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फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस चला, जिसमें अभिनव की पक्ष से वह सोलह प्रेम पत्र पस्तुत किये गये जो कृति ने अभिनव को लिखे थे | सबसे मजबूत सबूत के रूप में इन पत्रों की ही भूमिका बताई गई | उन पत्रों के अनुसार पहले पत्र से ही कृति ने स्पष्ट कर दिया था कि उसे अभिनव के अलावा अपनी जिन्दगी में किसी और का दखल मंजूर नहीं होगा | और यह भी, कि यदि कभी ऐसा होने की संभावना दिखी तो वह अपनी जिन्दगी खत्म करना बेहतर विकल्प समझेगी ।

पढ़िए Raj Gopal Singh Verma की कहानी '...सोलह प्रेम पत्र'
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विनय सौरभ की कविता उस आदमी का संत्रास बयाँ करती है, जो आदमी अपने जीवन में जीवन की यातना सह रहा होता है। जो आदमी अपना सर्वस्व दाँव पर लगाए रहता है। जो आदमी विवश है। जो आदमी अभिशप्त है। जो आदमी कभी किसी झील का राजहंस नहीं हो पाता है। और जिस आदमी के पास कठिनाइयों से भरा जीवन जीने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है।

कवि-कथा में आज विनय सौरभ की कविताओं की पड़ताल कर रहे हैं शहंशाह आलम
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आपको तो आयतें या सिर्फ़ मंतर चाहिए

यानी कि मशहूरियत से ज़्यादा भयंकर चाहिए

रोटियां तालीम बच्चों को मिले या मत मिले

उनका कहना है कि मस्जिद और मंदिर चाहिए

वरिष्ठ शायर, कवि और कथाकार नूर मुहम्मद' नूर' का ताजा ग़ज़ल संग्रह है 'सफ़र कठिन है'। इसी संग्रह से 5 ग़ज़लें आपके लिए
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ऐसा एक भी रचनाकार मेरे पढ़ने में अब तक नहीं आया जो अपने महान् 'संस्मरण' के बहाने ही सही, खुद को हिन्दी में 'दुष्ट' लिख सके ।

पढ़िए जयप्रकाश मानस की डायरी की 22वीं किस्त
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नदियों के तलछट का भी अपना एक रोना है

उसमे नदियों का होना तो है

पर बहुत कुछ का खोना भी

और इस रुदन में अपना एक कम्पन होता है

कारण और वजूद भी

पढ़िए पंखुरी सिन्हा की 4 कविताएं
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विशाल तोप की पीठ पर चित लेटकर
दंगों के के बीच तलवार ओढ़कर सोते हुए
मणिकर्णिका पर जलाते हुए अपने जवान भाई की लाश
उठते , बैठते , जागते , दौड़ते हुए
हममें से हर किसी को सपने देखने ही चाहिए
सपने , राख होती इस दुनियाँ की आखिरी उम्मीद हैं

पढ़िए विहाग वैभव की 5 कविताएं
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बीमार बीवी के

होंठ चूमे

और उन्हीं होंठों से

ओम् नमः शिवाय करने लगा

बीवी ठीक हो जाय

और मैं क्या चाहता!

पढ़िए केशव शरण की 6 कविताएं
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कवि निहत्था रहते हुए भी निहत्था नहीं होता। उसके पास कविता की ताक़त रहती है। इस ताक़त यानी इस साहस के भरोसे हर कवि हर हत्यारे से भिड़ सकता है। कवि उमाशंकर सिंह परमार आपको हमेशा हत्यारे से भिड़ने को प्रवृत्त करते हैं।
'कवि-कथा' में उमाशंकर सिंह परमार की कविताओं की पड़ताल कर रहे हैं शहंशाह आलम
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