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shishir yadav
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नीतियों में बदलाव की आवश्यकता विश्व की दो प्रमुख संस्थाओं ‘ आस्ट्रेलिया की व्यूरों ऑफ मीटिरिओलॉजी ’   तथा   ‘ अमेरिका की क्लामेट प्रिडिक्शन सेंटर ’ ने वर्ष 2014 में अल-नीनो के सक्रिय होने का
अनुमान जारी किया था। जिससे भारतीय मानसून के अस्त-व्यस्त हो जाने की...

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नीतियों में बदलाव की आवश्यकता
विश्व की दो प्रमुख संस्थाओं ‘ आस्ट्रेलिया की व्यूरों ऑफ मीटिरिओलॉजी ’   तथा   ‘ अमेरिका की क्लामेट प्रिडिक्शन सेंटर ’ ने वर्ष 2014 में अल-नीनो के सक्रिय होने का
अनुमान जारी किया था। जिससे भारतीय मानसून के अस्त-व्यस्त हो जाने की चिंता जताई
गई थी। अगस्त आते आ...

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विरोध की दिशा बदलिए,
उत्तर प्रदेश के मोहनलालगंज में एक और महिला की लाश
महान सांस्कृतिक विरासत   पर औधे मुह पड़ी है। लाश अपने साथ हुई बर्बरता का
अमिट गान बहते हुए खून के साथ सुना रही थी। जिसमें सामाजिकता समेत संस्कृति के
पैमाने स्वत : छोटे होते जा रहे थे। उसके निर्वस्त्र शरीर ने...

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उत्तराखंड की विभीषिका से देश एक साल आगे बढ आया है। देश में नए निजाम
की नियुक्ति हो चुकी है,और विभिन्न पहलुओं पर विभिन्न तरीको से नई नीतियों का
निर्माण भी शुरू हो चुका है। लेकिन देश की एक स्थिति में आज भी कोई खास परिवर्तन
नहीं हुआ हैं वो है आपदा से जुड़ी समस...

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गलितियों से ना सीखने की जिद
एक साल पहले ठीक इसी वक्त हम उत्तराखंड की
प्राकृतिक आपदा में मानवीय सहयोग की समीक्षा कर रहे थे। बड़े पैमाने पर हुई उस
आपदा के बाद आपदा प्रंबधन को कोस रहे थे, उस समीक्षा में पाया गया कि देश में आपदा
प्रंबधन का तंत्र ना केवल कमजोर हैं वरन वो तमाम स्तरों पर पूर...

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आज हमने दिल को समझाया..कि हमने क्या खोया हमने क्या पाया
1982 में बनी फिल्म साथ साथ की कहानी के सभी चरित्र, घटनाएं, आज तमाम कैंपसों में अपने सपने की जीने की कोशिश कर रहे अविनाशो की कहानी है। जो खुद को जीना चाहते हैं। अपने सपनो को, अपनी उम्मीदों को, अपने लिए, अपनी ईमानदारी को रंग देना चाहते हैँ। इसके लिए वो ईमानदा...

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बदायूँ और दिल्ली की लड़की का फर्क ...
उत्तर
प्रदेश के बदायूँ में दो लड़कियों के साथ सामूहिक बलात्कार और फिर उनकी हत्या के   बाद मैं इस बार मुठ्ठी भीचे सड़को पर
नहीं था, और ना ही रातो को रिक्लेम करो या हम क्या चाहते आजादी सरीखे नारे  लगा रहा था। मेरे अलावा भी बहुत सारे लोग इस
बार सड़को पर नहीं थ...
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