा मोबाइल पर की जा रही बातचीत से मैं इस नतीजे पर पहुँच चूका था कि ये ज़िस्म फ़रोशी का धंधा करती है .एक रात के पैसे वो ऐसे तय कर रही थी जैसे हम सेकेंड हैण्ड स्कूटर के लिए भाव लगा रहे हो .टाइट जींस व् डीप नेक की झीन...
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Have her in circles
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वो लड़की- रौद दी जाती है अस्मत जिसकी
  वो लड़की रौंद दी जाती है  अस्मत जिसकी  , करती है नफरत अपने ही वजूद से जिंदगी हो जाती है बदतर उसकी मौत से .  वो लड़की रौद दी जाती है अस्मत जिसकी , घिन्न आती है उसे अपने ही जिस्म से , नहीं चाहती करना अपनों का सामना , वहशियत की शिकार बनकर लाचार घबरा जाती है ...
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shikha kaushik

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अग्नि-परीक्षा सीता की अपराध था घनघोर
भूतल  में  समाई  सिया  उर कर रहा धिक्कार पितृ सत्ता के समक्ष लो  राम गया  हार   ! देवी अहिल्या को लौटाया नारी  का सम्मान अपनी  सिया का साथ न दे  पाया किन्तु  राम है वज्र सम ह्रदय मेरा करता हूँ मैं स्वीकार ! पितृ सत्ता के  समक्ष  ........ वध किया  अनाचारी का...
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shikha kaushik

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पंचायत अपना फैसला सुना चुकी थी .नीला के बापू -अम्मा , छोटे भाई-बहन बिरादरी के आगे घुटने टेककर पंचायत का निर्णय मानने को विवश हो चुके थे .निर्णय की जानकारी होते ही नीला ने उस बंद -दमघोंटू कोठरी की दीवार पर अपना सिर दे मारा था ...
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सबसे सुन्दर प्रिया !
गुलाबी फूल
हरी बेल पर
अत्याधिक आकर्षक !
.................................
ओस की बूँदें
हरे पत्तों पर
अत्याधिक मोहक !
.................................
जल की फुहार
चमकती हुई धुप में
अत्याधिक उज्ज्वल !
..................................
लेकिन सबसे सुन्दर
तुम ...
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shikha kaushik

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hindi story 
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बदनाम रानियां -कहानी
बगल में बस की सीट पर बैठी खूबसूरत युवती द्वारा मोबाइल पर की जा रही बातचीत से मैं इस नतीजे पर पहुँच चूका था कि ये ज़िस्म फ़रोशी का धंधा करती है .एक रात के पैसे वो ऐसे तय कर रही थी जैसे हम सेकेंड हैण्ड स्कूटर के लिए भाव लगा रहे हो .टाइट जींस व् डीप नेक की झीन...
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बगल में बस की सीट पर बैठी खूबसूरत युवती द्वारा मोबाइल पर की जा रही बातचीत से मैं इस नतीजे पर पहुँच चूका था कि ये ज़िस्म फ़रोशी का धंधा करती है .एक रात के पैसे वो ऐसे तय कर रही थी जैसे हम सेकेंड हैण्ड स्कूटर के लिए भाव लगा रहे...
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