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ankur rastogi
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हाहाहाहाहा कुम्भलगढ़ राजस्थान मदरसा अध्यक्ष आयेशा सिद्दकी ने कक्षा निर्माण राशि में किया गबन हो चूका भारत निर्माण ।
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Uttar Pradesh CM akhileshKHAN should change his party name from Samajwaad to Namajwaad to have more secular votes
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विश्व गौरव राष्ट्रवादी हिंदू
हिन्दुस्तान के लिए जहर है आरक्षण
मैं नहीं जानता कि :
1. आप आरक्षण के समर्थक हैं या आरक्षण के विरोधी ?
2. आरक्षण आपके लिए लाभदायक है या हानिकारक ?
3. आप एक आम आदमी हैं या आरक्षण के कट्टर समर्थक
/विरोधी और राजनीति के खेल में माहिर नेता ?
4. आप तक सरकार की विकास योजनाएँ आरक्षण के कारण
नहीं पहुँची या नहीं, आपके समुदाय को आरक्षण मिलने के
बावजूद
आरक्षण का लाभ आप तक पहुँचा या नहीं ?
लेकिन मैं आपको आरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
बताना चाहता हूँ :
1. अंग्रेजों की “ बांटो और राज करो “ नीति का हिस्सा है
आरक्षण.
क्यों ?
– अंग्रेज भारतीयों को एक-दूसरे से लड़ा कर खुद सत्ता में बने
रहना
चाहते थे क्योंकि उन्हें भारत की जनता के हितों में कोई
दिलचस्पी
नहीं थी. उन्हें तो अपने स्वार्थ पूरे करने में दिलचस्पी थी.
लेकिन
खुद को जनता का हितैषी साबित किए बिना सत्ता में बने रहना
संभव नहीं था. उन्होंने अपनी इस समस्या का एक काट “
आरक्षण “
के रूप में निकाला और इसे अमलीजामा पहनाते हुए, लार्ड मेट्सन
ने खास समुदाय के लिए मद्रास लेजिस्लेटिव काउंसिल में
स्थान
आरक्षित कर भारत में आरक्षण की शुरुआत की थी. और आज
भी
यह नीति लोगों को लड़ाने का काम बेहतरीन तरीके से कर रही है,
साथ हीं सत्तालोलुपों को सत्ता सुख दिलाने का काम
भी बेहतरीन
तरीके से कर रही है.
परिणाम - एक वो दिन था और एक आज का दिन है अंग्रेजों को
मजबूर होकर भारत से जाना पड़ा लेकिन कुछ लोग आज भी
अंग्रेजों के प्रतिनिधि बनकर उनकी “ बांटो और राज “ करो नीति
के अनुसार काम कर सत्ता में मौजूद रहना चाहते हैं. और वे
काफी
हद तक अपने मकसद में सफल भी रहे हैं. ये लोग
कभी आरक्षण
समाप्त नहीं करना चाहते हैं चाहे इन्हें इसके लिए इन्हें कुछ भी
क्यों ना करना पड़े.
2. आरक्षण एक ऐसी दवा है जिसके उपयोग की तिथि लगभग
50-55 वर्ष पहले हीं समाप्त हो गई है.
क्यों – जैसा कि मैंने आपको पहले हीं बताया है कि आरक्षण
अंग्रेजों की
देन है और कोई भी अंग्रेजी दवा जिसके उपयोग
की तिथि समाप्त हो
चुकी हो उसका उपयोग कितना घातक होता है ये मुझे बताने
की जरुरत
नहीं है. भारतीय संविधान ने जिस आरक्षण की बात की थी उसे
आजादी
के 10 वर्षों (आजादी के 10 वर्षों के बाद इसके उपयोग
की तिथि समाप्त
हो चुकी है मतलब अब यह जहर बन चुका है ) के बाद समाप्त
कर देना था,
लेकिन जब दूरदर्शी राजनीतिज्ञों ने अपने लिए आरक्षण
का महत्व समझा
( कि किस प्रकार यह उनका वोट बैंक बन सकता है ) तो उन्होंने
इसे समाप्त
करने के बजाए, कोटे के भीतर कोटा देकर इसे जीवित
रखना उचित समझा.
क्योंकि हमारे नेता इतने बेवकूफ तो हैं नहीं कि वे सोने के अंडे देने
वाली मुर्गी
को काट दें. वे इस मुर्गी को अमर कर देना चाहते हैं आज
किसी को आरक्षण
देकर तो कल किसी और को.
परिणाम- 65 वर्ष से ज्यादा समय से आरक्षण लागू होने के
बावजूद
आरक्षण की श्रेणी में आने वाले लोग खुद को ठगा हुआ महसूस
करते
हैं. और नेता बार-बार आश्वासन देकर इस मुद्दे का लाभ
उठा लेते हैं.
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Arakshan ek votebank ka khel
mulayam or khurshid dono chahte h muslim ko
arakshan mile to usse janta par nahi pehle khud
par lagu kre Congress or SP loksabha or
vidhansabha m pehle Muslim ko utni seat par
arakshan de jitna wo unhe nokriyon m dena
chahte h yadi koi congressi ya Sp sansad koi
vyapaar krta h to usse uski company m anivarya
rup se utni hi nokriya muslim ko arakshit dene k
liye majburr kre tbb unhe pata chalega ki Muslim
arakshan ki aag se aam hindu admi ko kitni
garmi lagti
h
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Kon kise kese kattar ya secular keh sakta h kattarwad or secular k kya maapdand h
Bhagwaan Ram or Rakshas Ravan dono hi KATTAR Hindu the lekin hm konse kattar h Ram wale ya Ravan wale
Jo Ram wale h wo kbi jhuth nahi bolte likhte jo Ravan wale h wo jhuti afwahen felate h jese ajkal ek muslim anchor dwara chalit show k bare m jhuti afwahen fela rahe h jo log hindu dharam k bare m acha likhte h or dusre dharmo ki sachi nishpaksh baate btatae h wo Ram wale kattar h jo log sirf dusre dharmo ko gali dene m lage rehte h wo Ravan wale kattar h last me jo log apne hi bhaiyon ko secular harami kutta kehkar block krte h wo ravan wale kattar h unhone hindu hone ki alag paribhasha bna di h(unke liye hindu mane heen sanskar dushit vichar) h jo Ram wale kattar h wo kbi kisi ki pehle gali nahi dete ya block krte h agar koi secular Hindu bhai sahi or sach bol raha ho to uska Sath dete h
padne k liye dhanyawaad
JAY SHRI RAM
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Satyamav Jayte ko galat kehne wale kal COLORS
TV channel k bi khilaaf post dalenge kyuki isme
bahut sare muslim artist kaam krte h or isme bi
sirf hindu samaj ki burayiyan dikhayi jaati h
ESI KATTARTA KIS KAAM KI JO HMARE HI
SAMAJ KO NUKSAAN PAHUNCHAYE
JAY HIND
JAY BHARAT
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Anna or Ramdev k kitne bhakton ne kal Janta ki
adalat on india tv dekha
Ek baat hme Baba Ramdev ki bahut badiya lagi
Baba ne bola Bharat koi garib desh nahi h or na
hi iska koi nagrik garib h Iss desh ka har nagrik
two se five crore ka malik h wo ese ki Bharat
desh m abi bi 100 hajar lakh crore ka koyla h
iske awala na jane kitne hi rupay ka sona Chandi
hire moti aluminium tanba pital zinc or dusre
bhuratan h
Lekin iss desh ki sarker ne isse apni sampatti
maan liya h isilie apni marzi se koyla baant diya
10 lakh crore ka jbki ye sabi rashtra ki yani iss
desh ki janta ki sampatti h or rashtra ka nuksaan
krne wala deshdrohi h jo ki mojuda sarkar h
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