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Anil Yadav
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Celebrating Independence Day!
chalo kuch nahi toh azadi ka jashn mana lein har saal jo karte aaye wo iss saal bhi dohra lein unhattar saal ke ho gaye lekin bachpana nahi gaya kuch din hue tumne hotel se kuch logon ko utha liya unko police station mein pared karwayi, beizzat kiya azadi k...
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तुझसे मिलने को कभी हम जो मचल जाते / फ़राज़
तुझसे मिलने को कभी हम जो मचल जाते हैं तो ख़्यालों में बहुत दूर निकल जाते हैं गर वफ़ाओं में सदाक़त भी हो और शिद्दत भी फिर तो एहसास से पत्थर भी पिघल जाते हैं उसकी आँखों के नशे में हैं जब से डूबे लड़-खड़ाते हैं क़दम और संभल जाते हैं बेवफ़ाई का मुझे जब भी ख़याल...
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BAAD MUDDAT UNHE DEKHKAR YUN LAGA/ ALI SARDAR ZAFARI
बाद मुद्दत उन्हें देख कर यूँ लगा जैसे बेताब दिल को क़रार आ गया आरज़ू के गुल मुस्कुराने लगे जैसे गुलशन में बहार आ गया तिश्न नज़रें मिली शोख नज़रों से जब मैं बरसने लगी जाम भरने लगे साक़िया आज तेरी ज़रूरत नहीं बिन पिये बिन पिलाये खुमार आ गया रात सोने लगी सुबह ...
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A Beautiful Ghazal by "Ali Sardar Zafari"
मेरी वादी में वो इक दिन यूँ ही आ निकली थी रंग और नूर का बहता हुआ धारा बन कर महफ़िल-ए-शौक़ में इक धूम मचा दी उस ने ख़ल्वत-ए-दिल में रही अन्जुमन-आरा बन कर शोला-ए-इश्क़ सर-ए-अर्श को जब छूने लगा उड़ गई वो मेरे सीने से शरारा बन कर और अब मेरे तसव्वुर का उफ़क़ रोश...
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वेद में जिनका हवाला हाशिए पर भी नहीं
A thought provoking poem by Hindi poet "Adam Gondvi" वेद में जिनका हवाला हाशिए पर भी नहीं वे अभागे आस्‍था विश्‍वास ले कर क्‍या करें लोकरंजन हो जहाँ शंबूक-वध की आड़ में उस व्‍यवस्‍था का घृणित इतिहास ले कर क्‍या करें कितना प्रगतिमान रहा भोगे हुए क्षण का इतिहा...
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सिलसिले तोड़ गया वो सभी जाते जाते
A beautiful gazal by famous Urdu Shayar "Ahmad Faraz"   सिलसिले तोड़ गया वो सभी जाते-जाते वरना इतने तो मरासिम थे कि आते-जाते शिकवा-ए-जुल्मते-शब से तो कहीं बेहतर था अपने हिस्से की कोई शमअ जलाते जाते कितना आसाँ था तेरे हिज्र में मरना जाना फिर भी इक उम्र लगी ज...
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KARMVEER
A beautiful poem by famous Hindi poet Ayodhya Singh Upadhyay “Hariaudh” . देख कर बाधा विविध, बहु विघ्न घबराते नहीं रह भरोसे भाग के दुख भोग पछताते नहीं काम कितना ही कठिन हो किन्तु उबताते नहीं भीड़ में चंचल बने जो वीर दिखलाते नहीं हो गये एक आन में उनके बुरे दि...
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prakhar-anil.blogspot.com
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Jalao Diye Par Rahe Dhyan Itna
Andhera Dhara PAr Kahin Rah Na Jaye
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Diwali
दीयों की लड़ियों से सजे
दरवाजे पर किसी ने दस्तक दी दरवाज़ा खोला तो ख़ुशी चुपचाप
खड़ी थी मैंने अपने पांच दीयों की
रौशनी में देखा दो दिए उसकी डबडबाई आँखों में
जल रहे थे   शायद उसे मेरे घर के रास्ते
में कई घरों में अँधेरे मिले
होंगे उसे देख कर मैंने सोचा मेरी
ख़ुशी...
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