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Lov Aayaan
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Aayaan Akbar Khan
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Friendship Day 2018, 5 secret !
दुनिया में सबसे मुश्किल काम होता है किसी व्यक्ति को पहचानना। ये काम तब और मुश्किल हो जाता है जब आप अपने किसी खास दोस्त के बारे में यह निश्चय नहीं कर पा रहे हों कि वो आपका सच्चा दोस्त है या नहीं। बता दें, आज दुनियाभर में फ्रेंडशिप डे मनाया जा रहा है। इस मौके...
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Oppo A3s का 'पावरफुल' वेरिएंट भारत में लॉन्च हो गया है , जानें कीमत और फीचर्स
Oppo A3s के नए वेरिएंट को बाज़ार में लॉन्च कर दिया गया है। इस नए वेरिएंट में 3 जीबी रैम और 32 जीबी स्टोरेज आपको मिलेगी । गैजेट्स 360 के मुताबिक Oppo A3s का 3 जीबी रैम वेरिेएंट 13,990 रुपये में बेचा जाने वाला है ,  आपको बताते चले कि Oppo A3s को बीते महीने भार...
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Salat Al-Tawbah
AbuBakr RadiyAllahu Anhu narrated truthfully. He said: I heard the apostle of Allah (ﷺ) saying: When a servant (of Allah) commits a sin, and he performs ablution well, and then stands and prays two rak'ahs, and asks pardon of Allah, Allah pardons him. He th...
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akbarkhan.net
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politeness (विनम्रता) है जिन्दगी में जरुरी
विनम्रता ( politeness) हमारी जिन्दगी में हमारे स्वाभाव के लिए वो बेहतरीन तोहफा है जिसे अपनाकर हम सामने वाले के साथ साथ अपने मन भी एक सकारात्मक असर डालते है और विनम्रता ( politeness) के जरिये हम किसी का भी दिल जीत सकते है सो इसी से जुडी एक शिक्षाप्रद कहानी (...
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सृजनशीलता को पनपने का अवसर दें - Jawaharlal Nehru
एक दिन पंडित जवाहरलाल नेहरू अपने अध्ययन कक्ष में बैठे थे। कभी-कभी उनकी
दृष्टि किताब से हटकर तीन मूर्ति भवन के प्रांगण की ओर चली जाती। गर्मी का
मौसम था - दोपहर का समय, लू चल रही थी। माली अपने घरों में जा छिपे थे। ठीक
इस दुपहरी में एक नन्हा बालक आम के वृक्...
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देश के लिए त्याग हमारा कर्त्तवय है - Rajendra Nath Lahiri
Img Credit:Wikipedia अमर शहीद नाथ लाहिड़ी
को गोंड़ा जेल में सन् 17 दिसम्बर 1927 को फाँसी दी गयी। फाँसी पर चढ़ने के
पूर्व उन्होंने नित्य की भाँति स्नान किया, गीता पाठ और व्यायाम किया। उसके
बाद अपना वस्त्र धारण कर मजिस्ट्रेट से कहा, 'मैं समझता हूँ, मुझे देर
...
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स्वयं मत बोलो, कर्म को बालने दो - Vinoba Bhave, Ghanshyam Das Birla
प्रसंग-1 एक दिन घनश्याम दास बिड़ला अपने कार्यालय जा रहे थे। कार्यालय जाने में देर
हो गयी थी। इसलिए ड्राइवर गाड़ी तेज चला रहा था। गाड़ी जैसे एक तालाब के
रासते से गुजर रही थी, उसके किनारे सैकड़ों लोगों की भीड़ देखकर बिड़ला साहब
ने ड्राइवर से पूछा - 'क्या बात है?...
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भाषण का प्रभाव - Madan Mohan Malaviya
कालाकांकर
के राजकुमार श्री सुरेश सिंह का मालवीय जी के सन्दर्भ में संस्मरण
प्रेरणादायक है। उनके ही शब्दों में - 'कैम्बलपुर में शाम को एक सभा का
आयोजन किया गया। उस दिन मालवीय जी बोलने के लिए जैसे ही उठे, दर्शकों में
से एक वृद्ध मुसलमान सज्जन खड़े होकर बोले...
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सबको एक ही लाठी से नहीं हाँकें Akbar-Birbal
अकबर के राज्य में एक रात तीन व्यक्ति चोरी करते पकड़े गये। दरबार में उनकी
पेशी हुई। पहला अपराधी बादशाह अकबर के सामने लाया गया। अकबर ने उसकी ओर
देखा। उसने पूछा - ‘क्यों जी यही सब करते हो ? लज्जा नहीं आती।‘ उन्होंने
उसे छोड़ देने का आदेश दिया। अब कोतवाल दूसरे...
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सदा निर्भय रहें - Kunwar Sukhlal Arya
अंग्रेजों ने समस्त भारत में राज्य विस्तार करने के साथ ही इसे स्थयी
बनाने के लिए ईसाई धर्म प्रचार को प्रश्रय देना प्रारम्भ किया। इधर देश में
भी जागृति आयी। वैदिक धर्म को पुनः जीवित करने के लिए भी अनेक संस्थाओं ने
प्रचार अभियान चलाया। इस क्रम में आर्य समाज...
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