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Ramesh Bahadur Singh
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Demonitization का विरोध करने वाले आखिर किसके लक्ष्य की पूर्ति के लिए काम कर रहे हैं, आप भी जानिये--
Demonitization की कहानी २०१० में एक कंपनी De La Rue की नकली मुद्रा में भागीदारी से शुरी हुई थी। 2009-10 के दौरान, सीबीआई ने भारत-नेपाल सीमा के साथ लगभग ७० भारतीय बैंक शाखाओं पर छापा मारा था और उनके पास नकली मुद्रा पायी गयी थी।

छापे के बाद पता चला की नकली मुद्रा बैंको के पास सिर्फ स्मगलर्स से ही नहीं रिजर्व बैंक से भी आयी थी। ये जानकार तो सीबीआई के रौंगटे खड़े हो गए।

सीबीआई ने तभी रिजर्व बैंक पे छापे मारे और उनकी लाकर्स से रु 500 और रु 1000 के नकली मुद्रा पायी गयी।

इतना बड़ा घोटाला की देश के प्रमुख बैंक के पास की नकली मुद्रा ये बाद अविश्वनीय थी।

जो नकली मुद्रा पाकिस्तान भारत में भेज रहा था वो खुद रिजर्व बैंक जाने अनजाने देश में बाँट रहा था।
उसी दौरान उत्तर प्रदेश का एक केस सामने आया जब एक वकील ने अपने क्लाइंट की तरफ से कोर्ट में ये पेशकश की की जो नोट उसके क्लाइंट के पास थे वो नकली है इसका क्या सबूत है? वकील की बात को सिद्ध करने के लिए जब नोट लैब में भेजे गए तो पता चला की वो नोट देखने में बिलकुल असली जैसे थे और उसमे और असली नोट में फ़र्क़ कर पाना बहुत मुश्किल था।

ये तो हाल था हमारे देश में नकली नोटों का व्यापार करने वालो का की वो कोर्ट को ही असली और नकली नोट के लिए चैलेंज कर सकते थे।

सीबीआई को जांच में पता चला की ये सब धांध्लेबाज़ी De La Rue नमक कंपनी की तरफ से हो रही है जिससे भारतीय रिजर्व बैंक ९५% नोटों की खरीदारी करता है ।

उस समय, De La Rue सरकार द्वारा काली सूची में डाल दी गयी थी और कंपनी दिवालियापन की कगार पे थी तभी De La Rue की सीईओ जेम्स हसी ने पेपर गुणवत्ता मुद्दों पर इस्तीफा दे दिया।

इसी बीच, 2010 में एक और गंभीर सुरक्षा चूक उजागर हुई, सरकार द्वारा मुद्रा की छपाई का काम जो सरकार ने कुछ जाने सोचे अमेरिका, जर्मनी और ब्रिटेन को दे दिया. तक़रीबन रु 1 लाख करोड़ रुपये की राशि के लिए करेंसी नोटों की छपाई को आउटसोर्स किया गया था।

भारत की संपूर्ण आर्थिक संप्रभुता दाँव पर थी!

भारतीय रिजर्व बैंक ने 1997-98 में 2000 करोड़ के रु 100 के नोट और 1,600 करोड़ के रु 500 के नोट अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी को छपाई के लिए आउटसोर्स किये थे।

कमिटी की जांच के दौरान रिजर्व बैंक ने नोटों की ख़राब हालत का हवाला दिया जो की कमिटी की सोच से परे थे।

कमिटी ने ये भी पाया की बैंक की व्यवस्था और देश में बैंक नोटों की आपूर्ति में बहुत अंतर था।

ज्यादातर तीन कंपनियों को भारतीय मुद्रा आउटसोर्स किया गया था अमेरिकी बैंकनोट कंपनी (अमेरिका), De La Rue (ब्रिटेन) और Giesecke और Devrient (जर्मनी)

तभी केंद्रीय सतर्कता आयोग को वित्त मंत्रालय के अनाम अधिकारियों से एक शिकायत प्राप्त हुई जिसके अनुसार भारत की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ सिर्फ De La Rue ने ही नहीं बल्कि फ्रेंच फर्म Arjo Wiggins, संयुक्त राज्य अमेरिका की क्रेन एबी और लुसेनथल, जर्मनी ने भी किया था।

फिर सितम्बर-अक्टूबर २०१० में गुणवत्ता उल्लंघन के अनुसार सरकार द्वारा अन्य कंपनियों के दिए गए मुद्रा कागज के नमूनों की जांच हुई जिसमे संयुक्त राज्य अमेरिका की क्रेन एबी और जर्मनी की लुसेनथल, प्रयोगशालाओं में मुद्रा परीक्षण में विफल रही।

फिर २०१५ में जब मोदी सरकार ने अमेरिका से नकली करेंसी नोटों में जांच के लिए सहयोग माँगा जिसमे पता चला की जर्मन कंपनी लुसेनथल पाकिस्तान को कच्चे नोट बेच रहा थी जिसके कारण कंपनी पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

सबसे बुरा तो ये था की देश की पूरी मुद्रा सुरक्षा बिंदू पे तिकी हुई थी जहाँ कुछ बेईमान कंपनी हमारी अर्थव्यवस्था पे एक कहर बनी हुई थी जो असली नोट पाकिस्तान और नकली नोट हमारे देश में भेज रही थी।

एक तरह से पूरा मुद्रा उत्पादन पाकिस्तान के साथ साझा किया हुआ था ।

नकली करेंसी नोटों को प्रिंट करने के लिए पाकिस्तान सरकार ने 5 प्रिंटिंग प्रेस लगा हुई थी जो भारत में नकली नोटों को प्रोत्साहित कर रही थी और इन मुद्रा को नेपाल और बांग्लादेश से तस्करी कर रहे थी।

ये नकली मुद्रा भारत में उत्तर प्रदेश, पंजाब, बंगाल, राजस्थान और बिहार के रास्ते देश में लायी जाती थी जो छात्र संघ जैसे की JNU, जाधवपुर, मीडिया और पत्रकारों और राजनीतिक दलों को चुनाव को प्रभावित करने में मदद करती थी।

जिस तरह से मोदी सरकार ने आक्रमण तरीके से पाकिस्तान के खिलाफ काम किया है पहले सर्जिकल स्ट्राइक फिर ये Demonitization पाकिस्तान तीतर बितर हो गया है और भारी बमबारी के खिलाफ भारत से भीख मांग रहा है।

पाकिस्तान पहले से ही 15 खरब रु मुद्रण छाप चूका था और उन्हें पूरी तरह से भारत में लाने की फिराक में था ।
अगर पाकिस्तान ऐसा करता तो ये भारत में अभूतपूर्व आतंक हमलों, मुद्रास्फीति, भारी मूल्य वृद्धि को अंजाम देती और भारत के लिए कयामत साबित होती।

जब नवम्बर 8, को कैबिनेट मंत्रियों और शीर्ष बैंकरों पर अनजाने से नोट्स-पर प्रतिबंध एक अधिनियम चरम गोपनीयता में भारतीय PM मोदी की घोषणा के द्वारा उजागर हुआ पाकिस्तान और उसके नेटवर्क को बचाने के लिए सभी प्रयास नाकाम हो गए और पाकिस्तान सारे खाने चित हो गया ।

सो सुनार की एक लौहार की
तो अब आप ये समझ सकते है की कौन सी टीम किस लक्ष्य के लिए काम कर रही है और नोट बंदी से देश का क्या फायदा होगा।

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🌸🌼🙏🚩ॐ🚩🙏🌼🌸
ॐ श्री परमात्मने नमः
उन प्रत्यक्षदर्शी महापुरुषों का यह निर्णय अक्षरशः सत्य है कि भगवान गो और द्विज के लिए ही अवतार लेते है; किन्तु न तो उस 'गो' का अर्थ गाय नामक पशु है और न द्विज का अर्थ ब्राह्मण । यदि यही दो अवतार के कारण और रक्षा के पात्र है तो अन्य सभी जातियों का क्या होगा? तब तो अन्य सबको परमात्मा का संरक्षण पाने के लिए उनके दर्शन और प्रवेश के लिए किसी अन्य उदार धार्मिक संघ को पकड़ना पड़ेगा; क्योकी भगवान केवल गाय और ब्राह्मण के लिए उतरते है किन्तु शाश्त्र और पुर्णत्व प्राप्त महापुरष की वाणी मे ऐसा धोखा नही है।
शाश्त्रों मे गो का अर्थ मनसमेत इन्द्रियाँ है। इन्द्रियाँ प्रमथन स्वभाव वाली है । ये सदैव विषयों की ओर भागती हैं। काम, क्रोध, लोभ, मोह और अनन्त वासनाओं द्वारा ये विकृत हो जाती है, अनन्त योनियों का कारण बन जाती है-यही गो-हत्या है । यही सनातन परमात्मा से दूरी पैदा करती है इस लिए सनातन की रक्षा का उपाय गो-रक्षा से है । इसके विपरीत शम, दम और नियमों द्वारा इन्द्रियों को इष्ट के आदेश के अनुरूप संयमित रखना गो-रक्षा है । यही हमारा दायित्व है, धर्म है । गो-रक्षा हमारा सनातन-धर्म है क्योकी विवेक, वैराग्य, धारणा, ध्यान, सतत् चिन्तन तथा उस परमात्मा के निर्देशनों के अनुसार इन्द्रियों को ढालने से वह सनातन शाश्वत कहलानेवाला अमृततत्व विदित हो जाता है।
🚩ॐ श्री सतगुदेव भगवान की जय🚩
आश्रम की पुस्तक से संकलित !!
🚩🙏🙏🚩

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कैसे होते हैं अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव, पढ़िए पूरी प्रक्रिया

अमेरिका में राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया कई मायनों में अन्य देशो से अलग है। यहां राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशियों के लिए कुछ मापदंड होते हैं। इन आवश्यक मापदंडो में फिट बैठने वाला व्यक्ति ही राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ सकता है। अमेरिका में राष्ट्रपति का चुनाव कई चरणों में होता है जिसकी प्रक्रिया के बारे में वहां के संविधान के अनुच्छेद 2 में बताया गया है। हर चार साल में एक बार होने वाले इस चुनाव में दो पार्टियां अपनी दावेदारी पेश करती हैं।


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BSF ने मार गिराए 15 PAK रेंजर्स, दो भारतीय जवान शहीद, राजनाथ-आर्मी चीफ की बढ़ी सुरक्षा

सीजफायर तोड़ने पर पाकिस्तान को फिर मिला उसी की भाषा में जवाब दिया जा रहा है. बीएसएफ की कार्रवाई में 15 पाकिस्तानी रेंजर्स मारे गए हैं. वहीं जम्मू-कश्मीर के पल्लनवालां सेक्टर में पाकिस्तानी की ओर से फायरिंग में शुक्रवार को एक नागरिक की मौत हो गई है.


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'इंसाफ अंधा ही नहीं, बहरा और गूंगा भी चलेगा'

आज का विषय थोड़ा गंभीर और दुख भरा है. पाकिस्तान में घिनौने अपराध जैसे हत्या, बलात्कार और इज़्ज़त के नाम पर हत्या की सज़ा अंग्रेजी क़ानून के तहत भी सुनाई जाती है और इस्लामी क़ानून के तहत भी, जिसे क़िसास यानी बदले का क़ानून कहते हैं.


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Asian Champions Trophy | India defeat Pakistan in comeback thriller
India defeated defending champions Pakistan in their third league match 3-2 today cheered on by a small but raucous crowd. India gave up the lead after the initial goal by Pardeep Mor, but Rupinder Pal Singh and Ramandeep scored in the third quarter to take India to a win over their bitter rivals
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