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Ashwani Kumar
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मेरे कुछ लेख आप प्रवक्ता.कॉम पर भी देख सकते हैं.
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कैसे हैं तुम्हारे हाल?
भई और सुनाओ सुन्दर लाल कैसे हैं तुम्हारे हाल? मैं क्या बताऊँ भाई मेरे बस हाल तो हैं बेहाल! हमें तोड़ रही गरीबी है, कुछ लोग हैं मालामाल मैं क्या बताऊँ भाई मेरे बस हाल तो हैं बेहाल! आ रही योजना नई नई पर क्या बदला है अब तक पहले थे जैसे आज भी वैसे ही हैं फटेहाल ...
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bhai meri maa kavitaa meri hai aur aapne iski chori karke copyright's niyamon aur kanoonon ka ullanghan kiyaa hai. yaa to aap likhit me maafi maang le aur apne blog se ye kavitaa hataa dein yaa to main aapko court me le jaaunga aur aap par badaa jurmana karunga. court me milte hain.
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हाँ मुझे दर्द होता है.
हाँ मुझे दर्द होता है. मैं जब भी खुद से तेरे बारे में कुछ जिक्र
करता हूँ हाँ मुझे दर्द होता है. हाँ मुझे दर्द होता है मैं जब भी सांस
लेता हूँ हाँ मुझे दर्द होता है. वो छत भी याद है मुझको, पतंगे उड़ती हुईं खतों में जब तेरे, मैं खुद को ढूंढता हूँ हाँ मुझे दर्द...
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जितने भी ग़म सहते रहे...
जितने भी ग़म सहते
रहे जितने भी ग़म सहते
रहे, कलम से सब बहते रहे. करके बहाना नज़्म
का, हम पन्नों से लिपटे रहे. दर्द क्या है
हमने जाना, दूर होकर ऐ खुदा. अपने ही झूले से
हम, सूली बन लटके रहे. हो गया तबादला इस
दर्द से उस दर्द में. बनके लहू ये
आंसू, आँखों से गिरते ...
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कभी तुम हो बोतल
-अश्वनी कुमार
कभी तुम हो बोतल
कभी तुम नशा हो
कभी तुम मज़ा हो
कभी तुम सजा हो
कभी तुम बनी हो नदिया की धारा
कभी तुम बनी हो साहिल हमारा

कभी तुम हो फूलों की खुशबु सुहानी
कभी तुम हो झरनों से गिरता वो पानी
कभी तुम हो बोतल
कभी तुम नशा हो
कभी तुम मज़ा हो
कभी तुम सजा हो
कभी तुम हो सपनों से नींदें उड़ाती
कभी गाके लौरी हो मुझको सुलाती

कभी तो मुझे हो तुम कितना सताती
कभी पास आके फिर मुझको मनाती
कभी तुम हो बोतल
कभी तुम नशा हो
कभी तुम मज़ा हो
कभी तुम सजा हो
कभी जब भी देखो हो शरमा के मुझको 
मेरा दिल करे भर लूँ बाहों में तुझको

कभी तुम मुझे हो मुझी से चुराती 
कभी आके दिल अपना मुझको दे जाती
कभी तुम हो बोतल
कभी तुम नशा हो
कभी तुम मज़ा हो
कभी तुम सजा हो
कभी जब न होती हो आँखों के आगे
मेरा दिल न जाने कहाँ कहाँ भागे

कभी जब तुम मुझसे हो जाती हो गुस्सा
मेरा दिल करे खुद को मरुँ इक मुक्का
कभी तुम हो बोतल
कभी तुम नशा हो
कभी तुम मज़ा हो
कभी तुम सजा हो
सताया है तुमको बहुत मैंने फिर भी
कहती हो ये भी तो फितरत है दिल की
कभी तुम हो बोतल
कभी तुम नशा हो
कभी तुम मज़ा हो
कभी तुम सजा हो
 
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कभी तुम हो बोतल
कभी तुम हो बोतल कभी तुम हो बोतल कभी तुम नशा हो कभी तुम मज़ा हो कभी तुम सजा हो कभी तुम बनी हो नदिया की धारा कभी तुम बनी हो साहिल हमारा कभी तुम हो फूलों की खुशबु सुहानी कभी तुम हो झरनों से गिरता वो पानी कभी तुम हो बोतल कभी तुम नशा हो कभी तुम मज़ा हो कभी तुम सजा...
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