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Loksangharsh Patrika
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लो क सं घ र्ष ! जनसंघर्ष को समर्पित
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संसद को झूठ बोलने का मंच मत बनाएं !
भारतीय संसद में सरकार के मंत्री या प्रधानमंत्री जो भी बातें बोलते हैं. वह यह माना जाता है कि वह सत्य हैं किन्तु वर्तमान सरकार के मंत्री जब संसद के दोनों सदनों में बोलते हैं तो सम्बंधित व्यक्तियों द्वारा उसका खंडन आ जाता है. यह भारतीय संसदीय परंपरा के लिए अच...
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लोकसंघर्ष पत्रिका का विशेष अंक 2016
लोकसंघर्ष  पत्रिका  का विशेष  अंक
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कश्मीरी पंडितों की बदहाली का राजनीतिकरण
                                      राजनीति एक अजब-गजब खेल है। इसके खिलाड़ी वोट कबाड़ने के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। इन खेलों से हमें संबंधित खिलाड़ी की राजनैतिक विचारधारा का पता तो चलता ही है, इससे हमें यह भी समझ में आता है कि इस खेल में किस तरह...
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नए अंग्रेजों द्वारा टीपू सुलतान की फिर हत्या
टीपू सुल्तान मैसूर का शासक था. उसने ईस्ट इंडिया कंपनी को कई बार पराजित किया था और टीपू सुलतान के खिलाफ निज़ाम हैदराबाद व मराठा अंग्रेजों के साथ शामिल रहते थे. उसके बावजूद टीपू सुलतान हरा पाने में अंग्रेज असमर्थ थे और मजबूर होकर उन्होंने मंगलौर संधि कर ली थी....
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हिंदी के लेखक ने दम दिखाया
फोटो-नवभारत टाइम्स से साभार सरकार बदलने के बाद तमाम हिंदी के साहित्यकार की लेखनी कहानियां और कविता लिखने में व्यस्त हैं लेकिन हिंदुवत्व वादियों द्वारा किये जा रहे लेखन का जवाब नहीं दिया जा रहा है. बड़े-बड़े लेखक सत्ता के प्रतिष्ठानों में अपने को जोड़ने के लिए ...
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लखानी-वरदान ग्रुप के प्रबंधन के खिलाफ श्रमिकों का सतत संघर्ष और कामयाबी का पड़ाव
इंदौर।  लखानी फुट केयर उद्योग , इंदौर में कार्यरत ३०० से अधिक मजदूर कर्मचारियों ने जून 2014 से
प्रबंधन की अवैधानिक
तालाबंदी और अवैध छँटनी के विरुद्ध प्रभावी व
सतत आंदोलनात्मक कार्यवाही जारी रखकर श्रमिको के हौसले को बनाये रखा है।
एक वर्ष से शांतिपूर्ण ...
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पुलिस चौकी को पुलिस वालों ने पेशबंदी में स्वयं जलाया
जनता के विरूद्ध प्रशासन का युद्ध जनता के विरूद्ध प्रशासन का युद्ध जनता के विरूद्ध प्रशासन का युद्ध जनता के विरूद्ध प्रशासन का युद्ध जनता के विरूद्ध प्रशासन का युद्ध बाराबंकी .सुभाष रघुवंशी उर्फ सुभाष रावत निवासी सरसौंदी, थाना देवां, जिला-बाराबंकी की थाने मे...
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हवालात में बन्द होने से पहले मर चुका था
जिलाधिकारी  कार्यालय पर प्रदर्शन बाराबंकी। देवां में सुभाष रघुवंशी उर्फ संतोष रावत की हवालात में कथित आत्महत्या पूरी तरह से पुलिसिया कहानी है पुलिस की मार से वह हवालात में बन्द होने से पहले मर चुका था।     अखिल भारतीय किसान सभा द्वारा आयोजित प्रदर्शनकारियो...
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बाराबंकी। थाने में सुभाष रावत की हत्या, उसकी लाश को भैसाकुंड पर ले जाकर जला देना,
माती बाजार में जनता को दौड़ा-दौड़ाकर पीटना और बाजार बंद करा देना, फिर
अपने बचाव में माती पुलिस चैकी मंे आग लगाना यह सभी कृत्य अंग्रेजों की
बर्बरता और जुल्म को पुनः ताजा कर ...
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रामसेना पर पाबन्दी क्यों नहीं ? फिरकापरस्त आजाद क्यों...
रामसेना
पहले से ही मुस्लिम मुखालिफ  शिद्दत पसंद तंज़ीम है.२०१० में आजतक पर
रामसेना के के प्रमोद मुतालिक को स्टिंग ऑपरेशन के ज़रिये पर्दाफाश किया गया
था और इस बात को मंज़रे आम लाया गया था के रामसेना दरअसल रावण सेना है
इसलिए के राम के आदर्श ये नहीं के पैसे ल...
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