Profile cover photo
Profile photo
Chakresh Singh
100 followers
100 followers
About
Chakresh's posts

Post has attachment

Post has attachment
चल दोबारा ज़िन्दगी से प्यार कर
तू किसी शोख़ का सिंगार कर रख भी दे ये ख़ामोशी उतार कर तीरगी ये पल में टूट जायेगी  चल दोबारा ज़िन्दगी से प्यार कर एक ही नहीं कई शिकायतें जानता हूँ ज़ीस्त की हिकायतें फिर भी मेरा अब तू ऐतबार कर कह रहा हूँ जो वो मेरे यार कर तीरगी ये पल में टूट जायेगी चल दोबारा...

Post has attachment
ye raate ye mausam nadi ka kinara (cover)

Post has attachment
जाने क्यूँ संघदिल से ही फिर इश्क़ फ़रमाता हूँ मैं
जाने क्यूँ संघदिल से ही फिर इश्क़ फ़रमाता हूँ मैं  राज़ लाता हूँ लबों तक और पछताता हूँ मैं  ज़ब्त कर के हर ख़लिश इस ज़िन्दगी के नाम पर  महफ़िलों में गीत गाता नाचता जाता हूँ मैं  कुछ सितारे आसमाँ से टूट कर गिर जाएंगे  रात भर छत पे खड़ा हो नज़रें दौड़ाता हूँ मैं  साक़िय...

Post has attachment
Beeti baate.n bhula ke hansta hu.n
Beeti baate.n bhula ke hansta hu.n Apni ghazale.n jalaa ke hansta hu.n.. Log is baat par khafa mujhse.. Unko ungli dikhaa ke hansta hu.n... Zikr chheda kisi ne ulfat ka.. Aur mai.n muh daba ke hansta hu.n Rehnuma kar gaya mujhe tanha.. Apni manzil pe aa ke ...

Post has attachment
koi dil se utar gaya jaise
.... koi dil se utar gaya jaise koi mausam guzar gaya jaise apni khaamoshiyaaN suna kar maiN reza reza bikhar gaya jaise.. uske kehne pe kuchh nahi kehta ye naa samjho ke dar gaya jaise.. maine kab haar yunhi maani hai bas mera dil hi bhaR gaya jaise.. meri...

Post has attachment

Post has attachment
अँधेरी रात में मैंने ढुलकता चाँद पाया है
अँधेरी रात में मैंने ढुलकता चाँद पाया  है महाभारत के किस रथ का ये पहिया छत पे आया है उठाया है इसे हाथों में जिसने है वो अभिमन्यु या केशव ने पितामह को कहीं इससे डराया है? कहीं ये कर्ण के रथ का वो पहिया तो नहीं जिसने अभागे सूर्य के बेटे को किसी रण में हराया ह...

Post has attachment
सौ बार कहा चुप रहने को


Post has attachment
Wait while more posts are being loaded