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आप इतना यहाँ पर न इतराइये
चंद सासों की राहें सभल जाइये
अज़नबी मान करके कहाँ जा रहे
आपको भी यहाँ हमसफर चाहिये

जख़्म लेकर यहाँ मै तो जीता रहा
जहर मिलता रहा जहर पीता रहा
जिंदगी के तजुर्बे बड़े ख़ास है
रूबरू उनसे होने चले आइये

एक मासूम के पास जाना कभी
प्यार से उसके गालों को छूना कभी
उसके मुस्कान में है जहाँ की ख़ुशी
अपने दामन में भर कर उन्हें लाईये

जर्रे- जर्रे में जिसका यहाँ नूँर है
पास होते हुये भी बहुत दूर है
दर्द का एक कतरा किसी दीन से
मांग करके उसी में उसे पाइये

विक्रम 
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