Profile cover photo
Profile photo
Himanshu Kumar Pandey
2,629 followers -
"बना कर फकीरों का हम भेष ग़ालिब / तमाशाए अहले करम देखते हैं।"
"बना कर फकीरों का हम भेष ग़ालिब / तमाशाए अहले करम देखते हैं।"

2,629 followers
About
Himanshu Kumar's posts

Post has attachment
शैलबाला शतक - भोजपुरी स्तुति काव्य : तीन
प्रस्तुत हैं चार और कवित्त!  करुणामयी जगत जननी के चरणों में प्रणत निवेदन हैं शैलबाला शतक के यह चार प्रस्तुत कवित्त! शतक में शुरुआत के आठ कवित्त काली के रौद्र रूप का साक्षात दृश्य उपस्थित करते हैं।  पिछली दो प्रविष्टियाँ सम्मुख हो चुकी हैं आपके। शैलबाला-शतक ...

Post has attachment
शैलबाला शतक - भोजपुरी स्तुति काव्य : तीन
प्रस्तुत हैं चार और कवित्त!  करुणामयी जगत जननी के चरणों में प्रणत निवेदन हैं शैलबाला शतक के यह चार प्रस्तुत कवित्त! शतक में शुरुआत के आठ कवित्त काली के रौद्र रूप का साक्षात दृश्य उपस्थित करते हैं।  पिछली दो प्रविष्टियाँ सम्मुख हो चुकी हैं आपके। शैलबाला-शतक ...

Post has attachment
शैलबाला शतक - भोजपुरी स्तुति काव्य : तीन
प्रस्तुत हैं चार और कवित्त!  करुणामयी जगत जननी के चरणों में प्रणत निवेदन हैं शैलबाला शतक के यह चार प्रस्तुत कवित्त! शतक में शुरुआत के आठ कवित्त काली के रौद्र रूप का साक्षात दृश्य उपस्थित करते हैं।  पिछली दो प्रविष्टियाँ सम्मुख हो चुकी हैं आपके। शैलबाला-शतक ...

Post has attachment
शैलबाला शतक - भोजपुरी स्तुति काव्य : दो
माँ के काली स्वरूप की अभ्यर्थना के चार कवित्त पुनः प्रस्तुत हैं। इस शतक में शुरुआत के आठ कवित्त काली के रौद्र रूप का साक्षात दृश्य उपस्थित करते हैं।  रौद्र-रूपा काली के सम्मुख दीन-असहाय बालक पुकार रहा है। माँ इस रूप में भी ममतामयी है..किसी भी स्वरूप में माँ...

Post has attachment
शैलबाला शतक - भोजपुरी स्तुति काव्य : एक
जी वन में ऐसे क्षण अपनी आवृत्ति करने में नहीं चूकते जब जीवन का केन्द्रापसारी बल केन्द्राभिगामी होने लगता है। मेरे बाबूजी की ज़िन्दगी की उसी बेला की उपज है शैलबाला शतक ! अनेकों झंझावातों में उलझी हुई जीवन की गति को जगदम्बा की ही शरण सूझी। अभाव-कुभाव-दुर्भाव म...

Post has attachment

Post has attachment

Post has attachment

Post has attachment

Post has attachment
Wait while more posts are being loaded