Profile cover photo
Profile photo
Anurag Anant
159 followers
159 followers
About
Anurag's posts

Post has attachment

Post has attachment
इश्क़ में घायल हुआ वो शायर..!!
इश्क़ में घायल हुआ वो शायर, अपने ज़ख्मों में कलम डुबो कर शायरी लिखता था। ग़रीब-गुरबों का दर्द उसकी सांसों में धड़कता था। इसलिए ये शायर हुकूमत से ख़ल्क़ का नुमाइंदा बनके उलझने से भी नहीं कतराता था। पेशे से हकीम, हर्फों के जादूगर और दर्द के चारागर इस अजीम शायर का न...

Post has attachment
मेरी शायरी में गूंजती एक अनकही पुकार है

Post has attachment
मैं तेरे दिल में रहूँगा, एक ख्याल की तरह

Post has attachment
पैसिव स्मोकिंग..!!
मैं सिगरेट नहीं था और सिगरेट की राख भी नहीं था मैं सिगरेट का फ़िल्टर भी नहीं था और ना उससे उठने वाला धुवां ही था मैं वो उंगलियां भी नहीं था जिसमे फंसी रहती है सिगरेट और ना वो होंठ ही जिसमे धरी रहती है सिगरेट मैं वो जिगर तो कतई नहीं था जहाँ जाता है सिगरेट का ...

Post has attachment
मेरे "मैं" की कविता..!!
मेरी नींद में जागता सपना सपना नहीं है वो मेरा "मैं" है मैं उसी के लिए जीता हूँ मैं उसी को लिए जीता हूँ इसीलिए यथार्थ के आईने में भी मैं जागते सपने सा दीखता हूँ मैं तुम्हारी जागती आँखों से नींद का काजल चुराता हूँ और इसी से मैं मेरे  "मैं" की कविता बनाता हूँ ...

Post has attachment
कविता की सलीब...!!
तुमने नहीं महसूसा कभी  नदी, नदी में कैसे बहती है  ऊंचाई, ऊंचाई से कैसे गिरती है  बारिश खुद की बूंदों से कैसे भीग जाती है  तन्हाई कितनी तनहा होती है  हँसी के खोखलेपन में  कहीं कोई  फूट कर रोता है  खालीपन में भी एक खालीपन होता है  भाषा भी कहना चाहती है कुछ  प...

Post has attachment
नींव से नींद तक...!!
तुम पूरे चाँद की तरह हो मैं आधी रात की तरह हूँ तुम पूरे उपन्यास की तरह हो मैं अधूरी बात की तरह हूँ आधी रात में उभरता है, पूरा चाँद एक अधूरी बात पर टिका होता है पूरा उपन्यास क्या ये बात मेरे लिए  कम है कि तुम मेरी नींव में हो और मैं तुम्हारी नींदों में !! तु...

Post has attachment
यही मेरी कविता है....!!
बिना होठों से लगाए नहीं सुलगती है सिगरेट बिना सीने से लगाए नहीं महकता है दुःख बिना खुद को मिटाए कवि नहीं लिखता है कविता बिना खोये नहीं मिलता है खुद का पता इसलिए मेरे होठों पर सिगरेट सीने में दुःख और दिमाग में खोया हुआ पता है यही मेरी कविता है !! तुम्हारा-अनंत 

Post has attachment
कविता की तरह..!!
तुम अपने हर एक कदम में जितनी जमीन दबाती हो  मेरा कुल वजूद उतना ही है  इसलिए तुम चला मत करो  उड़ा करो  कविता की तरह तुम्हारा-अनंत 
Wait while more posts are being loaded