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Anupam Shrivastava
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विषयः रिर्सोस पर्सन को नियमित किये जाने बाबत।
संदर्भ:- RTI 2005 प्राप्त से जानकारी

1.मध्यप्रदेश आई टी आई में रिर्सोस पर्सन की भर्ती वर्ष 2013 में भर्ती नियम बनाने की प्रत्याशा में,भर्ती नियम बनने के पहले ही कर ली गई,एवं भर्ती हो जाने के बाद नियमों से छेडछाड कर भर्ती नियम बदल दिए गए एवं गलत जानकारी देकर रिर्सोस पर्सन को गुमराह किया गया,जिसके कारण आज रिर्सोस पर्सन ऐसे मुकाम पर है कि न तो किसी ओर नौकरी मे जा सकता है और न ही अपने परिवार का उचित भरण पोषण कर सकता है।

2.रिर्सोस पर्सन की भर्ती मार्च 2013 एवं सितंबर 2013 में भर्ती नियम बनने की प्रत्याशा में कर ली गई एवं जब रिर्सोस पर्सन के द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत भर्ती नियम मांगे गए तो गलत जानकारी देकर गुमराह किया गया एवं जल्दबाजी में भर्ती नियम से छेडछाड कर एवं भर्ती नियम बदलकर 9 महीने बाद 12 दिसंबर 2013 के राजपत्र में प्रकाशित करा दिए गए किन्तु विभाग द्वारा जल्दबाजी में अपनी गलतीयों को छुपाने में राजपत्र का बिन्दु क्रंमाक -3 की यह नियम इनके प्रकाशन की तारिख से लागू होगें पर ध्यान देना भूल गया ।
किन्तु यदि विभाग ने भर्ती नियम बनने की प्रत्याशा में 2012-13 की भर्ती की गई उन सभी कर्मचारीयों (अर्थात जो पूर्व में भर्ती कर ली गई है ) पर भी लागू होगी जैसा कि संशोधित राजपत्रों में लिखा होता है।
3.यह कि विभाग से सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 में प्रत्याशा शब्द की समय-सीमा की जानकारी मांगने पर पुनः गुमराह किया गया एवं इस पूरे प्रकरण में विभाग के उच्च स्तरीय अधिकारीयों का शामिल होना बताया गया।
4.यह कि जब बार-बार सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 मे रिर्सोस पर्सन के भर्ती नियम किस समिति की अनुशंसा एवं किन तथ्यों के आधार पर बनाए गए जानकारी मांगी गई तो विभाग द्वारा पुनः गुमराह करते हुए बताया गया कि जो भर्ती नियम है-वह नवीन पोलिटेक्नीक 2012 के संविदा तृतीय श्रेणी लिपिकीय एवं अलिपिकीय कर्मचारी के भर्ती नियम से बनाये गयें है।
जबकि तकनीकी शिक्षा संचालनालय द्वारा सपष्ट लिखित में मुझे दिया गया है कि हमारे द्वारा 2012 के कोई नियम नही बनाए गए है,अतः किसी भी प्रकार के भर्ती नियम उपलब्ध कराने का प्रश्न ही नही उठता ।
5.यह कि विभाग के द्वारा जो रिर्सोस पर्सन के पद कि स्वीकृती की जो नस्ती की फोटोकाॅपी प्रदान की गई उसकी स्थिति संदिग्ध है जिससे स्पष्ट होता है कि नियमों से छेडछाड की गई है एवं मुल प्रति का अवलोकन करने की बात पर विभाग द्वारा मंत्रालय का पत्र देते हुए कह दिया गया कि मुल दस्तावेंज खेाजबीन करने पर नही मिलें,अतः संदिग्ध फोटोकाॅपी को ही सत्य माना जाए,इससे शासन एवं शासन के अधिकारीयों की कार्यशैली पर संदेह उत्पन्न होता है।
6.यह कि पुरे भारत मे रिर्सोस पर्सन का पद डी.जी.टी.इ्र्र.के नियमानुसार नियमित है किन्तु नियमों से छेडछाड कर इस पद कों संविदा कर दिया गया,जबकि पुर्व मे यह पद सा.अध्ययन के प्रशिक्षण अधिकारी का था एवं नियमित था।
7.यह कि विभाग द्वारा इस पद को लेकर अलग-अलग नियम प्रचलन मे है जैसे कही पर मानदेंय 7200रू कही पर 10000रू कही पर 14000रू प्रदान किया जा रहा है ।
महोदय मेरे द्वारा कही गई सारी बातों के प्रमाण लिखित जानकारी के रूप में मेरे पास सुरक्षित है ,अतः रिर्सोस पर्सन को नियमित किया जाए एवं उसके परिवार को भी समाज मे उचित जीवन जीने का अवसर प्रदान किया जाए।
भवदीय

देवेन्द्र
KHANDWA ITI
8963918754
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