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Milan K Sinha
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Meeting people to justify my name - Milan & learning new things.
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Milan K Sinha's posts

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....यह तो हुई नगर निगम या सरकार के कार्यशैली की बात. पर स्वच्छता के मुत्तलिक बड़ा सवाल यह है कि एक जागरूक शहरी और समाज के रूप में हम सब क्या कर रहे हैं? स्वच्छता तो ‘स्व’ यानि खुद से शुरू होता है न.
.... ....

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मोटिवेशन : स्वच्छता क्या सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी है ?
                                                                    - मिलन  सिन्हा, मोटिवेशनल स्पीकर... कल रात की हल्की बारिश के बाद आज सुबह जब बाजार की ओर निकला तो सामने की सड़क थोड़ी साफ़ लगी. देख कर अच्छा लगा. बारिश ने अपना काम किया था. लेकिन, थोड़ा और आगे ब...

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21जून का दिन हर मायने में खास था. मौका "अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" का था और हमलोग रांची शहर से करीब 35 कि.मी. दूर गगारी पहाड़ के निकट अवस्थित एक छोटे से गाँव 'खटंगा' में स्कूली बच्चों और ग्रामीणों के साथ योग पर चर्चा कर रहे थे और योगाभ्यास भी.
....अभिनव ग्राम फाउंडेशन के CEO श्री आर.पी. सिंह द्वारा प्रायोजित इस अभिनव कार्यक्रम में वहां की मुखिया एवं ग्राम प्रधान ने भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया.
....सुबह-सुबह शहर के कोलाहल से दूर प्रदूषण मुक्त एवं सुन्दर प्राकृतिक वातावरण में गाँव के लोगों के साथ योगाभ्यास करने का यह अभूतपूर्व अनुभव था. सच मानिए, बहुत कुछ देखने, जानने, सीखने और समझने का अवसर मिला.
... शाम को Ranchi Gymkhana Club में आयोजित योग से संबंधित एक सेमिनार में मैंने वहां उपस्थित प्रबुद्ध लोगों से अपने अनुभव साझा किये और अपना ये मत भी व्यक्त किया कि योग को गाँव में ले जाने की नितांत जरुरत है जिससे कि हम उन्हें निरोगी तथा ज्यादा स्वस्थ रख सकें. आखिर भारत गांवों का देश है और अब भी गांवों में ही देश के अधिकांश लोग रहते हैं.... जब स्वस्थ रहेगा गाँव, तभी स्वस्थ रह पायेगा देश, क्यों?

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MOTIVATION : IMPACT OF YOGA ON HEALTH AND HAPPINESS
  On the eve of ‘International
Yoga Day’ More than 1.25 billion people who live in India have variety of social,
cultural, ecological, political and economic problems. As a consequence of
these problems, a large population suffers from different physical, m...

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...आम जनता के व्यापक हित में इन बातों पर गौर करना अनिवार्य है, क्यों कि कर और कर्ज से चलने वाली सरकारों को उचित प्राथमिकताएं तो तय करनी ही पड़ेगी. .... ....

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आज की बात : कौन ज्यादा जरुरी – 500 करोड़ से रांची में एक एलिवेटेड रोड या झारखण्ड के गांवों में 3.33 लाख शौचालय ?
                                                                                 - मिलन 
सिन्हा केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री जहां जाते हैं,
कुछ न कुछ दे कर आते हैं. अच्छी बात है. आज के अखबार में है कि वे झारखण्ड की
राजधानी रांची आये और शहर के एक...

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आज अखबार का हेड लाइन देखकर मन दुखी हो गया. ....
......जब भी कहीं किसी का असामयिक निधन होता है, तो अनायास ही उनके परिजनों का रोता-बिलखता चेहरा सामने आ जाता है. कुछ देर पहले जो व्यक्ति जीवित था, सक्रिय था, जिसके ऊपर कई पारिवारिक-सामाजिक जिम्मेदारी थी, जिसके कई सपने थे, कई लक्ष्य थे, एकाएक गुजर गया. यह सोचना भी मुश्किल होता है. लेकिन ऐसा हुआ और ऐसा कारण-अकारण होता रहता है – कभी इस प्रदेश में तो कभी उस प्रदेश में. .... .....

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आज की बात : लोगों की मौत और हिंसक प्रदर्शन से आगे क्या ?
              -   मिलन सिन्हा आज अखबार का हेड लाइन
देखकर मन दुखी हो गया . मध्य
प्रदेश के मंदसौर जिले में प्रदर्शनकारी भीड़ पर फायरिंग से पांच किसान भाइयों के
मरने की खबर थी . कहा जा रहा है कि उसके प्रतिक्रिया स्वरुप
प्रदेश के कई अन्य भागों में भी हिंसक वारदा...

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....चलिए, अच्छी बात है कि गांवों तथा कस्बों के आम बच्चे प्रकृति से अब तक जुड़े हुए हैं और इसका बहुआयामी फायदा पा रहे हैं. बरबस याद आ जाती है सर्वेश्वरदयाल सक्सेना की ये पंक्तियां :
मेघ आए
बड़े बन ठन के सँवर के.

आगे-आगे नाचती-गाती बयार चली,
दरवाज़े खिड़कियाँ खुलने लगीं गली-गली,
पाहुन ज्यों आए हों गाँव में शहर के

मेघ आए
बडे बन-ठन के सँवर के. ... ...

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आज की बात : बारिश और बचपन
                                                              - मिलन  सिन्हा  दो दिनों की गर्मी के बाद आज सुबह से ही कुछ अच्छा होने का आभास हो रहा था. कहते हैं कि प्रकृति विज्ञानी तो पेड़-पौधों, पशु-पक्षियों की हरकतों से जान जाते हैं कि प्रकृति आज कौन-सा रंग...
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