Profile cover photo
Profile photo
Rajeev Pathak
191 followers -
"न काहू को देत भय ,न भय मानत आप "
"न काहू को देत भय ,न भय मानत आप "

191 followers
About
Rajeev's posts

Post has attachment
लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा वैश्विक हो गया ।
उदेती सविता ताम्र: ताम्रामेवाअस्तानमेति च संपतौ च विपत्तो च  महताँम एक रूपतः । अर्थात : उगता हुआ सूर्य लाल होता है और अस्त होता हुआ भी । ऐसे ही विवेकी मनुष्य को जीवन के सुख और दुःख दोनों समय में समभाव रहना चाहिए । वैदिक काल के सूर्य उपासना को लोक पर्व के रू...

Post has attachment
ये हिंदुत्व का जादू ही तो है |
1995 की घटना है, लंदन में स्वामीनारायण संप्रदाय वालों ने अक्षरधाम की तरह ही एक भव्य मंदिर बनाया था. स्वामीनारायण वालों की विशेषता है कि वो अपने मंदिरों के साथ जुड़े संग्रहालय में हिन्दू संस्कृति और इतिहास का परिचय कराने वाली मूर्तियाँ, कलाकृतियाँ आदि भी लगात...

Post has attachment
‪‎महाभारत‬ का युद्ध 13 अक्टूबर 3139 ई. पू. को आरम्भ हुआ |
 “ऋग्वेद से रोबोटिक्स तक सांस्कृतिक निरंतरता” : एक अद्भुत प्रदर्शनी ।  इस प्रदर्शनी के माध्यम से इतिहास को वैज्ञानिक रूप से प्रदर्शित किया गया है, जिसमे पिछले 10000 वर्षों से भारत में ही निरंतर विकसित होती वैदिक संस्कृति एवं सभ्यता को उजागर किया गया। प्रदर्...

Post has attachment
बुद्धि और विवेक एक दूसरे के विपरीत है : भगवान श्री कृष्णा
बुद्धि और विवेक दो समान अर्थ वाले शब्द लगते हैं, लेकिन स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने इसका विस्तार से वर्णन करते हुए बताया है कि बुद्धि और विवेक एक दूसरे के विपरीत है । -------------------------------------------------------------------------------------------...

Post has attachment
जहां शिव को त्रिपुरारी के नाम से पुकारा गया !
पूर्वोत्तर भारत
का छोटा सा राज्य त्रिपुरा ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी रहा है. त्रिपुरा का बडा
पुराना और लंबा इतिहास है. इसकी अपनी अनोखी जनजातीय संस्‍कृति तथा सुसंस्कृत
लोकगाथाएं है. रामायण और महाभारतकालीन साक्ष्य आज भी त्रिपुरा के राजमहल संग्रहालय
में सुरक्षि...

Post has attachment
Photo

Post has attachment
मेरे एक प्रश्न के जबाव में कि आपका आदर्श कौन है ? संतोष ने कहा कि मैं स्वयं अपना आदर्श हूँ. आशावादी हूँ. कर्म को प्रधान मानता हूँ. इसीलिए सफल हुआ हूँ.

Post has attachment
स्वयं से प्रेरणा लेता हूँ : संतोष
संतोष कुमार राय कुछ ही दिनों बाद किसी एक जिला के सबसे बड़े अधिकारी होंगे. वर्ष 2013 के सिविल सर्विस परीक्षा में हिंदी माध्यम से प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले संतोष के मन में पहली बार आई.ए.एस. बनने का ख़याल जिस उम्र में आया, अमूमन वह उम्र खेलने-कूदने का होता ह...

Post has attachment

Post has attachment
Wait while more posts are being loaded