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Manmohan Bhatia
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रेखा और रेखा
गर्भ धारण की डॉक्टर के द्वारा आधिकारिक पुष्टि मिलते ही घर में हर्षोउल्लास छा गया। अब परिवार में चौथी पीढ़ी का पर्दापण होगा। दादा-दादी, माता-पिता, पुत्र-पुत्रवधु के पश्चात अब एक नन्हा प्राणी परिवार का हिस्सा बनने के लिए आने वाला है। घर में गर्भवती पुत्रवधु रे...
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रेखा और रेखा
गर्भ धारण की डॉक्टर के द्वारा आधिकारिक पुष्टि मिलते ही घर में हर्षोउल्लास छा गया। अब परिवार में चौथी पीढ़ी का पर्दापण होगा। दादा-दादी, माता-पिता, पुत्र-पुत्रवधु के पश्चात अब एक नन्हा प्राणी परिवार का हिस्सा बनने के लिए आने वाला है। घर में गर्भवती पुत्रवधु रे...
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विवाह उपरांत पढ़ाई
अनुप्रिया पढ़ने में होशियार थी। हर वर्ष स्कूल में प्रथम स्थान पर रहती थी। पढ़ाई के प्रति उसकी लगन कॉलेज में भी कम नही हुई। उसकी इच्छा दिल्ली के सबसे अच्छे और प्रतिष्ठित  कॉलेज में पढ़ने की थी लेकिन परिवार ने घर से दूर पढ़ने की अनुमति नही दी। न चाह कर भी उसे सोन...
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पांच कन्याएं
बीए अंतिम वर्ष में अधिकांश छात्र पढ़ाई में व्यस्त थे। आगे कैरियर औऱ पढ़ाई की योजनाओं को अंतिम रूप दे रहे थे। टिया जनवरी के माह में निश्चिन्त हो गई। अब उसका ध्येय सिर्फ बीए की डिग्री लेना ही था चाहे अंक कितने ही आएं। आगे उसने पढ़ाई करनी नही। "रिया एक बात बताऊं।...
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अकेली
तेज बरसात की बौछारें पड़ने पर दोपहर के दो बजे घनघोर अंधेरा छा गया। स्कूल से वापिस आते समय अचानक बरसात ने अलका को बस स्टॉप पर रुकने को मजबूर कर दिया। स्कूल से घर आना जाना अलका पैदल ही करती थी। पंद्रह मिनट का पैदल रास्ता था। अब कौन बस का इंतजार करे फिर ऊपर से ...
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दस वर्ष बाद
लगभग एक वर्ष बाद बद्री अपने गांव पहुंचा। पेशे से बड़ाई बद्री की पत्नी रामकली गांव में रह रही थी। बद्री के विवाह को दो वर्ष हो चुके थे। विवाह के पश्चात एक वर्ष बद्री और रामकली शहर में रहे। फिर बच्चे के जन्म के समय बद्री रामकली के संग गांव आ गया। फसल काटने का ...
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मान मर्यादा इज्जत अपने हाथों में होती है। लाखों रुपये हम शादी विवाह मुंडन पर खर्च कर देते हैं लेकिन मात्र सत्तर रुपये की खातिर विनोद ने अपनी अनमोल इज्जत सरे बाजार में लुटवा ली। पढिये कहानी "कंजूस की माफी"
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ईदी
छुट्टी के दिन वो ईदी ले गए उड़न खटोले से हम कोलकता पहुंच गए कुछ अवकाश से फुरसत के पल मिल गए कुछ पर्यटन के स्थल देखे गए अकेले घूमते थक से गए एक पार्क के कोने में बैठ गए खेलते बच्चों की मुस्कान देखते गए जेब से निकाल बच्चों को ईदी देते गए
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शाही वेश्या से साध्वी बनने की कहानी "साध्वी" जिसने जनता के लिए अपने प्राण त्याग दिए
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आज के युवा वर्ग का चित्रण करती कहानी "शौषण"। क्या लड़कियों का ही शौषण होता है? आज के युग में लड़की लड़के का भी शौषण करती है। इस हकीकत से हम मुख नही मोड़ सकते हैब
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