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क्या गढ़वाली कान्यकुब्ज ब्राह्मण भगोड़े थे ?
कन्याकुब्जों जातियों के बारे में जानने से पहले हम यह देख लें कि गढ़वाल में कान्यकुब्ज ब्राह्मण जातियां कौन कौन सी हैं और किस काल में ये गढ़वाल आई .. प्रमुख कब्याकुब्ज ब्राह्मण जातियां निम्न हैं -- ( डोभाल , नैथानी , मैकोती , बेंजवाल , धस्माना , कवि इत्यादि  )...

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अष्ट क्षत्रिय :: प्रथम नागवंश ( नेगी )
गढ़वाल का इतिहास क्षत्रियों की तलवारों से बना है .... भले यह इतिहास इतना धुंधला है कि  आज कुछ भी ३६० डिग्री के दृष्टिकोण से नहीं कहा जा सकता ..लेकिन इतिहास के बिखरे पन्नों से कुछ कहानियां निकलती हैं, हम उसमे अंश खोज रहे हैं ... प्राचीन शास्त्रों और महाकाव्यो...

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नागपुर-पट्टी के निरोला बामन
निरोला-गंगाडी , सरोलों और गंगाडी ब्राह्मणों के बीच अंतर किस प्रकार हुआ ? चांदपुर गढ़ के समय राजपूत जमाई राजा के साथ आये गौड़ ब्राह्मणों ने पुराने ब्राह्मण मंत्रियों की जगह ले ली .... ये पुराने ब्राह्मण मंत्री पूर्व में मैदानों से आये थे ... इनमे अधिकाशत गौड़ ब...

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गढ़वाली संगीत में एक नया मुकाम
"...मित्र पाण्डवास... अपने अल्प ज्ञान से यही कहूँगा आपने हमें..हमारी पूरी उत्तराखंड सभ्यता को अंतर्राष्ट्रीय मंच में प्रतिष्ठापित करने की और पहला कदम बड़ा दिया है ..आपने हमारे पुरखों की सम्पदा को उत्कृष्ठ और नवाचार के रूप में प्रस्तुत कर एक अभूतपूर्व कार्य क...

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भानाधार
हम कभी इतिहास को ३६० डिग्री से देखने का दावा नहीं कर सकते , करना उचित भी नहीं है , क्योंकि कोई भी घटना कई पक्षों से मिल कर बनी होती है .... प्रस्तुत लेख को आप कई तरह से परिभाषित कर सकते हैं , आप इसे लोक कहानी कह सकते हैं , आप इसे बिखरा हुआ इतिहास लिख सकते ह...

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स्मृति के भाषण के दौरान किसे इशारा कर रहे थे डी. राजा?

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Lol.. Shekhar ji ... Sushma swaraj ne aaj congress or congress ke kale karnamo ko expose kiya hai... Rajiv gandhi mauton ka sauda kar ke aaye the .... Bhopal gas kand me hui hajaron mauton ka sauda ....

Sushma ne clear kiya hai jo bhi allegations the ...

Han congressi reporters se or kuch aasha bhi nahi hoti ...

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गढ़वाली : हिंदी की उपभाषा होना स्वीकार्य नहीं !
मै प्रारंभ में ही स्वीकार्य कर देना चाहूँगा कि मै एक राष्ट्र ,एक धर्म ,एक संस्कृति ,एक भाषा का उतना ही प्रबल विरोधी हूँ जितना की एक भारत राष्ट्र संकल्पना का समर्थक ... भारत सिर्फ हमारा देश ही नहीं हमारी जरुरत है और अपने देश प्रेम का सबूत देने की में आवश्यकत...

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अनजाना क्यूँ दिखता ...अपना बाजार है
कैसे कहूँ सिर्फ पहाड़ नहीं छूटता   टेड़ी मेडी सड़कों से हो कर  हर मोड़ पर , हर धार पर  छूटते जाते हैं हम ,,, छूटते हैं हम कि छूटता है  आँगन ,जंगल ,जमीन  छूटता है बचपन  और जवानी की पोटली थामे  बहते जाते हैं हम  कैसे कहूँ सिर्फ पहाड़ नहीं छूटता ... हम छोड़ने को मजब...

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