Profile cover photo
Profile photo
A S PAHWA
About
Posts

Post has attachment
तेरा भाणा मीठा लागे.... शहीदी गुरु अर्जुन देव जी
तेरा कीआ मीठा लागे... शहीदी दिहाड़ा (दिन/दिवस) गुरु अर्जुन देव जी जीवन में दो बातें शाश्वत हैं जन्म और मृत्यु! बाकी सब मिथ्या है। जन्म की ख़ुशी तो प्रत्येक समाज में धूमधाम से मनाई ही जाती है, कुछ ऐसे भाग्यशाली भी होते हैं जिनकी जन्मदिन की खुशियाँ उनकी मृत्यु ...
Add a comment...

Post has attachment
तेरा भाणा मीठा लागे.... शहीदी गुरु अर्जुन देव जी
तेरा कीआ मीठा लागे... शहीदी दिहाड़ा (दिन/दिवस) गुरु अर्जुन देव जी जीवन में दो बातें शाश्वत हैं जन्म और मृत्यु! बाकी सब मिथ्या है। जन्म की ख़ुशी तो प्रत्येक समाज में धूमधाम से मनाई ही जाती है, कुछ ऐसे भाग्यशाली भी होते हैं जिनकी जन्मदिन की खुशियाँ उनकी मृत्यु ...
Add a comment...

Post has attachment
हौं आया दूरों चल के.... वैसाखी का इतिहास, पांवटा साहिब की यात्रा
हौं आया दूरों चल के.... वैसाखी का इतिहास, पांवटा साहिब की यात्रा  सन् 1685 का समय एक 20 वर्षीय नौजवान अपने घोड़े पर सवार हिमाचल की वादियों में अपने कुछ विश्वसनीय
सहयोगियों के साथ घूम रहा है। हर तरफ प्रकृति के सुंदर नजारे हैं, घना जंगल है,
मीलों दूर तक कहीं क...
Add a comment...

Post has attachment
एक चिड़िया आई
बॉयोस्कोप   के झरोखे से प्रयास है , छोटे बच्चों के लिए मजेदार
कहानियों को लिखने का जो मैंने अपने बचपन में सुनी। इनमे से अधिकतर कहानियों को
सुनाने का श्रेय मेरे स्वर्गवासी पिताजी को जाता है , जो अपने आप में ज्ञान का चलता फिरता
विश्वकोश थे। हालाँकि सम्भव है क...
Add a comment...

Post has attachment
एक चिड़िया आई
बॉयोस्कोप के झरोखे से प्रयास है, छोटे बच्चों के लिए मजेदार कहानियों को लिखने का जो मैंने अपने बचपन में सुनी। इनमे से अधिकतर कहानियों को सुनाने का श्रेय मेरे स्वर्गवासी पिताजी को जाता है, जो अपने आप में ज्ञान का चलता फिरता विश्वकोश थे। हालाँकि सम्भव है कि इन...
Add a comment...

Post has attachment
जनूँ मेरा या राह की दीवार !!!
यह घटना भी देहरादून में ही घटित हुई। देहरादून से कोई 7-8 किमी दूर प्रेमनगर में!  जैसा कि मैं पहले एक घटना में बता चुका हूँ कि उस क्षेत्र में द्वितीय विश्वयुद्ध के समय युद्धबंदियों को रखने के लिए बैरकेँ बनाई गई थी, जिन्हें बाद में विभाजन के समय आये शरणार्थीय...
Add a comment...

Post has attachment

Post has attachment
साहिब-ए-कमाल : गुरु गोबिंद सिंह
वाह परगटियो मरद अंगमड़ा वरियाम अकेला वाहो वाहो गोबिंद सिंह आपे गुर चेला !!!                                               ~  भाई गुरदास(दूजा) अंग्रेजी कलैंडर के अनुसार 1666 का बरस, सुबह का समाँ, पीर भीखण शाह, जाने किस प्रेरणा के तहत पश्चिम की जगह आज पूरब दिश...
Add a comment...

Post has attachment
40 मुक्ते (40 Immortals, 40 mukte, 40 ਚਾਲੀ ਮੁਕਤੇ) और माघी
दु निया के किसी भी हिस्से में जब कोई भी गुरु नानक नाम लेवा सिख
अरदास करता है , उस अरदास में एक शब्द आता है ,
"  चाली
मुक्ते  ", चाली अर्थात चालीस ( 40) और मुक्ते , बहुवचन है मुक्त का ! मुक्त संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ है liberation यानि जन्म मरण के फेर से
आ...
Add a comment...

Post has attachment
लोहड़ी (Lohri)
सु बह सवेरे उठ कर जैसे ही बालकनी में आया गली में दूर किसी घर के आगे
खड़े बच्चों की टोली को “सुंदर मुन्द्रियो हो....” गाते सुन कर लोहड़ी माँगते देखा !
ओह ! एक क्षण में ही अपना बचपन आँखों के आगे कौंध गया ! जैसे ही वो बच्चे उस घर से
फारिग हुए मैंने आवाज देकर और ...
लोहड़ी (Lohri)
लोहड़ी (Lohri)
thousandpetalslit.blogspot.com
Add a comment...
Wait while more posts are being loaded