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हिन्दी की प्रसिद्ध रचनायें
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हिन्दी की प्रसिद्ध रचनाओं का सन्कलन Famous compositions from Hindi Literature
हिन्दी की प्रसिद्ध रचनाओं का सन्कलन Famous compositions from Hindi Literature

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काव्य, कविता या पद्य, साहित्य की वह विधा है जिसमें किसी कहानी या मनोभाव को कलात्मक रूप से किसी भाषा के द्वारा अभिव्यक्त किया जाता है। भारत में कविता का इतिहास और कविता का दर्शन बहुत पुराना है। इसका प्रारंभ भरतमुनि से समझा जा सकता है। कविता का शाब्दिक अर्थ ह...
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ठुकरा दो या प्यार करो
एक गहन भाव से भरी, समर्पण भाव से आप्लावित, कविता " ठुकरा दो या प्यार करो " में उन्होंने इस चिर सत्य का रूप निर्धारित किया है कि पूजा तथा अर्चन के निमित्त किसी वस्तु की जरूरत नही है। मनुष्य के भाव यदि अमल और धवल हैं तो भगवान भक्त को भी उसी दृष्टि से देखता है...
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मैं तेनु समझावां की ना तेरे बिना लगदा जी
मैं तेनु समझावां की
ना तेरे बिना लगदा जी
मैं तेनु समझावां की
ना तेरे बिना लगदा जी
तू की जाने प्यार मेरा
मैं करूं इंतजार तेरा
तू दिल तूयो जान मेरी

मैं तेनु समझावां की
ना तेरे बिना लगदा जी
तू की जाने प्यार मेरा
मैं करूं इंतजार तेरा
तू दिल तूयो जान मेरी
मैं त...
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अमीर खुसरो की रचनाएँ - 2
खुसरो दरिया प्रेम का, सो उलटी वा की धार,  जो उबरो सो डूब गया, जो डूबा हुवा पार। अमीर खुसरो की रचनाएँ - 2 छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाइके छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाइके प्रेम बटी का मदवा पिलाइके मतवाली कर लीन्ही रे मोसे नैना मिलाइके गोरी गोरी बई...
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अमीर खुसरो की रचनाएँ - 1
जो पिया आवन कह गए अजहुँ न आए, अजहुँ न आए स्वामी हो ऐ जो पिया आवन कह गए अजुहँ न आए। अजहुँ न आए स्वामी हो। स्वामी हो, स्वामी हो। आवन कह गए, आए न बाहर मास। जो पिया आवन कह गए अजहुँ न आए। अजहुँ न आए। आवन कह गए। आवन कह गए। ------ अमीर खुसरो 
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अग्निरेखा (टकरायेगा नहीं)
टकरायेगा नहीं आज उद्धत लहरों से, कौन ज्वार फिर तुझे पार तक पहुँचायेगा ? अब तक धरती अचल रही पैरों के नीचे, फूलों की दे ओट सुरभि के घेरे खींचे, पर पहुँचेगा पथी दूसरे तट पर उस दिन जब चरणों के नीचे सागर लहरायेगा ! कौन ज्वार फिर तुझे पार तक पहुँचायेगा ? गर्त शिख...
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हिंदी साहित्य की कालजयी और आधुनिक प्रसिद्ध रचनायें - कविता
काव्य नाटक अंधायुग - धर्मवीर भारती   कुरुक्षेत्र - रामधारी सिंह ‘दिनकर‘ कामायनी - जयशंकर प्रसाद राम की शक्ति पूजा - सूर्यकांत त्रिपाठी निराला गीतांजलि - रविंद्रनाथ ठाकुर
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हिन्दी की उत्कृष्ट रचनाएँ | जो तुम आ जाते एक बार | Jo Tum AA Jate Ek Bar
विरहपूर्ण गीतों की गायिका महादेवी वर्मा आधुनिक युग की मीरा कही जाती है। हादेवी वर्मा  (२६ मार्च १९०७ — ११ सितंबर १९८७) हिन्दी की सर्वाधिक प्रतिभावान कवयित्रियों में से हैं। वे हिन्दी ...  महादेवी वर्मा  के मानस बंधुओं में सुमित्रानंदन पंत एवं निराला का नाम ...
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हिंदी साहित्य की कालजयी और आधुनिक प्रसिद्ध रचनायें - उपन्यास
शरत चन्द्र चट्टोपाध्याय  देवदास शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय (१५ सितंबर, १८७६ - १६ जनवरी, १९३८) बांग्ला के सुप्रसिद्ध उपन्यासकार थे। उनका जन्म हुगली जिले के देवानंदपुर में हुआ। वे अपने माता-पिता की नौ संतानों में से एक थे। अठारह साल की अवस्था में उन्होंने इंट्रें...
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हिंदी साहित्य की कालजयी और आधुनिक प्रसिद्ध रचनायें - कहानी
उसने कहा था – चंद्रधर शर्मा गुलेरी हार की जीत – सुदर्शन 'ठाकुर का कुआं', 'सवा सेर गेहूँ', 'मोटेराम का सत्याग्रह', सद्गति, कफ़न – प्रेमचंद टोबा टेक सिंह – सआदत हसन मंटो तीसरी कसम उर्फ़ मारे गए गुलफ़ाम – फणीश्वर नाथ रेणु पक्षी और दीमक – गजानन माधव मुक्तिबोध च...
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